
Jabalpur: दोस्तों आज के समय में स्वस्थ और हष्ट पुष्ट शरीर पाना आसान बात नहीं रह गई है। खाने पीने की चीजों में तरह-तरह की मिलावट और पोषक तत्व का ना होना वर्तमान जनरेशन को अंदर से खोखला करता जा रहा है। लोगों का मानना है कि मांसाहार में कई गुना ज्यादा प्रोटीन और विटामिन है, जिसके सेवन से हर व्यक्ति एक हष्ट पुष्ट शरीर पा सकता है।
मांसाहार का सेवन करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बाजार में मुर्गा और मुर्गी की कई प्रकार की नस्लें मिलती है। कुछ नस्लों के मुर्गी के अंडे (Eggs) देने की क्षमता काफी ज्यादा होती है, तो कुछ की अंडा देने की क्षमता बहुत कम होती है।

ऐसा माना जाता है कि कड़कनाथ मुर्गा (Kadaknath Chicken) सबसे ज्यादा प्रोटीन वाला और सबसे महंगा मुर्गा है। कड़कनाथ मुर्गी की नस्ल को जी आई टैग भी प्राप्त है। दोस्तों आपको बता दें कड़कनाथ मुर्गे की नस्ल को टक्कर देने के लिए और ऐसी नस्ल के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह।
असील नस्ल का मुर्गा
दोस्तों जो व्यक्ति मुर्गी पालन करता है, उसके लिए यह जानकारी काफी उपयोगी साबित होने वाली है। बता दे असील प्रजाति का मुर्गा मांसाहार का सेवन करने वाले लोगों को काफी पसंद आ रहा है। इस मुर्गे से काफी मात्रा में मांस प्राप्त होता है, जिससे मुर्गी पालक को काफी फायदा होता है।
इस नस्ल की मुर्गी की खास बात यह है कि इन मुर्गियों के अंदर अंडा देने की क्षमता काफी कम होती है। यह 1 वर्ष में 60 से 70 अंडे ही दे पाती हैं, परंतु इन मुर्गियों का अंडा काफी महंगा बिकता है। आपको बता दें एक अंडे की कीमत करीब 100 RS होती है। इसीलिए मुर्गियों की यह प्रजाति इस समय काफी ज्यादा मांग में है।
सरकार किसानों को सब्सिडी मुहैया करा रही है
दोस्त आपको बता दें ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन याने पोल्ट्री फॉर्म (Poultry Farm) वर्तमान समय में लोगों के बीच काफी फायदेमंद व्यापार साबित हो रहा है। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मुर्गी के मांस की मांग काफी ज्यादा है और अंडों की मांग भी इस समय बाजार में काफी ज्यादा होने के कारण सरकार से मुर्गी पालन करने वाले किसानों को सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे किसानों को काफी ज्यादा फायदा हो रहा है।

सरकार किसानों को सब्सिडी देकर मुर्गी पालन को बढ़ावा दे रही है, इसका कारण यह है कि बाजार में इनकी मांग काफी ज्यादा है। दोस्तों यदि आप भी किसी नए व्यापार के लिए सोच रहे हैं, तो आपके लिए मुर्गी पालन भी एक अच्छा व्यापार साबित होगा।
मुर्गे की बनावट
दोस्तों असील प्रजाति का मुर्गा (Aseel Murga) सामान्य मुर्गों से काफी अलग दिखाई देता है। इस मुर्गी का मुंह लंबा और बेलाकार होता है। मुर्गी की गर्दन काफी लंबी होती है, इसमें पंख भी पाए जाते हैं, साथ ही इसकी आंखें काफी खूबसूरत होती है।

साथ ही साथ या मुर्गा (Aseel Chicken) सामान्य मुर्गों की तुलना में काफी मजबूत होता है, इसकी टांगे काफी मजबूत होती है और यह काफी फुर्तीला होता है। इस नस्ल की मुर्गी का वजन करीब 3 से 4 किलो होती है, जबकि मुर्गी का वजन करीब 4 से 5 किलो होता है। दोस्तों आपको बता दें इस प्रजाति के मुर्गे को पुलैट्स और मुर्गी को कोकराल (PULLET or COCKEREL) कहा जाता है।
लड़ाई के खेल में उपयोग किया जाता है इस नस्ल को
दोस्तों भारत के कुछ शहरों में मुर्गा और मुर्गी की लड़ाई का एक खेल किया जाता है, जिसमें एक मुर्गा और एक मुर्गी को आपस में लड़ाया जाता है, जिसे दूर बैठी पब्लिक देखती है और इसका आनंद लेती है। ऐसी लड़ाई यों के लिए असील प्रजाति के मुर्गे का ही इस्तेमाल किया जाता है। असील मुर्गी की नस्ल दक्षिणी पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में जबसे ज्यादा पाई जाती है।
इसके अलावा भी कुछ नस्ल है जो जगह विशेष पर पाई जाती है और वह प्रसिद्ध मानी गई है जैसे रेजा (हल्की लाल), टीकर (भूरी), चित्ता (काले और सफेद सिल्वर), कागर (काली), Nurie 89 (सफेद), यारकिन (काली और लाल) और पीला (सुनहरी लाल) नस्लें है। जो काफी विशेष है और इनका पालन सबसे ज्यादा किया जाता है।




