
Bhopal: भारत ने इस वर्ष अपनी आजादी के 75 वर्ष पूर्ण कर चुके है। जिसे सभी लोगो ने मिल कर काफी उत्साह के साथ मनाया है। इसी के साथ भारत की दुकानों में बिकने वाले कई उत्पादों को भी हर घर में राज करते 75 वर्ष पूर्ण हो चुके है।
जी हाँ भारत में कई ऐसे ब्रांड चल रहे है, जिस पर लोग आँख बंद करके भरोसा करते है और समय के साथ उन उत्पादों ने अपने प्रति विश्वास को कई ज्यादा बढ़ाया है। बीते 75 सालो में हर चीज़ में बदलाव आया लोगों ने फैशन के नाम पर कपड़ो का लुक बदल दिया।
खाने पीने की चॉकलेट चिप्स, कुरकुरे और ना जाने क्या क्या इन सब की जगह नए ब्रांडों ने ले ली। परंतु इन 5 चीज़ों की जगह कभी कोई और ब्रांड नहीं ले सका, इन पांच चीज़ों की पेकिंग और मात्रा में फर्क जरूर आया है, परंतु इनका स्वाद और लोगो का इन पर विश्वास आज भी वही है, तो आइये हम उन 5 चीज़ों की बात करते है, जो आज भी हर घर के किचिन का ताज बनी हुई है।
1. पारले जी, (जी याने जीनियस)
परलेजी बिस्कुट (Parle-G Biscut) का एक ऐसा ब्रांड है, जो हर किसी की जुबान पर है। वर्ष 1929 में पहली बार परलेजी मार्किट में उतरा था, जब से आज तक कई ब्रांड की बिस्कुल आई परंतु कोई भी बिस्कुल आज तक परलेजी की टक्कर नहीं कर सकी।
आज भी यह बिस्कुल माध्यम वर्गी परिवार में खाया जाता है। अभी के समय के कुछ ब्रांड जो ग्लूकोस बिस्कुल बनाते है उन्होंने परलेजी से टक्कर लगाई है। इस कारण मार्किट में पारले थोड़ा मंद भी पड़ गया।
My Favorite Biscuit Parle-G. pic.twitter.com/frJ31fcPMc
— sanatanpath (@sanatanpath) August 19, 2022
आज भी पारले बिस्कुट लोगो में काफी ज्यादा फेमस है, इसकी खास बात यह भी है कि यह भारत में ही बनने वाला ब्रांड है, साथ में यह स्वास्थ्य बर्धक भी है। एक सर्वे के दौरान पता चला की आपदा काल में सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट पार्लेजी ही है और पिछले 25 वर्ष से आज तक पारले ब्रांड ने अपनी कीमत नहीं बढ़ाई परंतु उसका व्यापार विस्तृत हुआ है।
2. होर्लिक्स (ताकत का राज)
जिस घर में छोटे बच्चे है और उस घर में होर्लिक्स (Horlicks Powder) न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। पुराने समय में अच्छा परिवार जो आर्थिक रूप से मजबूत होते थे, वे अपने बच्चे के दूध में छुआरे या खजूर डाल कर पिलाते थे उनका मानना था कि खजूर के दूध से ताकत आती है और बच्चा तंदुरुस्त होता है।
वर्तमान में छुआरे की जगह होर्लिक्स ने ले ली, जब तक बच्चा होर्लिक्स नही पीता, तब तक वो दूध भी नहीं पीता। जानकारी के अनुसार बता दें कि हॉर्लिक्स एक मॉल्टेड मिल्क ड्रिंक है, जिसका चलन शिकागो के रहने वाले दो भाइ विलियम और जेम्स ने की।
परंतु भारत में इसका चलन प्रथम विश्व युद्ध खत्म होने के उपरांत हुआ, होर्लिक्स प्रथम विश्व युद्ध के सैनिकों को डायट सप्लीमेंट के रूप देते थे। यह शुरुआती दिनों में अमीर परिवार का खास हुआ करता था, परंतु अब इसका इस्तेमाल मध्यम वर्गीय परिवार में भी होने लगा है।
3. किसान जैम (रोटी में खाओ या ब्रेड में)
किसान जैम (Kisan Jam) की शुरुआत वर्ष 1935 में यूके के मिशेल भाइयो के द्वारा बेंगलोर में फ्रूट और वेजिटेबल को प्रोसेस करके बनाया गया था। यह ब्रांड भी लोगों के बीच काफी फेमस है, सुबह के नास्ते में लोग ब्रेड पर जैम लगा कर खाना बेहद पसंद करते है। इसका खट्टा मिटा और मिक्स फ्रूट का स्वाद लोगों को काफी ज्यादा पसंद होता है।
4. रसना (Rasana)
अक्सर गर्मी शुरू होते ही लोगों के घर में रसना का एक बड़ा सा पैकेट लाकर रख दिया जाता है। बहुत से लोगों को कहते सुना है कि गर्मी उनकी रसना के सहारे ही काटती है। आपने भी टीवी पर ऐड देखा ही होगा जब एक लड़की तेज़ चील चिलाती धुप को देख कर अपनी माँ से रसना मांगती है और उसे पीकर आई लव यू रसना कहती है।
वर्तमान समय में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा, जिसने रसना का स्वाद ना चखा हो। रसना की एंट्री भारतीय बाजारों में तब हुई जब लिम्का और थम्स अप जैसे कार्बोनेड ड्रिंक्स पुरे मार्केट पर छाए हुये थे। रसना बच्चों के साथ बड़ों को भी खूब भाता है और यह कम खर्चे पर काफी अच्छा कोल्ड ड्रिंक है।
5. डालडा (हर किचिन का राजा)
वर्ष 1937 में मार्किट में आया डालडा ब्रांड (Dalda Brand) भारतीय बाजार में काफी तेज़ी से अपनी जगह बना रहा था और वर्ष 1990 तक यह भारतिया घरों के सभी किचिन तक पहुच चुका था। यह घी के उपयोग का काफी अच्छा विकल्प था, जो देशी घी (Desi Ghee) की तरह था और कीमत भी किफायती थी।
फिर इस समय बाद, लोगों ने डालडा के लिए कुछ ऐसी बातें कही की लोगों का तो जैसे मन भर गया था। लोगों की खबर के मुताबिक डालडा बनाने में पशुओं की चर्बी का प्रयोग होता है, जो भारतीय समाज के परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका था।



