इन IAS अफसर ने अपनी 10वीं की मार्कशीट शेयर की, कलेक्टर साहब तब 3rd डिवीजन से पास हुए थे

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IAS Awanish Sharan news
CG IAS officer Awanish Sharan's class 10th marksheet shows even 3rd Division can't stop those with a vision. Netizens find it motivating.

Photo Credits: Twitter(@AwanishSharan)

Raipur: जब भी उम्‍मीदवार सिविल सेवा की कोई परीक्षा (Civil Service Exam) निकालकर आईएएस, आईपीएस या फिर आईएफएस बनता है। तो यही सोचा जाता है, उसने अपने इंटरमीडिएट के एक्‍जाम भी अच्‍छे अंकों के साथ पास किए होंगे। हमारी यही सोच होती है कि इस परीक्षा को एक होनहार बालक ही आगे चलकर निकाल सकता है।

आज हम जिस शख्‍स के विषय में बताने जा रहे है। वह कलेक्‍टर के पद पर कार्यरत है। परन्‍तु जब इस व्‍यक्‍ति ने अपने दसवी के मार्कशीट के अंक लोगों के सामने शेयर किए तो हर कोई उनके अंक देखकर अश्‍चर्य में पड़ गया। आख्रिर ऐसा क्‍या था मार्कशीट में जिस वजह से लोग सोचने को मजबूर हो गये आइये जानते है।

कलेक्‍टर अवनीश कुमार जिन्‍होने शेयर की मार्कशीट

आज की हमारी कहानी कलेक्‍टर अवनीश शरण (IAS Officer Awanish Sharan) की है। अवनीश शरण को किसी पहचान की जरूरत नहीं है। हमने हमेशा ही उन्‍हें सोशल मीडिया पर काफी एक्‍टिव देखा है। उनके ट्वीट हमेशा ही चर्चा का विषय बने रहते है। हाल ही में भरूच कलेक्‍टर जिनका नाम तुषार सुमैरा (IAS Tushar D Sumera) है, उनकी दसवी की मार्कशीट (10th Class Marksheet) सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसने सभी का ध्‍यान अपनी और खींचा।

वही अब अवनीश शरण भी मार्कशीट शेयर करके उनकी ही तरह चर्चा का विषय बन गये है। अवनीश शरण जी ने बिहार स्‍कूल ऑफ एक्‍जामिनेशन बोर्ड से दसवी पास किया है। जब उनकी मार्कशीट यूजर्स के द्वारा देखी गई, तो वह कलेक्‍टर साहब की मार्कशीट देखकर अचंभित रह गये। क्‍योंकि उनका दसवी में थर्ड डिविजन (3rd Division) था।

अंक सिर्फ एक कागज का टुकड़ा

सामान्‍यत: देखा जाता है माता पिता अपने बच्‍चे को स्‍कूल से ही आगे भविष्‍य के लिए तैयार करने लग जाते है। वह उनके अंकों को बहुत सीरयसली लेते है और बच्‍चों को अच्‍छे अंक लाने के लिए प्रेसराईस करते है। वह बच्‍चे जो स्‍कूल में अच्‍छे अंक लाते है।

उनके बारे में यही सोचा जाता है कि वह आगे चलकर कुछ बड़ा करेंगे। कम अंक हासिल करने वाले को जहॉ नीची नजरों से देखा जाता है। वही माता पिता शिक्षक और समाज भी उनके साथ कठोर व्‍यवहार करने लगता है। उनका भविष्‍य अंधकार में समझा जाता है।

परन्‍तु यह बात हम सभी जानते है कि अंक का हमारे भविष्‍य से कोई संबंध नहीं होता है और यही बात अवनीश जी ने अपनी मार्कशीट शेयर करके साबित कर दी है। अपना उदाहरण उन्‍होंने शेयर करते हुए यह बताया कि मार्कशीट के नंबर सिर्फ एक कागज के टुकड़े है। मेहनत और लगन ही भविष्‍य निर्माण करती है।

दसवी में पाये 44 फीसदी नंबर

अवनीश शरण जी कलेक्‍टर के पद पर कार्यरत है। उन्‍होंने दसवी बिहार के डालसिंह सराई स्‍कूल से थर्ड डिविजन से पास की है। उनके 700 में से 314 अंक है। आज वह छत्‍तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्‍य के आईएएस अधिकारी है।

यह बात बहुत अचंभित करने वाली है कि केवल 44 प्रतिशत अंक जाने वाला एक बच्‍चा आज कलेक्‍टर बन चुका है। उनकी मार्कशीट यह साबित करती है, कि कम नंबर लाकर भी कलेक्‍टर जैसा उच्‍च पद अपने प्रयासो से हासिल किया जा सकता है।

यूजर्स ने की अवनीश की तरीफ

जब अवनीश जी ने अपनी मार्कशीट ट्वीट की तो यूजर्स ने अलग अलग रिएक्‍शन दिए। कुछ लोग यह कहते हुए दिखे की यह मार्कशीट उन लोगों के लिए जोरदार तमाचा है। जो कम अंक लाने वाले बच्‍चे को गिरी नजरो से देखते हे और गंदे कमेंट करके उन्हें डिमॉटीवेट करते है।

कुछ लोगो ने अवनीश जी के मार्कशीट शेयर करने के कदम की तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि देश के लाखों लोगो को यह सीख देगा और बच्‍चों को भी इससे प्रेरणा मिेलेगी। उनकी सोच में बदलाव होगा कि वह जीवन में कम अंक लाकर भी सफल हो सकते है।

अवनीश कुमार एक आकर्षक व्‍यक्‍तिव के मालिक

आपको बता दे कि अवनीश जी का जन्‍म समस्‍तीपुर जिले के केबटा गॉंव में हुआ था। उनका जन्‍म 20 जनवरी सन् 1981 को हुआ। वह 2009 में आईएएस अधिकारी बने। उनकी पोस्‍टिंग छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले में है। अवनीश शरण अपनी मार्कशीट की वजह से ही सुर्खियों में नही रहे है।

आपको बता दे कि वह ऐसे कई कार्य करते है जिससे लोगों की नजर उन पर टिक जाती है। 2017 मे उन्‍होंने अपनी पत्‍नी की डिलीवरी प्राइवेट हॉस्‍पिटल में ना करवा के सरकारी हॉस्पिटल में करवाई। जिसकी लोगों ने खूब तारीफ की थी। वही अपनी बच्‍ची का एडमिशन भी उन्‍होने गर्वमेंट स्‍कूल में करवा कर लोगो को आश्‍चर्य चकित कर दिया था।

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