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यूपी (Uttar Pradesh) के तेज तर्रार और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाले आईपीएस अफसर नवनीत सिकेरा (IPS Navniet Seker) ने फेसबुक पर पोस्ट करके बताया कि आखिर कैसे एक दिन में उन्हें एक मिलियन डॉलर की कमाई कर ली। नवनीत की इस पोस्ट से सब हैरान हो गए फिर उन्होंने सच बताया, वो धन की नहीं बल्कि अच्छे काम से मिलने वाली संतुष्टि की बात कर रहे थे। सिकेरा ने प्रमोशन के बाद लिखी अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि जब उन्हें एडीजी (ADG) पद का बैज मिला, तो उन्होंने इसकी जानकारी अपनी मां को दी।
प्रमोशन की जानकारी के बाद खुश मां ने अपने बेटे की एक और कामयाबी पर उन्हें सैल्यूट किया। सिकेरा (IPS Navneet Sikera) ने फेसबुक पोस्ट में अपने पिता को भी याद किया है। 1996 बैच के आईपीएस अफसर सिकेरा लंबे वक्त तक यूपी के कई जिलों में पुलिस (Police) कप्तान के रूप में काम कर चुके हैं। तमाम अप-राधियों से मुठभेड़ के लिए मशहूर सिकेरा के जीवन पर एक वेब सीरीज (Web Series on IPS Navneet Sikera) भी बन चुकी है।
कहा हुआ जन्म
नवनीत सिकेरा (Navniet Sekera) का जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में 22 अक्टूबर 1971 को मनोहर सिंह यादव के घर हुआ। सिकेरा को उत्तर प्रदेश का ‘सुपर कॉप’ कहा जाता है। नवनीत सिकेरा जन्म 22 अक्टूबर 1971 उत्तर प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में, पुलिस मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस में गृह और कल्याण के पुलिस अतिरिक्तत महानिदेशक (एडीजी) के रूप में सेवारत है।
पाप को किया याद
सिकेरा (IPS Navniet Sekera) ने फेसबुक Post में लिखा, ‘पापा को बहुत मिस कर रहा था, लेकिन मां की चहरे की खुशी से मन खुश हो गया। हुआ यूं कि नए बैज लगने के बाद सबसे पहले मैंने मां को वीडियो कॉल किया और उनको बताया कि अब मैं ADG बन गया हूं। मां ने तुरंत सैलूट मारा और बोली जय हिन्द साहब। सभी हंसते हंसते लोट पोट हो गए। मां से ज्यादा बच्चे को कोई नहीं जानता, उन्होंने एक पल में सब कुछ खुशगवार कर दिया।’ फादर्स डे के मौके पर आईपीएस नवनीत सिकेरा अपने पिता को याद कर भावुक हो गए।
Sh. Navneet sikera IPS ….in Indian police history …. sir you are the best brace pic.twitter.com/EyyD9DNlyd
— Vikrant Singh (@Vikrant26325565) January 24, 2019
उन्होंने लिखा, जिस दिन से पिता का हाथ छूटा है, जीवन सदा के लिए कुछ सूना सा हो गया। जानकारी के मुताबिक आईपीएस नवनीत सिकेरा के पिता का साया उनसे उठ गया था। इसके बाद नवनीत सिकेरा अकेले पड़ गए थे, लेकिन हौसला कम नहीं होने दिया। हिम्मत को मजबूती के साथ बनाये रखा। उन्होंने लिखा, बचपन में उंगली पकड़कर चलना सिखाया, आज भी उन्हीं हाथों में मेरा हौसला है पापा।
एक मध्यम-वर्गीय किसान परिवार में हुआ जन्म
परिवार की आर्थिक स्थिति उंटी अच्छी नही थी। किताब खरीद कर पढ़ाई कर सके या किसी अच्छे स्कूल में एडमिशन ले सके। नवनीत ने अपनी गरीबी को अपनी पढाई के बीच नही आने दिया। नवनीत अपने घर की परिस्थिति को देखते हुए किताबों की फोटो कॉपी कराके अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना प्रारम्भ कर दिया था। उनकी जिदंगी जैसे तैसे कट ही रही थी कि कुदरत को कुछ ही मंजूर था।
@Uppolice @dgpup
My Ideal Sir Navneet Sikera (IPS) promotion on ADG of Police.
Congratulations Sir..🙏💐💐🙏 pic.twitter.com/ACkMglpH9H— Shashi Ranjan Rathore (@shashirathoor) December 24, 2020
उनके जीवन में सबसे बड़ा मोड़ आया जब एक बार उनकी पैतृक जमीन पर कुछ दबंगों ने जबरजस्ती कब्जा कर लिया था। जिसकी शिकायत लेकर उनके पिता पुलिस चौकी पहुंचे। जहां पुलिस इंस्पेक्टर ने उनके पिता से गलत व्यवहार किया। पुलिस द्वारा उनके पिता के साथ किए गए गलत व्यवहार को सिकेरा सहन नहीं कर सके। तभी उन्होंने ठान लिया की मुझे भी एक पुलिस ऑफिसर बनना है। आईजी नवनीत सिकेरा की पत्नी डॉ. पूजा ठाकुर सिकेरा एक सामाजिक कार्यकर्ता, परोपकारी, और महिलाओं के खिलाफ होने वाले गलत काम को जड़ से खत्म करने को लेकर एक सलाहकार के रूप में काम करती हैं।
पढ़ाई की शुरुआत
नवनीत सिकेरा ने अपनी 12 वीं कक्षा तक की पढाई उत्तर प्रदेश के हिंदी मीडियम सरकारी स्कूल से की। नवनीत शुरू से ही पढ़ाई में होशियार था।
इंटर में अच्छे मार्क्स आने के बाद नवनीत सिकेरा बीएससी की पढ़ाई करने दिल्ली के हंसराज कॉलेज पहुंचे। लेकिन कॉलेज में उनको अंग्रेजी ना आने के कारण एडमिशन फॉर्म नहीं दिया गया। फार्म ना मिलने पर उन्होंने हार नहीं मानी और खुद से किताबें खरीद कर पढ़ाई की।
@Support94307661 Proud of UP Police. Salute IPS Navneet Sikera. pic.twitter.com/gD3DQqsE29
— arun sharma (@arunsha42059930) March 12, 2020
अपनी मेहनत-लगन से उन्होंने एक ही बार में आईआईटी जैसा एग्जाम क्रैक कर दिखाया और आईआईटी रूड़की से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरी की। जहां उनके द्वारा बीएससी प्रवेश फार्म मांगने पर कॉलेज के क्लर्क ने उन्हें अंग्रजी ना आने की वजह से शर्मिंदा करके कार्यालय से बाहर निकाल दिया और किराये के लिए पांच रूपये देकर उन्हें वापस उत्तर प्रदेश जाने को कहा। तब नवनीत ने अपने मन में ठान लिया की एक दिन अंग्रेजी न आना उनकी मज़बूरी नही ताकत बनेगी।
UPSC Exam Crack का सफर
वर्ष 1996 में सिकेरा ने यूपीएससी की परीक्षा दी और अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) को पास किया। जिसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में हुई। नवनीत सिकेरा 32 साल की उम्र में ही उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ के सबसे कम उम्र के पुलिस प्रमुख (एसएसपी) बने।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए की पहल
नवनीत सिकेरा ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण हेतु वीमेन पॉवर हेल्पलाइन नंबर 1090 की अवधारणा को विकसित और व्यवस्थित किया था, जिसे यूपी सरकार ने 2012 में लागू किया। नवनीत एक मुख्य वक्ता, कॉरपोरेट मेंटर, ग्रोथ हैकर, पब्लिक सर्वेंट, वुमन एम्पावरमेंट प्रैक्टिशनर और पॉलिसी डिज़ाइनिंग विशेषज्ञ हैं।
इसके अलावा सिकेरा भारतीय फिल्म लेखक संघ के एक सक्रिय मेम्बर भी हैं। नवनीत सिकेरा अपने अब तक के पुलिस करियर में लगभग 60 से भी ज्यादा मुठभेड़ कर चुके हैं। 6 मार्च 2020 को उनके जीवन पर आधारित एमएक्स प्लेयर (MX Player) वेब सीरीज (Web Series) भौकाल (Bhaukaal) को रिलीज़ किया गया। जिसमें आईपीएस नवनीत सिकेरा का मुख्य किरदार एक्टर मोहित रैना (Mohit Raina) ने निभाया।
My Shikhera Sahab & IPS Officer Navneet Sikera from U.P#MohitRaina #MohitHolic @mohituraina pic.twitter.com/CYa1V5jYLp
— Mohit Holic (@MohitHolic) August 29, 2020
पुलिस मुख्यालय लखनऊ एक 10 मंजिला भव्य इमारत है, जिसमें बाहर की तरफ अधिकांश कांच की खिड़कियां लगी हुई हैं। जिनकी सफाई बहुत ही जोखिम भरी और बहुत सावधानी से करनी पड़ती है। मैंने नोटिस किया कि मेरे रूम के बाहर दो लड़के ग्लास की सफाई में लगे हैं। 2 बजे का समय था तेज धूप थी लेकिन वो बड़ी मग्न से अपने काम में बिजी थे।
तभी मुझे विचार आया कि लंच टाइम है, इन मेहनतकश लड़कों के लिए कुछ करना चाहिए। मैंने ग्लास पैन नॉक किया लेकिन उन्होंने मुझे देखा ही नहीं, फिर मैंने और जोर से नॉक किया तो एक लड़के से आंख मिली, मैंने उसको एक तरफ आने को कहा। मैंने नोटिस किया कि अचानक मेरे इस तरह बुलाने से वह लड़का बहुत सहम गया था। पर जैसे ही वह विंडो के पास आया सभी ग्लास विन्डो फिक्स्ड हैं, सिर्फ एक को छोड़कर मैनें ग्लास विन्डो ओपन किया और पॉलिथीन में रखे 6 केले उनको पकड़ा दिए, मैं बोला मेहनत कर रहे हो कुछ खा लो। पसीने से भरे चेहरे पर जो मुस्कान आयी, कसम से, एक मिलियन डॉलर से भी ज्यादा कमा लिए मैंने, बेइन्तहा सुकून मिला मुझे।



