अब बिहार में भी सेब उग रहे हैं, इस सेब की खेती के लिए सरकार भी अनुदान देकर मदत कर रही हैं

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Apple farming
Apple farming in Bihar news update: Bihar to grow apples in 7 districts on a trial basis. Bihar govt gives big subsidy on apple cultivation.

Patna: किसानों की मदद के लिए हर राज्‍य की सरकार समय समय पर अहम योजनाऍं बनाती है। इसमें बिहार राज्‍य किसी अन्‍य राज्‍य से पीछे नहीं है। किसानों का विकास हो बस इसी आशा से बिहार राज्‍य ने एक नई योजना को तैयार किया है।

इस योजना का निर्माण बिहार राज्‍य ने किसान (Bihar Farmers) की आमदानी बढ़ाने के उद्देश्‍य से किया है। किसानों का फायदा हो और वह तरक्‍की करें इसके लिए बिहार राज्‍य की सरकार के द्वारा सेब की खेती प्रारंभ करने के लिए पैसे की मदद करने का डिसिजन लिया गया है।

योजना के जरिए अब बिहार में सेब की खेती

योजना के जरिए हम आपको बता दे कि किसानों का 2 प्रकार से फायदा होगा पहले में किसान सेब की खेती (Apple Farming) करने के लिए आगे आएंगे। दूसरा यह होगा कि किसानों को सेब की खेती से मुनाफा भी अधिक मिलेगा। जिससे उनकी आमदानी में बढ़ोत्‍तरी होगी।

साथ ही इसका फायदा यह भी होगा कि देश को एक ऐसा और राज्‍य मिल जायेगा जहॉं सेब की खती (Seb Ki Kheti) होने लगेगी। अ‍ब तक हमारे देश में सिर्फ जम्‍मू और हिमाचल में ही सेब उगाया जाता था। परन्‍तु अब देश को इन दोनों राज्‍य के अलावा बिहार के रूप में तीसरा विकल्‍प भी मिल जायेगा।

पायलट प्रोजेक्‍ट के तरह होगी सेब की खेती

आज तक हमने बस यही सुना था कि हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू कश्‍मीर की जलवायु सेब की खेती के लिए पर्याप्‍त है। इसके अलावा हमने देश के किसी और राज्‍य में सेब की खेती के विषय में नहीं सुना था। परन्‍तु आपको बता दे कि अब बिहार राज्‍य में भी हमें सेब की खेती देखने को मिलेगी।

वैसे तो बिहार की मिट्टी सेब की खेती करने वाले राज्‍य की मिट्टी से बहुत अलग है। परन्‍तु रिसर्चर्स ने जानकारी दी है, कि सेब की एक वेरायटी जिसे हरीमन 99 कहते है। उसके लिए बिहार राज्‍य जैसी जगह पूरी तरह से अनुकूल है।

आपको बता दे कि बिहार राज्‍य में अभी पायलट प्रोजेक्‍ट चलाया जा रहा है जिसके तहत 7 जिले भागलपुर, वैशाली, समस्‍तीपुर, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद और कटिहर को इस प्रोजेक्‍ट में शामिल किया गया है। इस योजना से प्रभावित होकर बिहार के किसान सेब कि खेती करना प्रारंभ भी कर चुके है।

हरिमन 99 सेब की होगी खेती

सेब की वेरायटी जिसे हरीमन 99 कहा जाता है उसके लिए यह साबित किया जा चुका है कि बिहार की जलवायू पूरी तरह से परफेक्‍ट है। यहॉं कि दोमट, लाल, और पथरीली हर प्रकार की मिट्टी में सेब की खेती आसानी से की जा सकती है।

हर प्रकार की मिट्टी में सेब का पौधा यहॉं अच्‍छे से ग्रो करेगा। रिसर्च में यह भी साबित किया गया है कि बिहार में जो सेब उगाया जाएगा। वह पूरी तरह हिमाचल और जम्‍मू में उगाए जाने वाले सेब की ही तरह होगा।

सरकार देगी अनुदान

सेब का साइज, कलर, टेस्‍ट पूरी तरह से वहा के सेब की तरह होगा। आपको बता दे कि एक हेक्‍टेयर में सेब की खेती करने का पूरा खर्चा 246250 रूपये आता है। जोकि काफी ज्‍यादा है। इसलिए बिहार सरकार के द्वारा किसानों को सेब की खेती के लिए अनुदान देने की योजना पारंभ की गई है। किसानों को सेब की खेती करने का प्रशिक्षण भी बिहार राज्‍य के द्वारा प्रशिक्षण केन्‍द्रों पर दिया जा रहा है।

सेब की खेती का सही समय

सेब की खेती अगर आप भी करना चाहते है, तो आपको जानकारी के लिए बता दे, कि सेब की खेती करने का सही समय नवंबर से फरवरी माह तक का होता है। सेब की किस्‍म हरिमन 99, माइकल, एना, ट्रिपिकल स्‍वीट्स तथा डोरसेट गोल्‍डन के लिए 40 से लेकर 50 डिग्री टेक्‍परेचर की आवश्‍यकता होती है। सेब का पौधा तुरंत फल नहीं देता।

इसे लगाने के लगभग 2 वर्ष के बाद यह फल देना शुरू करता है। मई व जून में इसके फल तैयार होते है। सेब की खेती करने में किसानों को प्रोत्‍साहित करने के लिए बिहार सरकार किसान को ढाई लाख रूपये को 3 किस्‍त में देगी। जिसमें से पहली किस्‍त अनुदान का 60 प्रतिशत होता है। बाकी का बचा 40 प्रतिशत समान कस्‍तों में किसानों को दिया जाता है।

खेती करने के लिए किसान कर सकते है आवेदन

मिस्‍टर डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद जी जो कि पूसा में कृषि विश्‍वविद्यालय के निदेशक है। वह बताते है कि सेब के लिए ठंडे प्रदेश ज्‍यादा उन्‍नत होते है। मैदानी क्षेत्र मे सिर्फ हरिमन 99 को ही उगाया जा सकता है। अगर आप भी बिहार राज्‍य से है और सेब की खेती करने के इच्‍छुक है। तो बिहार राज्‍य सरकार की बेबसाइट में जाकर अनुदान के लिए आवेदन कर सकते है।

जिन किसानों को सेब की खेती करने के लिए चुना जायेगा। उन्‍हें देसरी सेंटर जोकि वैशाली में है, वहॉं ट्रेनिंग दी जाएगी। किसानो को जो पौधा इस ट्रे‍निंग के दौरान दिलवाया जायेगा वह हिमाचल प्रदेश का पौधा होगा। इस पौधे की लागत प्रशिक्षण संस्‍थान से 200 रूपये ली जायेगी।

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