
Jabalpur: गर्मियों का मौसम आते ही कई रसीले फल बाजार में अपनी जगह बना लेते हैं, उन्हीं में से एक है अंगूर। सूखे अंगूरों को किशमिश (Kishmish) कहा जाता है। ये एक फ़ारसी वर्ड है, पारम्परिक रूप से बड़े आकार के अंगूरों की किस्म को हिन्दी में मुनक्का कहा जाता है।
इस मौसम में अंगूर (Grape) का स्वाद मीठा आता है। इसके साथ ही इसकी कीमत भी ज्यादा नही होती। ऐसे में आप अंगूर की मिठास का फायदा दो प्रकार से ले सकते हैं। एक तो आप इसे फ्रूट सलाद के साथ खा सकते हैं और दूसरा आप इससे किशमिश बना कर स्टोर कर सकते है।
आज हर घर की खास रेसिपी में हम अंगूर से किशमिश बनाना (Angoor To Kishmish) सीखेंगे जैसा की हर घर में हम जानते है कि ड्राई फ्रूट एक बहुत ही स्पेशल तथा हर दिन उपयोग किया जाने वाली चीज है। ड्राई फ्रूट में काजू, किशमिश, बादाम का नाम पहले आता है।
किशमिश इसका एक अभिन्न हिस्सा है। किशमिश ना केवल स्वाद बढ़ाने में काम आता है। बल्कि यह मानव शरीर के कई रोंगों का भी इलाज करने में मदद करता है। आप जानते है कि किशमिशों के वज़न का 67 प्रतिशत से 72 प्रतिशत शक्कर होता है, जो अधिकतर ग्लूकोस और फ़्रूक्टोस के रूप में होता है। इनका 3 प्रतिशत भाग प्रोटीन और 3.5 प्रतिशत भाग पाचन में हेलफूल फ़ाइबर होता है।
उसमें विटामिन सी बहुत होता है
ख़ुबानियों और आलू बुख़ारों की तरह इनमें लाभदायक प्रति ऐंटी ऑक्सिडॅन्ट की अधिक मात्रा होती है। लेकिन ताज़े अंगूरों की बात करे, तो उसमें विटामिन सी बहुत होता है, किशमिश की अपेक्षा। इनमें सोडियम की मात्रा भी ज्यादा नहीं होती और कोलेस्टेरॉल भी ना के बराबर होता।
किशमिश (Raisins) दिल की बीमारियों की समस्या का समाधान करने में मदद करता है। इन सब को हम सभी अच्छे से जानते है। इसे ही ध्यान में रखकर आज हम किशमिश बनाने के कई तरीकों को आपके पास लेकर आये है।
Healthy Kishmish Made from Dry Grabes pic.twitter.com/YpD5BziSyb
— Ek Number News (@EkNumberNews) April 30, 2022
इसकी खास बात यह होगी कि अगर आप किशमिश बनाना सीख जाते है। तो आपका बजट भी कम हो जायेगा और पैसो की बचत भी हो पायेगी। तो हम देखते है कि किन किन तरीकों से हम घर में ही किशमिश बना (How To Make Kishmish From Grapes) सकते है।
अंगूर से किशमिश बनाने की विधि
हम घर पर केवल अंगूर को ड्राई करके किशमिश बना सकते है। यह प्रकिया बहुत ही सरल एवं कम खर्चीली है। किशमिश बनाने के लिए सबसे पहले हम बॉयल वाटर में अंगूरों को पॉंच से दस मिनट तक डाले रखते है।
उसके बाद हम अंगूर को निकालकर फ्रिज से ठंडा पानी लेकर उस पर डाल देते है। उसके बाद अंगूर के जितने वेस्ट जैसे डंठल को निकाल कर अलग कर देते है। एक मोटे ड्राई कपड़े में हम अंगूर को डाल देते है। ताकि उसका सारा पानी पुछ जाये बस इसके बाद हमें कुछ नहीं करना होता है।
हम अंगूर को धूप में सूखने के लिए रख सकते है। किशमिश को बनने में केवल 96 घंटे का समय लगता है, लेकिन अगर मौसम खराब हो, तो इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। जब अंगूर सूख जाते है तब किशमिश बनकर तैयार हो जाती है।
कम समय में किशमिश बनाने के लिए हम ओवन का भी इस्तेमाल कर सकते है। अंगूरों को सूखे कपड़े से निकालकर हम धूप में ना सुखाकर इसे ओवन पर 180 से 190 डिग्री सेंटीग्रेट पर बेक कर सकते है। कुछ ही घंटे लगभग 18 से 24 घंटे में हमारे किशमिश बन कर तैयार हो जाते है। इस तरह हम घर बैठे बहुत ही कम समय में किशमिश बना सकते है।
किशमिश भारत में कहां बनती हैं
किशमिश बनाने के लिए सूरज की रोशनी ही सबसे महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। कहते हैं कि सूरज की रोशनी में बनाई किशमिश बहुत ही स्वादिष्ट और मीठी लगती है। किशमिश का उत्पादन दुनिया के कई देशों में किया जाता है।
1/2किलो अंगूर से ढेरों किशमिश बनाना बहुत सस्ता है,फिर कभी बाजार से नहीं खरीदोगे/घर की बनी Kishmish https://t.co/6zV34TRgWB pic.twitter.com/qE0AqvZukG
— Ruqaiya Parveen (@RuqaiyaaParveen) April 8, 2021
विदेशो में भी बहुत अधिक मात्रा में किशमिश का उत्पादन किया जाता है, जैसे यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और आयरलैंड जैसे देशों में इसको बनाया जाता है। किशमिश का उत्पादन करने में भारत भी पीछे नही है। भारत में भी कुछ जगहों में किशमिश का उत्पादन किया जाता है। महाराष्ट्र के सांगली, शोलापुर और नासिक, कर्नाटक के बीजापुर और जिलों में किशमिश का उत्पादन होता है।



