
Kanpur: यदि कोई अपने मन में ये निश्चय कर ले, उसे किसी लक्ष्य को अपने जीवन मे हासिल करना ही है। तो उसकी यह इच्छा एक दिन जरूर ही पूरी होती है। बस जरूरत होती है कि वह उसे प्राप्त करने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत करे परिश्रम करे। सिद्दत से की गई मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती। लगभग हर युवा का सपना होता है, वह सरकारी नौकरी प्राप्त करे और अपने लिए एक बेहतर भविष्य को चुनकर अपना करियर बनाये।
तुषार जायसवाल जिन्होंने 2018 में पास किया यूपीपीसीएस-जे की परीक्षा
हर युवा काफी सालों तक इसके लिए मेहनत परिश्रम भी करता हैं। लेकिन अपने देखा होगा कि सफलता ना मिलने की वजह से कुछ लोग अपने सफर को बीच मे ही खत्म कर देते हैं।
वही कुछ ऐसे भी युवा होते हैं, जो तब तक मेहनत करते है, जब तक कि उनको सफलता प्राप्त नहीं हो जाती। तब आज की हमारी कहानी कानपुर सहर के तुषार जयसवाल नाम के यूपीएससी Candidate की है। जिसने वर्ष 2018 में यूपीपीसीएस-जे (UPPCS-J) नाम कि परीक्षा को पास किया है।
17 साल तक की तैयारी अन्त में मिली सफ़लता
तुषार जायसवाल (Tushar Jaiswal) की बात करे, तो उसकी पहले से ही ख्वाहिश थी कि वह सिविल सेवा (Civil Service) में अपना करियर बनाये। इसके लिए वह काफी लंबे समय से तैयारी भी कर रहे थे। वह कितनी कड़ी मेहनत कर रहे थे।
उसका अंदाजा इस बात से आप लगा सकते है कि बीते 17 साल से वह इस सिविल सेवा परीक्षा की ही तैयारी कर रहे थे। पेपर देने के दोरान वह बहुत बार मेंस तथा इंटरव्यू तक भी पहुंचे। लेकिन किसी ना किसी कारण की वजह से वह सफल नहीं हो पाए।
सफ़लता के बाद बने सिविल ज़ज, रोज करते थे पुराने प्रश्न की प्रैक्टिस
कई बार उनको भले ही असफल मिली, लेकिन कभी तुषार ने हार नहीं मानी। कभी उन्होंने खुद को निराश नहीं होने दिया। उन्होंने स्वयं को Motivate किया और हिम्मत ना हारते हुए मेहनत के साथ मे अच्छे से आगे की तैयारी की।
तैयारी के दोरान तुषार जी ने न्यायिक सेवा की भी तैयारी की उन्होंने कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया। अपनी तैयारी के समय मे तुषार दिन-रात मेहनत करते पुराने प्रश्नों का रोज अभ्यास करते थे।
मेहनत करते करते आखिरकार वह साल आ ही गया, जब तुषार की मेहनत रंग लाई उन्हे अपनी सफलता का स्वाद चखने मिल ही गया। 2018 में तुषार जी ने यूपीपीसीएस-जे के Exam को Clear किया। इस सफलता को हासिल करने के साथ ही वह सिविल जज (Civil Judge) बन गए।
जाने तुषार जी की स्कूलिंग और तैयारी के विषय मे
तुषार बताते हैं कि तैयारी में उनके परिवार ने उनका हमेशा साथ दिया तुषार जी ने अपने शिक्षा के बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि 1997 में उन्होंने जयपुरिया स्कूल से अपनी 10वीं की परीक्षा पास की थी। उसके बाद मे 1999 में उन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की।
वह बताते है कि जब उनकी स्कूली पढ़ाई पूरी हुई, उसके बाद में 2002 में उन्होंने पीपीएन कॉलेज में बीएससी करने लिये एडमिशन लिया। यहां पढ़ने के दोरान ही उनका मन सिविल सेवा परीक्षा की ओर हुआ। यहा से ही वह सिविल सेवा की तैयारी में लग गए।
घर वालों ने हमेशा Motivate किया
तैयारी के दौरान ऐसा कई बार हुआ कि वे प्री निकाल कर मेंस तथा उसके बाद मे इंटरव्यू तक पहुंचे। लेकिन किसी में भी वह सफल नहीं हो पाए। कई बार उनको असफलता मिली पर उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने उन्हें हिम्म्त नहीं हारने दिया।
सभी ने तुषार को हौंसला दिया उनको आगे मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2012 के समय में डीसी लॉ कॉलेज के जो शिक्षक अनिल भट्ट जी थे। उन्होंने तुषार को आगे लॉ पढ़ने के लिए काफी प्रेरित किया। जिसके बाद से ही उन्होंने लॉ की पढ़ाई (Law Study) अच्छे से पूरी कि। इसी समय पर उन्होंने पीसीएस-जे की Preparation भी प्रारम्भ कर दी थी।
अपनी परीक्षा को रखा सबसे उपर अपनी शादी को कई बार टाला
तुषार बताते हैं कि उनकी शादी 30-31 जनवरी वर्ष 2019 में होने वाली थी। इसी समय पर उनको पीसीएस-जे से इंटरव्यू के लिए तारीख मिल गई थी, जिसके लिए उन्हें जाना था।
उन्होंने इंटरव्यू के लिए अपनी शादी को कई बार टाला। पहले उन्होंने अपने सपने को ही उपर रखा। तुषार के माता पिता की बात करे, तो उनके पिता जिनका नाम अशोक जायसवाल है, वह एक होटल व्यावसायी हैं। वही मां की बात करे, तो उनका नाम कल्याणली जायसवाल है, जो की एक कुशल गृहिणी हैं।




