
Delhi: दुनिया में एक से बढ़के एक लोग हैं, जो फेमस होने की चाह में किसी भी हद से गुजरने तैयार है। लोग फेमस होने के लिए आज क्या कुछ नहीं करते टिक टॉक, इंस्टाग्राम के अजीबो गरीब वीडियो से लेकर सड़कों पर Prank भी करते हैं। वहीं कुछ लोग अपने शौक को ही पैशन के रूप में फेमस होने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
ऐसा ही अभी एक वाक्य दिल्ली से सुनने में आया है। जिसमें एक शख्स अपनी ड्रीम भाई खरीदना चाहता था। जिसे वह साधारण तौर पर पैसे जोड़कर भी खरीद सकता था। या फिर लोन के माध्यम से तुरंत खरीद के अपनी गाड़ी घर ला सकता था। परंतु इससे उसे कोई प्रसिद्धि नहीं मिल रही थी।
उसने एक नया रास्ता ढूंढा और सोचा कि, यदि मैं चिल्लर पैसों के माध्यम से गाड़ी लेने जाता हूं तो, निश्चय ही न्यूज़ में छा जाऊंगा। वही हुआ जब ये शख्स एक-एक रुपए के सिक्के से भरा हुआ बोरा ले के बाइक शोरूम पहुंचा तो, पूरे शोरूम में हल्ला समझ गया। इंटरनेट पर देखो वायरल हो रही है यह घटना।
3 साल लगे ये सिक्के जोड़ने में, भूपति को
जानकारी के अनुसार भूपति जोकि प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने आज से 3 साल पहले एक बाइक पसंद की थी, जो उनकी ड्रीम बाइक बन गई। शोरूम विजिट करने पर उन्हें पता चला कि उनकी इस बाइक की कीमत करीब 200000 RS है, परंतु उस समय इतने पैसे नहीं थे। उन्होंने सोचा कि क्यों ना पहले पैसे जोड़े जाए फिर बाइक लेने आऊं।
इन्होंने रोज छोटी मोटी बचत के जरिए पैसे जोड़ना शुरु कर दिया। अक्सर अपनी बड़ी करेंसी को छोटे-छोटे दुकानदारों से चिल्लर के रूप में चेंज कर लेते थे, ताकि एक के सिक्के जमा हो सके। फाइनली पूरे 3 साल लग गए उन्हें अपनी बाइक की रकम सिक्कों के रूप में जुटाने में।
भूपति लेना चाहते थे डोनियर 400 बाइक
भूपति ने बातचीत के दौरान बताया कि लॉक डाउन से पहले वो ये बाइक लेने का प्लान बना रहे थे। जिस कारण बजाज का शोरूम विजिट किया जहां उन्हें डोनियर फोर हंड्रेड बाइक (Bajaj Dominar 400 Bike) जम गई और इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई थी। परंतु 3 साल सिक्के जोड़ने में जो वक्त खर्च हुआ, इस दौरान इस बाइक की कीमत 200000 से बढ़कर 260000 RS हो गई।
आपको बताना चाहेंगे डोनियर 400 एक स्पोर्ट्स बाइक है। जिसका इंजन 373 CC का होता है। इसमें छह फॉरवर्ड गियर दिए जाते हैं, बेहतर पिकअप और स्पीड के लिए। यह बजाज का एक सक्सेसफुल मॉडल है। स्पोर्ट बाइक की दुनिया बहुत ही महंगी होती है। उस लिहाज से देखा जाए तो डोर्नियर 400 एक अच्छा सौदा साबित होता है।
शो रूम मैनेजर को शुरू में थी टेंशन, कैसे गिनेंगे इनको
शोरूम के कर्मचारियों ने बातचीत के दौरान बताया कि जब भूपति उनके शोरूम पहुंचे और उन्होंने बताया कि डोर्नियर 400 बाइक खरीदना चाहते हैं, परंतु इसकी पेमेंट एक एक रुपए के सिक्के के रूप में करेंगे पहले तो पहले उन्हें लगा मजाक कर रहा है।
जब उन्होंने कहा कि सामने वह खड़ी वैन में वह सारी चिल्लर रखी हुई है। तब स्टाफ के कुछ लोग और भूपति के दोस्तों ने मिलकर सारी चिल्लर वन निकल कर शोरूम पर रख दी।अब सवाल यह था कि लगभग ढाई लाख रुपए की चिल्लर को गिने कैसे। तब भूपति के चार दोस्त और शोरूम के कर्मचारियों ने मिलकर करीब 10 घंटे में इस पूरी चिल्लर को गिना और 2 लाख 60 हजार की चिल्लर व्यवस्थित करके जमा दी।
इतनी बड़ी रकम सिक्कों के रूप में, बैंक लगा सकती है शुल्क
शोरूम के मैनेजर ने बताया कि, वैसे तो किसी भी करेंसी को कानूनी तौर पर लेने से मना नहीं किया जा सकता। परंतु एक साथ इतनी सारी चिल्लर (Cions) को बैंक भी एक्सेप्ट नहीं कर पाती क्योंकि, इसे गिनने में बहुत समय लगता है। तो उन्हें चिंता थी कि अगर बैंक नहीं है, चिल्लर एक्सेप्ट नहीं की तो कैसे मैनेज होगा।
दूसरी ओर वह भूपति के सपने को तोड़ना भी नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने बैंक मैनेजर से बात करके उन्हें यह चिल्लर एक्सेप्ट करने के लिए मनाया तो बैंक की ओर से उन्हें जानकारी मिली कि प्रति लाख 140 RS चिल्लर को गिरने का शुल्क बैंक लगाने वाला है। चूंकि ये बहुत मामूली रकम थी, इसलिए वह इस शर्त पर तैयार हो गए। भूपति एक यूट्यूब पर भी है, जिसमें उनकी स्टोरी पब्लिश हुई।



