आर्थिक तंगी के बावजूद नौकरी करते हुए UPSC की तैयारी की और डॉक्टर होते हुए IAS अफसर बने

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IAS Nagarjun B Gowda story
IAS Topper Nagarjun B Gowda success story in Hindi. Village boy Nagarjuna B Gowda from Karnataka who has secured AIR 418 in UPSC, CSE 2018.

Photo Credits: IAS Nagarjun B Gowda on Social Media

Bhopal: हर साल लाखों युवा आईएएस और आईपीएस बनने का सपना लिए कड़ी मेहनत करते है। कुछ के पास हर वो साधन होता है, जिनकी उनको जरुरत होती है और कुछ के पास कुछ भी नहीं। सपना वो नहीं जो बन्द आँखों से देखा जाए सपना तो वो है, जो सोने ही न दें।

अपने लक्ष्य को पाने के लिए दृढ संकल्पित होना जरुरी होता है। कभी कभी तो संसाधनों के आभाव वाला व्यक्ति भी दुनिया में अपना नाम बना लेता है। इस बात का उदाहरण बने आईएएस अधिकारी नागार्जुन। 2019 के बैच में इन्होंने अपना नाम दर्ज किया।

इनका पूरा नाम नागार्जुन बी गौड़ा (IAS Nagarjun B Gowda) है। यह कर्नाटक के एक छोटे से गांव में सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े है। यह बहुत जुनूनी पर्सनालिटी के है। इनका लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा पास करना था। जैसे महाभारत काल में अर्जून को सिर्फ चिड़िया की आंख दिख रही थी।

उसी तरह नागार्जुन को सिर्फ अपना लक्ष्य UPSC दिखाई देता था। इसके लिए उन्होंने लगातार पढ़ाई की। उनके सामने कई तरह की परेशानी आईं, लेकिन उन्होंने वो सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। आज इस पोस्ट में जानेंगे उनकी कहानी।

IAS अफसर डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा

आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) नागार्जुन बी गोंडा का जन्म 9 मई, 1992 को कर्नाटक के एक छोटे से गांव में हुआ। नागार्जुन का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमज़ोर था और जिस गांव में वे पाले बड़े थे। वहाँ कुछ ख़ास सुविधाएं नहीं थी। इस हालत को देख कर बचपन से ही उनके दिमाग में कुछ बड़ा करने का सपना था।

शुरूआत से ही नागार्जुन कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढाई करते हुए अपनी इंटरमीडियट की परीक्षा पास की और उन्होनें मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा दी। जिसमे सफलता प्राप्त की और फिर MBBS के लिए दाखिला लिया।

MBBS की पढ़ाई पूरी होते ही उन्होनें एक हॉस्पिटल में रेजिडेंट के पद पर ज्वाइन किया, लेकिन उनका लक्ष्य IAS था। उन्होनें UPSC परीक्षा को ही अपनी जिंदगी बना ली थी। परन्तु उनके घर में पहले से ही आर्थिक समस्या बहुत थी। इसलिए नौकरी करना उनकी मजबूरी थी। इस कारण से उन्होंने नौकरी के साथ ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

कैसे मिली UPSC सफलता

नागार्जुन ने साल 2018 में UPSC की परीक्षा पास कर ली। लेकिन उनका यह दूसरा प्रयास था। जो नोकरी करते हुये अपनी मेहनत और लगन से 418वीं रैंक प्राप्त की और अपने लक्ष्य को पूरा किया।

नागार्जुन ने एक अख़बार को अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा की सही रणनीति के साथ यदि आप रोज़ 6-8 घंटे की पढ़ाई मन लगा करते है, तो नौकरी करते हुए भी आप इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते है।

उनका मानना हैं कि इस परीक्षा की तैयारी के समय ज़रूरी है कि आप जल्द ही कोर्स ख़त्म कर लें। जिससे रिविज़न के लिये पर्याप्त समय मिल जाये। आपको बता दे कि हाल ही में उन्होनें IAS अफसर सृष्टि देशमुख (IAS Srushti Deshmukh) जो MPPSC की टोपर है, उनसे शादी कर ली है।

बिना कोचिंग के कैसे हासिल की सफलता

काफी लोग यूपीएससी की परीक्षा और अन्य परीक्षाओं को पास करने के लिए बेस्ट से बेस्ट कोचिंग लेते हैं। लेकिन कोचिंग जरुरी नहीं होती। नागार्जुन ने नौकरी की और साथ में बिना कोचिंग के तैयारी कर सफलता हासिल की और एक मिसाल पेश कर दी।

नागार्जुन ने बताया कि 6 से 8 घंटे स्वयं को तैयारी करना होता है। आप पढ़ाई के लिए एक शेड्यूल तैयार कर लें और उसके हिसाब से पढ़ाई करे एक बार में ही पूरे साल का शेड्यूल बना लेना चाहिए। आपको कब और क्या पढ़ना है, ये निश्चित करले। जिससे आप निश्चित समय में अपने टारगेट पूरे कर सकेंगे।

नागार्जुन ने उन छात्रों को बताया कि कोचिंग करना और नहीं करना आपका फैसला है। अगर बिना कोचिंग के आप स्वयं विषय समझ ले, तो आपके लिए बहुत अच्छा होगा। परंतु आप कुछ चीजों को नहीं समझ पा रहे और किसी की मदद लेना चाहते है, तो आप ले सकते है। इस स्थिति में आप कोचिंग ज्वॉइन करें। परंतु लास्ट काम सेल्फ स्टडी ही सफलता दिलाती है।

दूसरे छात्रों को नागार्जुन की सलाह

नागार्जुन के अनुसार आपको यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने के लिए स्मार्ट स्टडी करना होती है। विशेष तौर पर उन लोगो को जो नौकरी करते हैं, वे सब कुछ नहीं पढ़ पाते। ऐसी स्थिति में सबसे पहले सिलेबस देखें और पिछले साल के प्रश्न पत्र को पढ़े विचार करें कि कौन सा भाग आपके लिए महत्वपूर्ण है और किस सब्जेक्ट में क्या छोड़ना है।

नागार्जुन कहते हैं किसी भी परीक्षा के लिए हार्डवर्क और डेडिकेशन सब कुछ होता है। आपके पहले के अंक इन परीक्षा में कोई मैटर नहीं करते। इस लिए अपने पास्ट को कभी भी खुद पर हावी न होने दो। जिस भी टॉपिक में आपकी पकड़ अच्छी है, पहले उसको हल करे। उसके बाद बचे हुये पार्ट पर ध्यान दे।

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