
व्यक्ति के इरादे मजबूत हों तो उसके रास्ते में बाधा डालने वाला बड़े से बड़ा पहाड़ भी रेत बनकर बह जाता है। अधिकतर लोग अपने पैदा होने के साथ जिन परिस्थितियों से गुजरते है उन्हें ही अपनी मंजिल मान लेते हैं। अगर उनसे उनकी कोई बड़ी तमन्ना पूछो तो वो कहते हैं, इसे तो अब तो अगले जन्म में ही देखेंगे। लेकिन इन्हीं व्यक्ति के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपने इसी एक जन्म में दो ज़िंदगियां जी लेते हैं। एक वो ज़िंदगी जो उन्हें जन्म के साथ मिली और दूसरी वो जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से बनाया होता है।
आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने पूरे देश की लड़कियों और महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है। इस महिला ने ऐसा कर दिखाया है, जिसके बारे में एक सामान्य व्यक्ति सोच भी नहीं सकता है। ऐसा नहीं है कि इस महिला के सामने कठिनाई नहीं आई, बस फर्क सिर्फ इतना था कि इन्होंने कभी हार नहीं मानी।
कुछ लोग मिसाल कायम कर बहुत सी जिंदगियों को रौशन करते हैं। IPS अधिकारी एन अंबिका ऐसी ही बुलन्दियों को छूने वाली महिला हैं। उनकी स्टोरी नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन रही है बल्कि यह भी सीखा रही है कि जिंदगी कठिनाइयों से भरी है। बस उसके आगे हार ना मानकर उनका डटकर मुकाबला करते हुए आगे बढ़ना है और अपनी मंजिल को हासिल कर लेना है। अब IPS अंबिका को लोग मुंबई की ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचानते हैं। लेकिन साल 2008 से पहले यह सब सम्भव नही था।
Dream, Aim, Achieve 👏
Married at 14, two children at 18
This did not stop N Ambika
from becoming IPS officer 💐Completed qualifying education
Worked hard to crack Civil Services!Now posted in Maharashtra, already proved her dedication, won laurels!
Source : Manorama pic.twitter.com/sbiAgFjaZX
— Dr. M V Rao, IAS (@mvraoforindia) January 23, 2021
IPS एन अंबिका की ज़िंदगी भी दो विपरीत भागो में बंट गई। अपनी पहली ज़िंदगी में जैसी वो थीं वहां से IPS बनने की कल्पना करना भी मुमकिन नहीं था। IPS अंबिका को मुंबई की लेडी सिंघम के नाम से छवि मिली है, लेकिन जिन हालातों में वह पली बढ़ी हुईं वहां से ऐसा सोचना भी अंबिका के लिए नामुमकिन था।
भले ही अंबिका इस बात के लिए किसी को गलत नही मानती लेकिन असल में वह बाल विवाह की शिकार थीं। मात्र 14 साल की आयु में इनकी शादी तमिलनाडु के डिंडिकल के एक पुलिस कॉन्स्टेबल से कर दी गई थी। जिस उम्र में लोग अपनी बेटियों को बच्चे की तरह रखते हैं उस 18 वर्ष की आयु में अंबिका खुद दो बेटियों की मां बन चुकी थी।
उन्हें किसी प्रकार का कोई परेशानी नहीं थी और ना ही उन्हें किसी तरह की कोई आवश्यकता महसूस हो रही थी। UPSC, IAS, IPS इन सब बातों से बहुत दूर अंबिका अपनी घर गृहस्थी तथा बच्चों को संभालने में बिजी थीं। किस्मत इंसान के लिए हर तरह के दरवाजे खोल सकती है। सही दिशा में जा रहा इंसान भटक सकता है और भटके हुए इंसान को सही रास्ता मिल सकता है।
जब वो UPSC में 3 बार फेल हुई , तो पति ने उसको वापिस घर आने को कहा । उसने एक और कोशिश की विनती की और पति मान गया ।
उसने UPSC clear किया और उसको IPS मिला ।
नाम …….. N.Ambika
IPS , DCP , North Mumbai.
आज अम्बिका बहुतों के लिए एक स्वाभिमानी रोल मॉडल है।साभार:-FB pic.twitter.com/jcjn0VcW9Q
— Mukeysh (@mukeysh4u) July 23, 2020
यहां भी किस्मत का खेल था, जो अंबिका के साथ हुआ। उसकी बिजी चल रही ज़िंदगी को एक खूबसूरत मंजिल की तरफ पलडने की सोच तब आई जब वह अपने कॉन्स्टेबल पति के साथ एक बार गणतंत्र दिवस की पुलिस परेड देखने गई। यहां उन्होंने देखा कि उनके पति उच्च पदाधिकारियों को सैल्यूट कर रहे हैं।
इस पर अंबिका ने अपने पति से प्रश्न पूछा कि उन्होंने उन लोगों को सैल्यूट क्यो किया, पति ने बताया कि वे सब पदाधिकारी थे इसलिए। अंबिका पति से कई प्रश्न पूछती रही, पदाधिकारी कैसे बनते हैं। IPS बनने के लिए क्या करना होता है। सिविल सर्विसेज एग्जाम कैसे देना होता है। इन सब सवालों के उत्तर मिलने के बाद अंबिका के मन में सिर्फ एक ही बात आई और वो ये कि उसे UPSC का एग्जाम देना है।



