
Nawada: कहते है आप किस स्थान मे है इससे फर्क़ नहीं पड़ता। अगर आपके हौसलो मे दम हो तो कैदखानों मे भी रहकर आप नाम रौशन कर सकते है। कुछ ऐसा ही किया है नवादा मंडल कारा मे निवास करने वाले सूरज कुमार ने। उन्होंने ऐसा कार्य कर दिया है कि आज वह किसी मिसाल की तरह लोगों के बीच जाने जा रहे है। आखिर क्या किया है सूरज कुमार (Suraj Kumar) ने आइए जानते है।
जैल मे रहकर सूरज ने पास किया आईआईटी का एंट्रेंस Exam
आपको बता दे कि सूरज कुमार एक कैदी की तरह अभी जेल में अपना जीवन बिता रहे हैं। लेकिन जेल में रहकर भी सूरज ने ऐसा अनोखा कारनामा दिखाया है। जिसे लोग बड़े-बड़े शान मे रहकर भी पूरा नहीं कर पाते। आपको बता दे सूरज कुमार ने जेल (Prison) में रहकर आईआईटी का जो एंट्रेंस एग्जाम (IIT Entrance Exam) होता है, उसे पास कर लिया है।
सूरज कुमार ने जेल (Jail) में रहते हुए ही ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स नाम की परीक्षा को पास करने मे सफलता हासिल कर ली है। इसे हासिल कर सूरज कुमार लोगों के लिए एक अनोखे उदाहरण की तरह प्रस्तुत हो गए है।
काराधीक्षक ने की मदद, नोट्स और बुक्स दिलवाई
सूरज कुमार ने जेल मे रहते हुए ही आईआईटी एंट्रेंस एग्जाम (JEE) जिसे ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स के नाम से जानते है, उस परीक्षा में पूरे इंडिया में 54 वां स्थान प्राप्त कर लिया है। इस Exam को पास करके अब सूरज कुमार आईआईटी कॉलेज में दाखिला लेंगे और मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करेगे।
इस उपलब्धि पर सूरज कुमार के परिवार वालों काराधीक्षक जिनका नाम अभिषेक कुमार उनका हाथ बताया है। पढ़ाई के लिए सूरज कुमार को अभिषेक कुमार पांडे सारी सुविधाएं दिलाई। इन सुविधाओं के सहारे ही सूरज एग्जाम को इतने अच्छे अंकों से पास कर पाए।
A youth, lodged in the district prison in #Bihar's Nawada after a case of murder was slapped on him, has cracked the IIT Joint Entrance Test for Masters.
Suraj Kumar has achieved the 54th rank in the country and he will soon get admission in IIT Roorkee in #Uttarakhand. pic.twitter.com/d1vRprzrsb
— IANS (@ians_india) March 24, 2022
अभिषेक कुमार पांडे (Abhishek Kumar Pandey) ने सूरज को आवश्यक सभी बुक्स और नोट्स दिलवाये। अभिषेक कुमार ने सूरज की जो मदद की उससे सूरज कुमार के अंदर अलग ही ऊर्जा उत्पन्न हुई। इस ऊर्जा ने ही उन्हें इतनी बड़ी कामयाबी दिलवाई।
जेल जाने के पहले कोटा से कर चुके थे, Exam की तैयारी
सूरज कुमार का एक और दूसरा नाम भी है। सूरज को अन्य नाम कौशलेंद्र कुमार से भी जाना जाता है। सूरज कुमार वारिस अलीगंज के मौसमा गांव मे निवास करते है। सूरज यह Exam इसलिए भी पास कर पाये, क्योंकि सूरज कुमार जेल जाने से पहले ही इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए राजस्थान के शहर कोटा (Kota) में रह कर तैयारी कर चुके थे। लेकिन तैयारी करने के बाद जब वह जेल चले गए तो उनका मनोबल टूट गया था।
मामूली विवाद के चलते हो गई थी जेल
सूरज कुमार के जैल जाने का कारण एक मामूली नाली का विवाद था, लेकिन उस छोटे से नाली विवाद मे सूरज के हाथो कुछ ऐसा हो गया कि उनको जैल जाना पड़ा। गांव में चल रहे एक नाली विवाद की वजह से सूरज के हाथों से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी।
जेल हो या जीवन का खेल, जीतता वही है, जिसके हौसले बुलंद होते है। ऐसे ही कहानी है बिहार के लाल सूरज कुमार की। जेल में सजा काटते हुए देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा आईआईटी जेम क्वालीफाई किया। वह जेल में सेल्फ स्टडी करके पाई है, वह भी ऑल इंडिया में 54वीं रैंक के साथ। #IIT #Bihar pic.twitter.com/QTX5hurE2Z
— Bihar Chhatra Sansad (@Bihar_Sansad) March 25, 2022
इस छोटे विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। इस जुर्म के लिए पुलिस ने सूरज कुमार को अरेस्ट किया। गिरफतार करने के बाद मे पुलिस ने सूरज कुमार को जेल में डाल दिया।
लोगों के लिए बने उदाहरण
सूरज कुमार की स्पीच सुनकर काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडे ने सूरज कुमार की मदद करने का मन बनाया। अभिषेक कुमार पांडे ने सूरज कुमार की मदद के लिए एग्जाम से संबंधित सभी बुक्स और नोट्स को सूरज तक पहुंचाया।
बिहार के जेल में चमका सूरज..
सूरज कुमार यादव – IIT JAM (AIR-54) #Yadav #अहिर_रेजिमेंट_हक_है_हमारा@RJDforIndia @TeamTejashwi @samajwadiparty @ydv_samrajya pic.twitter.com/aVH45dY0MX— यदुकुल संस्कृति (@YdvkulSanskriti) March 25, 2022
नोट्स के मिलने के बाद सूरज को तैयारी करने में बहुत मदद मिली। इस मदद और अपनी मेहनत की बदोलत सूरज कुमार एग्जाम क्वालीफाई कर पाए। उन्हें इसमें कामयाबी मिली। जिसके साथ वह करोड़ों लोगों के लिए उदाहरण बनकर पेश हो गए।



