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Delhi: आज के समय में देश के युवाओ ने आपदा काल जैसा कठिन दौर भी देखा है। ऐसे में अब यह बात भी युवाओ को समझ आई है की सरकारी नौकरी (Government Job) में जीवन सिक्योर रहता है, तो ऐसे में अब युवा सिविल सर्विस एग्जाम (Civil Service Exam) की तरफ खींच रहे है। अब UPSC परीक्षा देने वालो की तादात भी बढ़ने लगी है।
आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी (IAS Officer) के बारे में बताने जा रहे हैं, उन्होंने केवल 23 साल की उम्र में ही देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी को सफलता पूर्वक क्रैक कर (UPSC Success) लिया। इन्होने केवल UPSC एग्जाम क्रैक ही नहीं किया, बल्कि अच्छी खासी रैंक भी प्राप्त की। अब आईएएस अधिकारी बनकर निशा ग्रेवाल (IAS Nisha Grewal) अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है।
निशा ग्रेवाल ग्रामीण क्षेत्र से आती हैं
लोग सोचते हैं की केवल शहरों के अभ्यार्थी ही ऐसा मुकाम हासिल कर सकते हैं, तो वे गलत है। निशा ग्रेवाल ग्रामीण क्षेत्र से नाता रखती हैं। पढ़ाई में बहुत अच्छी और मेधावी स्टूडेंट (Brilliant Student) होने के कारण उनके परिवार ने पूरा सपोर्ट किया और वो गांव से निकलकर अपनी मंजिल तक सफलता से पहुँच पाई। निशा के इस सफलता के सफर को जानकर आपको भी प्रेरणा जरूर मिलेगी।
निशा ग्रेवाल हरियाणा के भिवानी (Bhiwani Haryana) के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम सुरेंद्र ग्रेवाल और मां का नाम प्रोमिला है। उनके पिता बिजली विभाग में एक इलेक्ट्रिशियन के तौर पर कार्यरत हैं और उनकी मां घर पर हाउसवाइफ हैं। मिडिल क्लास परिवार से आने वाली निशा की शुरुआती पढ़ाई हरियाणा के भिवानी से ही हुई।
हाईस्कूल में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किये
निशा ग्रेवाल ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई भिवानी पब्लिक स्कूल से हासिल की है। उन्होंने हाईस्कूल में बहुत अच्छे अंक हासिल किए। इसके बाद वो ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं। यहां उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक शास्त्र में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली और यूपीएससी की तैयारी (UPSC Preparation) करना शुरू कर दिया। दिल्ली में सिविल सर्विस की तैयारी का बहुत क्रेज़ है और पूरे देश से अभ्यर्थी यहाँ आते है।
दादा ने उन्हें यूपीएससी परीक्षा के लिए मोटिवेट किया
IAS अधिकारी निशा ग्रेवाल ने एक हिंदी अख़बार को बात चीत में बताया था कि उनके दादा रामफल ग्रेवाल ने उन्हें यूपीएससी परीक्षा के लिए हमेशा मोटिवेट किया था। उनके दादा एक अध्यापक हैं। अपनी UPSC परीक्षा की तैयारी के वक़्त भी उन्होंने अपने दादा से तैयारी के लिए कई बातों पर मार्गदर्शन लिया था।
इंटरनेट पर मुहैया मेटेरियल और न्यूज़ पेपर का भी इस्तेमाल
निशा बताती हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी वक़्त उन्होंने सबसे पहले अच्छी तरह से सिलेबस को समझा और फिर NCERT की किताबों से शुरूआती ज्ञान हासिल किया। फिर कुछ सिलेक्टेड किताबों को ही पॉइंट करके पढ़ाई की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने इंटरनेट पर मुहैया मेटेरियल का भी इस्तेमाल किया।
यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 51वीं रैंक हासिल की
इसके साथ खुद को अपडेट रखने के लिए वो न्यूज़ पेपर भी लगातार पढ़ती रही। परीक्षा की तैयारी के लिए निशा हर रोज़ लगभग 8-9 घंटे पढ़ाई करती थीं। उसके बाद सही मेहनत करके उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक करके यह बड़ी सफलता हासिल की। साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 51वीं रैंक हासिल कर अपने सपनों का सच कर दिखाया।
निशा बताती हैं कि यूपीएससी परीक्षा के लिए 8-9 घंटों की पढ़ाई अगर ईमानदारी से की जाये, तो सुफिसिएंट है। सही राह पर निरंतर मेहनत करते रहने से एक दिन जरूर जीत आपके हाँथ में होगी। निशा ने तो मात्र 23 साल की उम्र में ही अपने पहले अटेम्ट में यह उपलब्धि हासिल कर ली।



