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Shimla: आज इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि आज के समय में महिलाएं और लड़कियां हर क्षेत्र में बङे मुकाम हासिल कर रही हैं। कुछ ना कुछ काबिलियत तो सभी के अंदर होती है। लेकिन कई उसे बखूबी निखार लेते हैं। तो कई विपरीत हालात के कारण अपने लक्ष्य को कुर्बान कर देते हैं।
इन सबके बीच कुछ ऐसे भी इंसान होते हैं, जो अपनी हिम्मत और हौसले से विपरीत हालातों को भी हरा देते हैं। अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं। आज बात एक ऐसी ही लड़की शालिनी अग्निहोत्री (IPS Shalini Agnihotri) की जिनके पिता एक बस में कंडक्टर हैं। अपनी आर्थिक कमजोरी और हालातों से लड़कर आईपीएस अधिकारी बनीं।
एक हादसे ने किया आईपीएस बनने को प्रेरित
एक समय की बात है, जब शालिनी बहुत छोटी थी, तो यह अपने पिता के साथ बस में कहीं जा रही थी। इस छोटी उम्र में जो इन्होंने देखा यह इन्हें बहुत ही बुरा लगा। इन्होंने देखा कि लड़के एक महिला के साथ छेड़-खानी कर रहें थे। शालिनी जो कि एक बस कंडक्टर की बेटी थी, यह देख नहीं पाई उसने उन लोगों को वही उलटकर जवाब दिया।
@thespeakingtree Sister should congratulate you on reaching this great achievement. Beti Bachao Beti Padabahan Every daughter will be appointed as IPS Shalini Agnihotri as the daughter of daughter will read the country. pic.twitter.com/KeTekE0qWl
— पं.ईश्वर दुबे 🇮🇳 (@Ishwardubey) August 3, 2018
उस बस में जितने भी लोग थे, सब हैरान हुए की एक बस कंडक्टर की बेटी जो इतनी कम उम्र में इतना बड़ा काम किया। यह बहुत ही हिम्मती और वीर है। शालिनी (Shalini Agnihotri) ने यह निर्णय कर लिया कि वह आईपीएस (IPS Officer) बनेंगी।
बस में कंडक्टर का काम करते हैं पिता
शालिनी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश(Himachal Pradesh) की रहने वाली हैं। शालिनी के पिता बस कंडक्टर (Bus Conductor Father) का कार्य करते हैं, उसी से उनका और उनके परिवार का जीवन-यापन होता था। वह अपने घर की पहली ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण कि है।
#Inspiration can be ignited by something as fleeting as a random comment. 29-year-old IPS officer Shalini Agnihotri’s dream to join the civil services began when she was jolted by one such comment by a stranger on a bus. Her story is inspiring https://t.co/oK8VmdN24P pic.twitter.com/gX25yPhTnL
— GSSS Simha Subbalakshmi First Grade College (@ssfgcmysuru) June 8, 2020
इनके घर में मार्गदर्शन के लिए कोई भी व्यक्ति नहीं था, क्योंकि कोई भी इतना पढ़ा-लिखा नहीं था। लेकिन इनके पिता ने अपनी बेटी के सपनों को उड़ान दे दिया और हमेशा उनके साथ खड़े रहे। किसी भी लड़की के लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि उसकी फैमिली या पैरेंट्स उसको सपोर्ट कर रहे हैं।
शुरुआती शिक्षा
शालिनी की प्रारंभिक पढ़ाई धर्मशाला से हुई। फिर यह आगे की शिक्षा हिमाचल प्रदेश की कृषि विश्वविद्यालय से पूरी की। जब उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर ली तो इन्हें पता चला कि आईपीएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) को पास करना जरूरी होता है। तब उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई संपन्न कर यूपीएससी की तैयारी (UPSC Preparation) में जुट गई।
राष्ट्रपति से मिल चुका है सम्मान
शालिनी की मेहनत रंग लाई और वह 2012 में यूपीएससी परीक्षा को 285वीं अंक से पास किया। यह अपने ट्रेनिंग में टॉप भी रहीं। जिसके लिए उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ ट्रेनी’ का अवार्ड भी मिला था। उन्होंने वहां सबसे बेहतर परफॉर्मेंस दिया था और दम ख़म दिखाया था।
Inspiring IPS officer Shalini Agnihotri!
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आगे इन्हें सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर ट्रेनिंग अधिकारी बनने के लिए, हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (Pranab Mukharjee) ने भी सम्मानित किया था। अपनी पोस्टिंग कुल्लू में होने के दौरान उन्होंने वहां अवैध कारोबार के विरुद्ध बहुत कार्य किया। इसपर सफलता (Success) भी प्राप्त की।



