चायवाले की बेटी भारतीय एयरफोर्स पायलट बन गई, पिता की इस सीख से सफलता हासिल की

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Aanchal Gangwal MP
Daughter of Tea seller is now a flying officer in Indian Air Force. She is Aanchal Gangwal. Aanchal Gangwal, daughter of a teaseller graduated frm the IAF Academy and got commissioned as an officer.

Photo Credits: Twitter

Bhopal, Madhya Pradesh: वैसे तो समय समय पर भारत की बेतिया देश और विदेश में सफलता के झंडे गाड़ती रहती है। देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने वाली देश की बेटियां अपने माता पिता की भी दुलारी होती है। ऐसे ही मध्य प्रदेश के नीमच में चाय की गुमटी लगाने वाले की बेटी ने अपने वो कारनामा कर दिया, जिसकी उम्मीद लोगो ने नहीं की थी।

मध्य प्रदेश के नीमच की बेटी भारतीय वायु सेना में अफसर बन गई और बचपन से ही सेना में जाने का सपना सच हो गया। कुछ समय पहले वायु सेना अकादमी डांडीगल हैदराबाद से पासिंग आउट परेड में आंचल को राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया था। आंचल 123 फ्लाइट कैडेटों के साथ उस वक़्त वायु सेना के अधिकारियों में शामिल हो गई थी।

आंचल के पिता सुरेश गंगवाल मध्य प्रदेश में चाय की गुमटी लगाते हैं और माता बबिता गंगवाल गृहिणी है। मध्यप्रदेश की 23 साल की आंचल जब हैदराबाद में एयरफोर्स ट्रेनिंग एकेडमी में एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के सामने मार्च पास्ट कर रही थीं, तो उनकी आँखे नम हो गई थी। इसकी वजह उनके पिता का संघर्ष था, जिन्होंने सभी दिक्कतों के बीच बेटी को बताया लिखाया। उस दिन 123 कैडेट्स के साथ आंचल गंगवाल की भारतीय वायुसेना में कमिश्निंग हुई तब सारा परिवार ख़ुशी से झूम उठा था।

मध्यप्रदेश की बेटी की इस उपलब्धि के लिए सीएम शिवराज सिंह ने आंचल को बधाई भी दी थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने वाली बेटी आंचल अब देश के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए अनंत आकाश की ऊंचाइयों में उड़ान भरेगी। बेटी को बधाई, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।

एक हिंदी अख़बार में छपी खबर के मुताबिक़ आंचल के पिता सुरेश गंगवाल ने बताया था की, मेरे दो बेटी और एक बेटा है। मैंने कभी बेटियों को आगे बढ़ने से नहीं रोका। बड़ी बेटी ने कड़ी मेहनत कर आज यह सफलता प्राप्त की है। आंचल ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिस्थितियों का भी सहजता से सामना किया।

उन्होंने आगे बताया था की वह सीताराम जाजू शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच से कम्प्यूटर साइंस से स्नातक किया है। वह शुरू से ही पढ़ाई में टॉपर रही है। बोर्ड की परीक्षा में उसने 92 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। आंचल के पिता ने बताया कि मेरे तीनों बच्चे शुरू से ही अनुशासन में रहे। मैं पत्नी के साथ बस स्टैंड पर चाय-नाश्ते का ठेला लगाता हूं।

उन्होंने कहा की जब मैं काम करता, तो तीनों बच्चे हमें देखते रहते थे। कभी कोई मांग नहीं की। जो मिल जाता उसमें खुश रहते। कभी भी दूसरों की देखा-देखी नहीं की। यही अब तक की मेरी पूंजी और बचत है। आप उन्हें अपने बच्चो पर बहुत गर्व है।

पिता के मुताबिक़, 2013 में उत्तराखंड में आई त्रासदी और वायुसेना ने जिस तरह वहां काम किया। उसे देखकर आंचल ने अपना मन बदला और वायुसेना में जाने की कोशिश सगुरु कर दी। वायु सेना में जाने से पहले आंचल मध्यप्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक और श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक के रूप में 8 महीने तक काम कर चुकी हैं। फिर उसने यह नौकरी छोड़ दी।

https://twitter.com/surajkaul4/status/1275052070178099202

आंचल ने मीडिया को बताया की जीवन में दिक्कतें आती हैं, लेकिन उनका सामना करने का हौसला होना जरूरी है। शुरु से ही मेरा केवल एक लक्ष्य था। हर हाल में वायुसेना में जाना है। अंत में 6th कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुसीबतों से न घबराने का सबक उन्होंने अपने पिता से सीखा है। उनके पिता ने जीवन में बहुत मेहनत की है।

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