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Patna: हमारी पृथ्वी में जीवन होना बहुत बड़ी बात है। यही कारण है की यहाँ हरियाली है। विशाल जंगल है। आधुनिक युग और टेक्नोलॉजी की वजह से मानव सभ्यता ने इसे बहुत नुक्सान पहुंचाया है। ऐसे में हम इस नुक्सान की भरपाई पेड़-पौधे उगाके कर सकते हैं। ऐसे ही विचार के साथ पटना के अनिल पॉल गार्डनिंग करते हैं।
बिहार के इस शहर में आये दिन डेवलपमेंट के कार्य चल रहे है। एक्सप्रेसवे Highway Road बन रहे हैं। ऐसे में हमें हरियाली का भी विशेष ध्यान रखना है। अनिल ने अपनी सोसाइटी अपार्टमेंट की बिल्डिंग की छत (Society Apartment Building Rooftop) पर एक ऐसा खूबसूरत ईको-सिस्टम (Eco System) तैयार किया है, जहां लोगों को हरियाली और पक्षियों का वातावरण मिल जाता है।
घर पर बगीचा उन्हें बहुत पसंद था
अनिल पाल (Anil Paul From Patna Bihar) ने फूल, फल, पौधे और सब्जियों के पौधे लगाए हुए हैं। अनिल ने एक अख़बार को बताया की अभी से 30 साल पहले, जब वह इस अपार्टमेंट में रहने के मकसद से आए थे, तब उन्हें अपने पुराने वाले घर का बगीचा बहुत याद आता था।
उन्हें (Anil Paul) हरे भरे बगीचे की आदत सी हो गई थी। उन्होंने न सिर्फ अपना शौक़ पूरा किया, बल्कि दूसरों को भी गार्डनिंग करना सिखा दिया। उनके अपार्टमेंट में अब अन्न लोग भी उनका साथ देते है और कुछ पौधे लगाते है।
छोटे-मोटे सीन अपनी छत पर ही शूट कर लेते
अनिल फिल्म और सीरियल निर्देशक का काम करते है और हमेशा अपने सीरियल के लिए छोटे-मोटे सीन अपनी छत पर ही शूट कर लेते हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े उनके कई मित्र भी उनकी छत की हरियाली का इस्तेमाल अपने फिल्मी शूट में करते हैं। उनकी बिल्डिंग के निवासियों के लिए यह गार्डेन शांति और हरियाली में समय बिताने की सर्वश्रेष्ठ जगह बन गई है।
हालाँकि उन्होंने जब सबसे पहले यहां पौधे उगाना शुरू किया था, तब कई लोगों ने आपत्ति उठाई थी। फिर बादमे लोगो को यह हरियाली पसंद आने लगी और अन्न लोग उन्हें सहयोग भी करने लगे। उनके अपार्टमेंट की पूरी छत करीब 4800 स्क्वायर फ़ीट की है, जिसमें से उन्होंने 1000 स्क्वायर फ़ीट का इस्तेमाल करके गार्डनिंग (Rooftop Garden) की हुई हैं।
मौसमी सब्जियां और फल भी उगाते है
अनिल ने जमीन से दो फ़ीट ऊपर क्यारी बनवाकर कुछ पौधे उगाए हैं। कुछ पौधे गमले में लगे हैं। वे कुछ मौसमी सब्जियां और फल भी उगाते है। यह बिल्डिंग के लोगो को पसंद आते है। सबसे खास बात यह है की अनिल जब भी कही देश या विदेश में घूमने जाते हैं, वहां से नए-नए पौधे और बीज ले आते हैं।
कुछ साल पहले, उनकी बहन ने उन्हें वैजन्तीमाला के बीज दिए थे। उन्होंने इन बीजों को अपने गार्डन में लगाया और उन बीजों से पौधा भी बन गया। अब यह फल-फूल रहे है। उनके बगीचे में बैंकॉक से लाए काले अमरुद, बेर, चीकू, संतरा, अनार, स्ट्रॉबेरी के पेड़ लगे हैं।
पटना के अनिल पॉल अपने अपार्टमेंट की बिल्डिंग की छत पर गार्डनिंग करके मिसाल पेश कर रहे हैं। pic.twitter.com/HKwdKWgHRp
— sanatanpath (@sanatanpath) December 31, 2021
उन्होंने नागपुर से एक संतरे का पौधा भी लाकर लगाया था। इतना ही नहीं उनके छत गार्डन में लेमन ग्रास, तेज पत्ता, इलाइची, पान, बेसिल, करी पत्ता, अजवाइन, हल्दी, अदरक, लहसुन और कुछ जड़ीबूटियां भी लगी हुई हैं। उनके छत पर हरदिन गौरैया, तोता, बुलबुल, हमिंग बर्ड जैसे कई पक्षी आते हैं।
कचरा प्रबंधन की समस्या का सॉलिड समाधान निकाला
अनिल दूसरों को भी गार्डनिंग करना सिखाते हैं। इसके अलावा अनिल, लोगों को कम्पोस्टिंग करना भी सिखाते हैं। उनका कहना है कि बड़े शहरों में कचरा प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अगर सभी गार्डन बनाएं और उसके लिए घर पर कम्पोस्ट तैयार करें, तो एक साथ दो दिक्कतें सॉल्व हो जाएगी। उन्होंने 20 सालों से कोई भी गीला कचरा घर के बाहर नहीं फेंका है। है न कमाल की बात।



