उत्तराखंड की इस महिला किसान ने मशरूम की खेती से जीवन सवार लिया, अब लाखों रुपये कमा रही

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mushroom farming
Geeta Upadhyay doing mushroom production in Dehradun and make good income. Uttarakhand woman earning from mushroom farming.

Dehradun: दोस्तों उत्तराखंड (Uttarakhand) जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। लोगों का मानना है कि इस राज्य में भगवान शिव का वास है। इसी राज्य में केदारनाथ भी आता जहां भगवान शिव के वराह अवतार के शरीर का एक टुकड़ा केदारनाथ की धरती पर स्थित है। दोस्तों भगवान शिव को कई नामों से पूजा जाता है जैसे भोलेनाथ, शिव शंभू, शंकर भगवान, महाकाल, रुद्राक्ष आदि।

भगवान भोलेनाथ बिल्कुल अपने नाम की तरह ही है। वह बहुत ही जल्द लोगों के द्वारा मनाए जाने पर मान जाते हैं और उनका क्रोध धरती को नष्ट करने के लिए काफी है। हिंदू धर्म में शंकर भगवान को इष्ट देवता भी मानते हैं। उत्तराखंड की भूमि भगवान शिव का लोक है, जिनके दर्शनों को हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु इनके दर्शन को आते है।

दोस्तों हर मायने में उत्तराखंड एक बहुत ही अच्छा राज्य है। इस राज्य मैं हमेशा से रोजगार की कमी रही है लोग समय आने पर यहां से पलायन कर जाते हैं। लेकिन अब लोगों ने अपने राज्य में रहकर ही रोजगार के साधन ढूंढ लिए हैं, जी हां दोस्तों आज हम बात करेंगे देहरादून की उस महिला की जो मशरूम की खेती कर लाखों रुपए कमा रही है।

उत्तराखंड की महिला की

दोस्तों प्रारंभ से ही उत्तराखंड की महिलाएं अपनी मेहनत के दम पर अपने राज्य में खुद का कारोबार स्थापित कर रही हैं। यहां की महिलाओं ने रोजगार के साधन स्वयं ढूंढे हैं। आए दिन सोशल मीडिया पर इस राज्य की महिलाओं के बारे में चर्चा होती रहती है।

आज हम उत्तराखंड के उस महिला (Uttarakhand Woman) के बारे में बात करेंगे, जिसने पलायन को न चुनकर अपने ही राज्य में खुद का कारोबार स्थापित किया। दोस्तों आइए हम देवभूमि की उस नारी शक्ति के विषय में जानेंगे, जिन्होंने खेती करके खुद को आत्मनिर्भर बनाया है।

Farmers Farm in India

आज हम बात करेंगे महिला किसान गीता उपाध्याय (Geeta Upadhyay) की जिन्होंने सफलतापूर्वक मशरूम की खेती कर खुद को पहाड़ों में रखकर उन लोगों को सीख दी है, समय आने पर अपनी जन्मभूमि को छोड़ जाते हैं। गीता उपाध्याय एक सफल उद्यमी है, जो मशरूम की खेती कर रही हैं।

गीता उपाध्याय बनी मिसाल

वैसे तो उत्तराखंड राज्य में ढेरों ऐसी महिला है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है। कुछ महिलाएं सोशल मीडिया को अपना माध्यम बनाकर आय का जरिया ढूंढती है, तो कुछ खेती किसानी क करके खुद को आर्थिक मजबूत बनाती हैं। गीता उपाध्याय भी खेती किसानी करके खुद को मजबूत बना रही हैं और उन महिलाओं को प्रेरणा दे रही हैं, जो केवल घर तक सीमित है।

mushroom cultivation
Mushroom cultivation file free photo.

गीता का कहना है कि उत्तराखंड वह जगह है, जहां पहाड़ों में सोना मिलता है। जी हां दोस्तों पहाड़ों में मशरूम की खेती काफी तीव्र गति से प्रचलित हो रही है। दोस्तों सभी लोग अपने अपने स्तर पर रोजगार की तलाश करते हैं गीता ने भी मशरूम की खेती को अपनी कमाई का जरिया बनाया।

जाने गीत उपाध्याय के बारे में

दोस्तों आपको बता दें गीता उपाध्याय उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत आने वाले नकरौंदा गांव की रहने वाली है। यह महिला काफी ज्यादा हार्ड वर्किंग है। ये अजय स्वालंबन सेंटर नाम के एक सेंटर की संचालक है। वह अपने सेंटर में सब्जी पशु और मत्स्य पालन करती है, साथ ही लोगों को प्रशिक्षण देती है। गीता का परिवार इस सेंटर के अलावा मशरूम की खेती करके अपनी जीविका चलाता है।

गीता का कहना है कि मशरूम की खेती भविष्य में एक अच्छा जीविका चलाने का विकल्प होगा। उनका मानना है की आप लोग मशरूम के फायदे के बारे में जान गए हैं जिसकी वजह से अब मार्केट में मशरूम की मांग काफी ज्यादा है। इसीलिए उनका यह व्यवसाय पीढ़ी दर पीढ़ी चलता ही जाएगा।

मशरूम के फायदे और उससे होने वाली आय

गीता ने मशरूम से होने वाले फायदे के विषय में काफी अच्छी जानकारी देते हुए कहा है कि मशरूम एक लो कैलोरी वाला उत्पाद है जो प्रोटीन से भरपूर है। मशरूम के सेवन से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से दूर रह सकता है जैसे वजन कम करने के लिए, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को कंट्रोल रखने में मददगार साबित होगा।

गीता का कहना है कि भले ही पहाड़ों में संसाधनों का अभाव है, परंतु महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए इस अवसर का फायदा उठा रही हैं। मशरूम की खेती (Mushroom Ki Kheti) से महिलाएं स्वरोजगार प्राप्त कर रही हैं। इस मुहिम में केवल उन्हें अपने परिवार और अपनों के सपोर्ट की जरूरत होती है, बाकी वह स्वयं ही सब कर लेती।

गीता मशरूम की फसल से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहती है कि आप 90 दिनों के भीतर इस फसल में लगाई हुई लागत से दोगुना लाभ कमा सकते है। वे आगे कहती है कि किसान 90 दिनों के भीतर 500 बैग मशरूम से 1 क्विंटल तक मशरूम उगा कर मार्केट में 150 RS प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच सकता है और 3 महीनों में लाखों रुपए की आय कमा सकता है।

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