अब तो Google ने भी भारत पर हामी भरते हुए पाकिस्तान-चीन के मज़े लिए, आप भी देखो कारनामा

0
957

Google Map Crap Image and PM Modi

New Delhi: आज भले ही भारत भी कोरोना महामारी के संकट में घिरा है, इसके बावजूत भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। भारत ने पूरे जम्मू कश्मीर पर अपने दावे पर सकती देखना चालू कर दिया है। अब IMD (भारतीय मैसम विभाग) और DD न्यूज़ द्वारा गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद को भारत का हिस्सा बताते हुए वहां के मौसल का हाल देने के बाद अब गूगल भी इस सिलसिले हो आगे बढ़ा रहा है।

आपको बता दे की गूगल मैप (Google Map) ने पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (POK) के साथ ही चीन के कब्ज़े वाले अक्साई चीन को स्पष्ट रूप से भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में दिखा दिया है। यह भारत की पाने खोये हुए कश्मीर के हिस्सों को वापस लेने की राजनैतिक जंग में बहुत कारगर साबित होने वाला है।

आपको जानकारी हो की गूगल ने अपने नक्‍शे (Google Map) से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) भी लगभग हरा ही दी हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर समेत का पूरा जम्मू और कश्मीर राज्य बिना LoC के को दर्शाये गूगल के मैप पर एक ही यूनिट के रूप में दिखाई दे रहा है। यह बात पाकिस्तान एयर चीन को परेशानी में जरूर डालने वाली हैं। परन्तु भारत के लिए सकारात्मक है।

Amit Shah Mission
Demo File Image

इस गूगल मैप से भारत की सीमाओं को स्पष्ट करने पर अभी तक गूगल ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। परन्तु सोशल मीडिया पर यह वायरल होने हुए कौतुहल बन रहा है। लोग कह रहे हैं की अब गूगल भी सच्चाई जान गया है। नई इमेज में कश्‍मीर के अंतर्गत आने वाले उन सभी हिस्‍सों को भारतीय सीमा में दिखाया गया है, जिस पर पाकिस्‍तान ने अवैध कब्‍जा कर रखा है। इसमें पीओके के अलावा गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुज़फ़्फ़राबाद भी शामिल है।

https://twitter.com/saivenkat1106/status/1258693543314378752

आपको एक मज़े की बात बताएं तो गूगल मैप के नए मैप में गिलगित-बाल्टिस्तान, मीरपुर और मुजफ्फराबाद को भारत की सीमा के अंदर दिखाया गया रहा है। इसे देखकर भारतीय खुश हैं, क्योंकि पाकिस्तानी कब्जे वाले सभी भारतीय क्षेत्र नए गूगल मैप के मुताबिक़ भारतीय क्षेत्र में आ चुके हैं।

इस बार गूगल मैप चीन से लगी एलएसी भी भारत की सीमा में दिखाई गई हैं। इसमें अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख क्षेत्र आते हैं। इसके बाद भारत सरकार के दूरदर्शन न्यूज़ में भी अब रोजाना पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर और नॉर्दन एरियाज (गिलगित-बाल्टिस्तान) के मौसम का हाल बताया जाएगा।

उससे पहले भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्‍मू-कश्‍मीर सब-डिविजन को अब ‘जम्‍मू और कश्‍मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद’ कहना स्टार्ट कर दिया था। कश्मीर का हिस्सा गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद दोनों पर पाकिस्‍तान ने अवैध रूप से कब्‍जा कर लिया था। मंगलवार को IMD ने नॉर्थवेस्‍ट इंडिया के लिए जो अनुमान जारी किए, उसमें गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद को भी दर्शाया गया है।

खबर आई थी की IMD की ओर से अपने बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद को शामिल करना आरम्भ कर दिया है। IMD के डायरेक्‍टर-जनरल मृत्‍युंजय महापात्रा ने बताया कि ‘IMD पूरे जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के लिए वेदर बुलेटिन (मौसम का हाल) जारी करता रहा है। हम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं, क्‍योंकि ये क्षेत्र भारत का हिस्‍सा है।’ इसी महीने की शुरुआत में भारत ने साफ कहा था कि पाकिस्‍तान का इन इलाकों पर कोई अधिकार नहीं है।

Kashmir Latest News
Demo File Image

भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में आम चुनाव कराने के पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय के आदेश पर इस्लामाबाद के समक्ष कड़ी आपत्ति जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को बता दिया गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न भाग है और पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे से इन स्थानों को तुरंत खाली करना होगा।

पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने हाल के अपने आदेश में, 2018 के गवरमेंट ऑफ गिलगित बाल्टिस्तान ऑर्डर में संशोधन की इजाजत दे दी, ताकि क्षेत्र में आम चुनाव कराए जा सकें। जबकि यह तो भारत का हिस्सा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत ने पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक को आपत्ति पत्र जारी किया और तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह भारतीय भूमि है।

आपको बता दें की बयान में कहा गया है, यह स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि भारत का केंद्र शासित प्रदेश पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जिसमें गिलगित और बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, वह पूरी तरह से कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के तहत भारत का अभिन्न अंग हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार या उसकी न्यायपालिका को उन क्षेत्रों पर दखल अंदाज़ी करने का अधिकार नहीं हैं जो उसने ‘अवैध तरीके से और जबरन कब्जाए’ हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here