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Delhi: कहते है कि हुनार किसी सुविधा या पैसों की मोहताज नहीं होती। यदि मन में सपने को पूरा करने की सच्ची लगन हो तो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सासाराम के एक बेटे ने। 22 वर्षीय अंकित गुप्ता सासाराम के तकिया बाजार के रहने वाले हैं, अंकित गुप्ता (Ankit Gupta) का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद में अंतरिक्ष वैज्ञानिक (Scientist) के लिए हुआ है।
अंकित ने यह कामयाबी अपने कठिन परिस्थिति से जंग लड़ते हुए हासिल किया है। वो जब महज़ 10 साल के थे तो उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। सिर्फ 10 साल की उम्र में पिता के गुजर जाने के बाद नकित मुसीबतों का पहाड़ से टूट गया, लेकिन नकित ने हार नही मानी अपने होसलो को मजबूत बनाये रखा।
अंकित के पिता अशोक गुप्ता का साया तब उठ गया था, जब अंकित चौथी कक्षा में पढ़ता था. इसके बाद से ही घर में अच्छे जीवन के लिए संघर्ष जारी था और अंत में अंकित को सफलता मिली। अंकित जब 10 साल का था, तब चौथी कक्षा में पढ़ता था. उसी दौरान पिता की सामायिक निधन के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन अंकित की मां प्रेमलता हिम्मत नहीं हारी और अपने होनहार बेटे अंकित को आगे की पढ़ाई के लिए अपने मायके अर्थात अंकित के मामा के घर भेज दी।
अंकित 12वीं तक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ही पढ़ाई किया। उसके बाद उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि के कारण इंडियन इंस्टीट्यूट आफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी त्रिवेंद्रम में उसका चयन हो गया। उनकी आगे की पढ़ाई के लिए उनको नाना के यहां गोरखपुर में भेज दिया।
अंकित ने गोरखपुर में कक्षा चौथी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई हासिल की। उसके बाद उन्होंने ने एक साल तक जेईई मेंस की तैयारी की, जिसमें उन्होंने कामयाबी भी हासिल की। इसके बाद अंकित का नामांकन इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी त्रिवेंद्रम में हो गया। यहां से पढ़ाई जारी रखते करने के बाद अंकित का सलेक्शन ISRO के विक्म साराभाई अंतरिक्ष वैज्ञानिक के तौर पर हुआ है।
उनकी जिंदगी में 24 दिसंबर ने उनकी किस्मत ही बदल, इसी दिन उन्हें इसरो (ISRO) का यह प्रस्ताव मिला है। पिछले महीने के 24 दिसंबर को ही अंकित को इसरो से नियुक्ति प्रस्ताव मिला है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर अंकित है। इसरो में वैज्ञानिक के रूप में चयन होने पर परिवार के लोग काफी खुश हैं तथा अंकित के उज्जवल भविष्य की कामनाएं कर रहे हैं।
जिस उम्र में ज्यादातर युवा शॉपिंग मॉल मॉल, मल्टीप्लेक्स और नए नए दोस्त बनाने में मशगूल रहते हैं। उस उम्र में अंकित में अंतरिक्ष मे उड़ान के सपने सजा लिए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अंकित कहते हैं कि बचपन से ही लक्ष्य के प्रति संकल्पित रहे। अपने समय का सही उपयोग कर कोई भी अपनी मंजिल आसानी से पा सकता है। टाइम मैनेजमेंट से ही कम समय में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। कठिन परिस्थितियों में भी अपने होसलो को कम नही होने देना। हर मुसीबत हो हरा कर अपनी कामयाबी की सीढ़ी पर चढ़ना ही अपना लक्ष्य बना ले।



