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Delhi: यह भारत के राज्य हरियाणा की बेटी की सफलता की कहानी है जो अपने पिता और दादा की दी हुई सीख से सफलता पाने में कामयाब हुई। बता दे की दादरी की बेटी नव्या सांगवान ने कमीशन प्राप्त करते हुए सेना में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुई हैं। मेडिकल कौर में नियुक्त हुई नव्या ने पिता जेल अधीक्षक पिता और दादा पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान से मार्गदर्शन लेते हुए बचपन से ही देश सेवा करने निर्णय कर लिया था।
नव्या की नियुक्ति उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सेना अस्पताल में लेफ्टिनेंट के पद पर हुई है। एक हिंदी अखबार में बताया गया की नव्या सांगवान के पिता सुनील सांगवान रोहतक जेल के सुप्रीडेंट पद पर कार्यरत हैं और माता सुनीता देवी प्राध्यापक के साथ घर संभाल रही हैं।
नव्या का भाई मानव मनव सांगवान भी NDA के बाद सेना में लेफ्टिनेंट के लिए ट्रेनिंग ले रहा है। दादा सतपाल सांगवान का पॉलिटिक्स और पिता जेल अधीक्षक के पद पर रहते हुए उनकी फॅमिली ने अपने दोनों बच्चो को सेना में भेजने का फैसला लिया। यहीं वजह है कि नव्या ने बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का निर्णय कर रखा था।
Really proud of Navya er.. Dr Navya Sangwan.
Congratulations to her parents and grand-parents.Thank you for getting the world know @satsingh15 ji pic.twitter.com/Q7owCCWJvJ
— Dr Vishesh (@Dr_VisheshSingh) May 18, 2021
नव्या सांगवान में देश के प्रति सेवा करने का मन बहुत पहले से ही बना लिया था। नव्या की प्राथमिक शिक्षा दादरी में ही हुई है। नव्या की सफलता पर घर के सभी लोगो ने स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। नव्या ने एक हिंदी अखबार को बताया की दादा सतपाल सांगवान उसे सेना में भेजना चाहते थे और लगातार उसे देश सेवा करने की प्रेरणा दी।
उनके पिता पिता जेल अधीक्षक सुनील सांगवान ने सेना में जाने के लिए बेटी को प्रेरित किया। उन्हीं की प्रेरणा पाकर वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहती है। नव्या सांगवान का सेना के मेडिकल कॉलेज में दाखिला होने से पहले रोहतक पीजीआई में भी हो गया था, लेकिन पिता और दादा की प्रेरणा से एएफएमसी में प्रवेश लिया ताकि देश की सेवा की जा सके।



