कल्पना चावला के बाद देश की एक और बेटी अंतरिक्ष में नाम रोशन करेगी, ISRO में हुआ चयन

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Surbhi ISRO Scientist
Haryana daughter Surbhi selected as scientist in ISRO. After Kalpana Chawla, Karnal gives second daughter who became Space scientist. Surbhi got 8th rank in ISRO exam.

Photo Credits: Social Media

Karnal: बेटियाँ अपने परिवार का मान होती है और अब तो देश का सम्मान भी बन रही है। आज ऐसी बहुत सी बेटियां है, जो बड़ी ख्याति और सफलता हासिल कर चुकी हैं। कई बेटियां सर्वोच्च पदों पर आसीन है और देश सेवा कर रही है। ऐसी ही हरयाणा की एक बेटी ने कारनामा कर दिखाया है। हरियाणा के करनाल (Karnal) से कल्‍पना चावला (Kalpana Chawla) के बाद एक और बेटी ने अंतरिक्ष तक नाम रोशन करने जा रही है।

आने वाले दिनों और साल में इसरो बहुत से खास मिशन करने जा रहा है। ऐसे में भारतीत स्पेस एजेंसी (Indian Space Research Organisation) को सोशल कामगारों और वैज्ञानिकों की जरुरत है। बीते दिनों में इसरो के एग्जाम में कुछ लोगो को कामयाबी मिली है। इस योग्य उम्मीदवारों में कुछ बेटियाँ भी है, जिन्हे देश का नाम अंतरिक्ष की दुनिया में पहुंचाने का जिम्मा मिलेगा।

इंद्री में रहने वाली सुरभि (Surbhi) का चयन इसरो (ISRO) में हो गया है। यह चयन इसलिए और ख़ास हो जाता है, क्योंकि सुरभि भी कल्पना चावला के शहर करनाल से ही संबंध रखती हैं। सुरभि ने कड़ी मेहनत और पढाई करके यह सफलता प्राप्त की है। उनके माता पिता ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुसखि ज़ाहिर की है।

इस खबर के आने के बाद सुरभि को पूरे शहर, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने शुभकामनाये देकर उनका शानदार स्वागत किया। सुरभि ने एक अख़बार को बताया कि उन्होंने वाईएससी यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक की डिग्री पूरी की हैं।

इसके बाद गेट परीक्षा की तैयारी करने में जुट गई। हालाँकि कुछ समय बाद उन्होंने IT कंपनी TCS में नौकरी भी की। फिर उसका चयन BSNL में JE की पोस्ट के लिए भी हो गया। परन्तु, उन्हें तो इससे भी बड़ा कुछ करना था।

सुरभि ने अख़बार को बताया की जब इसरो ने एक साथ 100 सैटेलाइट लांच किए थे, उस वक़्त से ही उनके मन में इसरो में काम करने की तमन्ना जाग गई थी। उन्होंने इसरो की प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मलित होने का फैसला किया और आल इंडिया 8वीं रैंक भी प्राप्त कर ली। अब एक वैज्ञानिक (Space scientist) के रूप में उनका चयन इसरो में हो गया।

उनके पिता बलदेव राज और माता वीनू ने अपनी बेटी की इस कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनको अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था, जिस तरह वह कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करती थी, उसको एक दिन सफलता मिलेगी, इस बात की गारेंटी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं की सुरभि को ट्रेनिंग के बाद बड़ी ज़िम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का क्रेडिट अपने माता-पिता को दिया है। उन्होंने अन्न युवाओं को मैसेज देते हुए कहा कि लगन और कड़ी मेहनत से हर मंज़िल को हासिल किया जा सकता है। खुद पर विश्वास रखे व लगातार प्रयास करते रहे। सफलता जरूर हासिल होगी।

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