कौन है लेडी सिंघम IPS अंकिता शर्मा, जो बस्तर में संभाल रही हैं नक्सल ऑपरेशन की कमान

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IPS Ankita Sharma
Meet IPS officer Ankita Sharma who commands operation in Naxal stronghold Bastar. Ankita Sharma IPS posted as Addl SP Operation, Bastar, Chhattisgarh. Ankita Sharma did UPSC preparation after MBA and became IPS Officer. Now helping UPSC students.

Photo Credits: Ankita Sharma IPS on Twitter(@ankidurg)

Raipur: आज के दौर में महिलाएं न सिर्फ अपने घर की जिम्मेदारी सम्भल रही है, बल्कि अपने घर और बाहर की भी जिम्मेदारी को संभालते हुए हर क्षेत्र में अग्रसर हो रही है। शहर में रहने वाली या फिर पढ़ने वाली महिलाओं या लड़कियों के बारे में कहा जाता है कि शहरो की लड़कियां मॉर्डन रहती है ओर गांव को जिंदगी से दूर रहती है। लेकिन ये सच नही है। चाहे गांव हो या शहर आज की महिलाए हर क्षेत्र में पुरुषों के समान अपना योगदान दे रही है।

हमारे देश मे इसके बहुत सारे उदाहरण भी देखे जाते है। बड़ा अफसर बनने के बाद अधिकांश लोग खुद को अपनी नौकरी तक ही सीमित कर लेते हैं। बात अगर किसी आईपीएस की हो जो 24 घंटे ऑन ड्यूटी ही रहता तो जवाब होगा कि ऐसे में दूसरों के लिए तो क्या खुद के लिए भी वक्त निकाल पाना मुश्किल है, मगर इस मामले में आईपीएस अंकिता शर्मा की कहानी सबसे अलग है।

कौन है लेडी सिंघम

आईपीएस अंकिता शर्मा (Ankita Sharma) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आजाद चौक इलाके में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) पद पर तैनात हैं। वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक छोटे से गांव से हैं और उन्होंने अपने शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की है। उनकी पहचान दबंग और ताकतवर अफसर के तौर पर होती है।

अंकिता अपने गुड लुक्स के लिए भी जानी जाती हैं, जो अक्सर इंस्टाग्राम पर स्टाइलिश फोटोज शेयर करती रहती हैं। अंकिता दुर्गा के छोटे से गांव की रहने वाली हैं, आईपीएस अंकिता शर्मा का जन्म 25 अप्रैल 1992 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एक सरकारी स्कूल से की अंकिता शर्मा को अपने तीसरे प्रयास में, वर्ष 2018 में सफलता मिली।

इस साल, उन्होंने UPSC परीक्षा में 203 वां रैंक हासिल किया। इसके बाद अंकिता होम कैडर पाने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला आईपीएस बन गई हैं। ऑपरेशन बस्तर अंकिता शर्मा अब नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में नक्सल अभियान की कमान संभाल रही हैं। इससे पहले, वह राजधानी रायपुर के पास आजाद चौक में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) के पद पर पोस्ट थीं। अब अंकिता शर्मा को नक्सलियों की समाप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है।

छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 40 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। लेकिन खास बात यह है कि बघेल सरकार ने रायपुर की सिटी एसपी अंकिता शर्मा Ankita Sharma को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) जिले का ASP बनाया है। ऐसे में यह प्रश्न सभी को हैरान कर दिया है। कि आखिर कौन है यह महिला आईपीएस अधिकारी जिसे सरकार ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी सोपी है।

छत्तीसगढ़ की पहली महिला IPS

अंकिता शर्मा को छत्तीसगढ़ की पहली महिला आईपीएस (IPS) अधिकारी बनने का भी गौरव हासिल हुआ है। 2018 की यूपीएससी परीक्षा में अंकिता शर्मा को 203 रैंक मिली थी, जबकि तीसरे प्रयास में इन्हें कामयाबी मिली थी। अंकिता वर्तमान में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) आजाद चौक के पद पर तैनात थी। लेकिन अब उन्हें उनके करियर की एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंकिता को नक्सल प्रभावित बस्तर जिले का एएसपी बनाया है।

अपनी मेहनत से हासिल किया IPS का मुकाम

खास बात यह है कि अंकिता शर्मा (Ankita Sharma) ने आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बनने तक का मुकाम अपने मेहनत और दृढ़ इक्छा से हासिल किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान अंकिता ने बताया था कि वह बचपन से ही आईपीएस बनना चाहती थीं, लेकिन इस विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और मार्गदर्शन देने के लिए कोई नहीं था।

उनके मन मे बड़ा अधिकारी बनने का सपना तो था। लेकिन इसको पूरा कैसे करेंगे ये नही पता था। फिर भी मन मे बचपन से ही अधिकारी बनने का सपना संजो लिया था। उनको जीवन मे बहुत मुश्किल आई। कई बार वो अपने सपने से पीछे भी हटी लेकिन फिर बुलन्द होसलो से पूरा करने का मन बना लिया। जीवन तो कठिनाई का नाम है।

दुसरो के लिये बनी मार्गदर्शन

उन्होंने जो परेशानी झेली है, वो चाहती है कि कोई भी स्टूडेंट्स जो अपने सपनो को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहा है उसको सही रास्ता दिखाया जाए जिससे उसको सफलता हासिल करने में ज्यादा कठिनाई का सामना ना करना पड़े। इसलिए वे अब कोशिश कर रही हैं कि उन्हें जितनी परेशानी हुई है। आगे किसी और को ना हो।

https://twitter.com/Veerusahubjym/status/1408274890612899854

इस वजह से वे यूपीएससी की तैयारी (UPSC Preparation) कर रहे स्टूडेंट्स को प्रशिक्षण (Tips) दे रही हैं। इसके लिए अंकिता अपने बिजी शेड्यूल से भी वक्त निकाल लेती हैं। आईपीएस बनने के बाद अंकिता शर्मा उन युवाओं की मेहनत को सही रास्ता दिखाने में जुटी है, जो इन दिनों यूपीएससी की तैयारियां कर रहे हैं। फिलहाल अंकिता शर्मा करीब सौ युवाओं को यूपीएससी की तैयारी करवा रही हैं।

आईपीएस अंकिता शर्मा (IPS Ankita Sharma) बताती हैं कि अन्य प्रदेशों की तरह छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से भी काफी स्टूडेंट्स सिविल सेवा में जाना चाहते हैं, मगर यहां ना तो स्तरीय कोचिंग संस्थान हैं और ना ही स्टूडेंट्स को ढंग से मार्गदर्शन मिल पाता है। गांव में संसाधनो की कमी है। संसाधनो की कमी के चलते हर कई अपने सपने पूरे नही कर पाता।

यूपीएससी की तैयारी के दौरान मैंने छत्तीसगढ़ के स्टूडेंट्स की इस परेशानी को करीब से देखा, जाना और ​समझा। मै भी कभी उसी जगह पर थी। मुझे भी किसी से कोई मदद नही मिली लेकिन अपने होसलो के दम पर मैने हर कठीन परिस्थितियों को पार कर सफलता हासिल की। इसलिए आईपीएस बनने के बाद छत्तीसगढ़ के स्टूडेंट्स की इस परेशानी के समाधान की दिशा में कदम उठाया है।

युवाओं को दी सीख

अंकिता शर्मा ने कहा, अपनी असफलता से कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। ऐसा कोई इंसान नहीं हो जिसने असफल हुए बिना सफलता हासिल की हो। हर इंसान कभी एक स्थान पर सिमटे नहीं रह सकता। उसका स्थान परिवर्तन होता रहता है। ये सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन सत्य है। सभी लोगों ने गिरने के बाद ही ऊपर उठना सीखा था। कभी भी परिस्थितियों से हार नही माने उनका डटकर मुकाबला करे। अपनी हार से सीख लेकर नई सीढ़ी पर चढ़े। हार से घबराना नही है।

इतिहास बदल दिया

राज्य के इतिहास में पहली बार कोई महिला पुलिस ऑफिसर गणतंत्र दिवस परेड की कमान संभालती नजर आई थीं। गणतंत्र दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के रायपुर (Raipur CG) स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आईपीएस अंकिता शर्मा ने परेड का नेतृत्व किया था। इसके साथ ही वह गणतंत्र दिवस परेड की कमान संभालने वाली राज्य के इतिहास में पहली महिला पुलिस अधिकारी बन गईं।

विधायक से बहस ने बनाया सुर्खियों में

महिला आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा कहती हैं कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं, हर क्षेत्र में महिला पुरुषों के कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अंकिता ने कहा था कि महिलाएं किसी से कम नहीं होती हैं। महिलाओं और परेशान लोगों की समस्या को हल करने के लिए ही उन्होंने पुलिस की यूनिफॉर्म पहनी है।

https://twitter.com/Mohamme68391957/status/1371465880593334273

इस साल फरवरी में अंकिता नियम कानून को लेकर कांग्रेस विधायक शकुंतला साहू से भिड़ गई थी, उन्होंने विधायक को नियम कानून की सरेआम जानकारी दी थी। इसका मामले का वीडियो मीडिया में आग की तरह फैल गया। यह मामला सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में बना रहा। लोगों ने अंकिता की जमकर तारीफ की थी। उनकी छवि छत्तीसगढ़ में सक्रिय महिला अधिकारी की रूप में है।

IPS बनकर बचपन का सपना किया सच

एक इंटरव्यू में अंकिता शर्मा ने कहा था कि वह बचपन से ही आईपीएस बनना चाहती थीं, लेकिन उन्हें इस विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उनका मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था। इस वजह से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एमबीए के बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गई। अंकिता शर्मा ने दुर्ग (Durg CG) से ग्रेजुएशन करने के बाद MBA किया। फिर वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आई, लेकिन उसने वहां केवल छह महीने पढ़ाई की और फिर वापस घर चली गई। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी।

आदिवासी युवाओं को भी करवाती है तैयारी

अंकिता शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक अनूठी पहल शुरू की थी। आईपीएस अंकिता शर्मा ने कुछ समय पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा था कि जो युवा यूपीएसी UPSC की तैयारी कर रहे हैं, अगर उन्हें किसी सहायता की जरूरत पड़े, तो वे रविवार सुबह 11 से दोपहर एक के बीच आजाद चौक थाना में मिल सकता है। ऐसा करने का उद्देश्य प्रतियोगी बच्चों की मदद करना था।

इस मैसेज के साथ उनकी नई पहल शुरू हो गई। इस मैसेज के बाद आईपीएस अंकिता शर्मा को कई स्टूडेंट्स ने फोन किया। लोगो के पास सपने तो थे बड़े अधिकारी बनने के लेकिन उनको पूरा करने के लिए सही रास्ता नही मिल रहा था। तब से हर रविवार को उनके ऑफिस में यूपीएससी की पढ़ाई के लिए स्टूडेंट्स मार्गदर्शन लेने पहुंचते हैं। सबसे अहम बात यह है की न केवल स्टूडेंट्स को यूपीएसी की तैयारी करवाती है बल्कि बुक और नोट्स भी मुहैया करवाती है। इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं की भी हेल्प करने से कभी पीछे नही हटती हैं।

नक्सली क्षेत्र की सौंपी गई जिम्मेदारी

अंकिता शर्मा को नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में ऑपरेशन बस्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बस्तर जिला छत्तीसगढ़ का अतिनक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। जहां नक्सलियों को समाप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ऑपरेशन बस्तर चलाया जा रहा है। जिसके उद्देश्य नक्सलियों के प्रभाव को बस्तर जिले से पूरी तरह मुक्त करवाना है।

अब अंकिता शर्मा को इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। उनके साथ आईपीएस अंजनेय वार्ष्णेय को सुकमा जिले का एएसपी ऑपरेशन बनाया गया है, उरला सीएसपी येदुपल्ली अक्षय कुमार को एएसपी ऑपरेशन की जिम्मेदारी देकर नारायणपुर भेज दिया गया है। ये सभी जिले बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस का यह अभियान सफल दिखाई दे रहा है। अब तक कई बड़े नक्सलियों को मार गिराया गया है, तो कई नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने समर्पण भी किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला अधिकारी को छत्तीसगढ़ में इतने बड़े ऑपरेशन की कमान सौंपी गई हैं।

पति ने बढ़ाया हौसला

पति आर्मी ऑफिसर है इंटरव्यू में अंकिता ने यह भी कहा कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनकी शादी हुई थी। उनके पति विवेकानंद शुक्ला आर्मी में मेजर हैं और फिलहाल मुंबई में तैनात हैं। अपने पति के साथ रहते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद, झांसी जैसे शहरों में रहना पड़ा और वह दो बार यूपीएससी परीक्षा में फेल हो गईं। लेकिन उसने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ली।

उन्होंने बताया कि उनके पति ने उनकी उपलब्धि में एक विशेष भूमिका निभाई। घुड़सवारी और बैडमिंटन का शौक रखती है। अंकिता शर्मा एक एक्टिव अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। घुड़सवारी के अलावा उन्हें बैडमिंटन खेलने का भी शौक है। वह अक्सर इंस्टाग्राम पर घुड़सवारी की तस्वीरें शेयर करती हुई नजर आती है।

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