अगर आपको पहाड़ और घाटियां पसंद हैं, तो भारत में स्थित युमथांग वैली एक बार घूमिये, बार बार आएंगे

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Yumthang Valley Trip
All about Yumthang Valley Sikkim for best trip and tourists. The best time to visit Yumthang Valley is February to mid-June.

Delhi: युमथांग वैली (Yumthang Valley) का नाम तो आपने जरूर सुना होगा। सिक्किम (Sikkim) में स्थित इस स्‍थान को भारत का स्विटजरलैंड कहते है। इसकी घाटियो को स्विटजरलैंड की घाटियो से कंपेयर किया जाता है। युमथांग वैली 3500 मीटर ऊँचाई में स्थित घूमने की एक बहुत फैमस जगह है।

इसकी घाटियों को निहारने दूर दूर से सैलानी हर समय आते है। युमथांग वैली वह स्‍थान है, जहां बर्फ से ढ़के पर्वत, हरे हरे जंगल, नदियो की धाराऍं यह सब प्राकृतिक खूबसूरती देखने को मिलती है। आइये आज युमथांग वैली के बारे में और इसकी यात्रा से जुड़े सभी बातो को जानते है।

युमथांग वैली जहां आप जा सकते है सभी मार्ग से

युमथांग वैली अगर आप जाने की प्‍लानिंग करते है। तो आपको बता दे कि हवाईमार्ग, रेलमार्ग, सड़कमार्ग किसी भी प्रकार से आप इस जगह जा सकते है। रेलमार्ग से अगर इस जगह आपको जाना है, तो सबसे पहले न्‍यू जलपाईगुड़ी रेल्‍वे स्‍टेशन में आपको जाना होगा।

यह रेलवे स्‍टेशन वेस्‍ट बंगाल के सिलीगुड़ी (Siliguri) मे है। सिलीगुड़ी गंगटोक से पूरे 150 किलोमीटर के डिस्‍टेंस पर है। जब आप रेलमार्ग से न्‍यू दिल्‍ली से जलपाईगुड़ी जाते है, तो पूरे 21 घंटे का समय आपको यहॉं पहुँचने में लगता है। यहां पहुँचकर आप आसानी से बस, मेट्रो ले सकते है।

हवाई मार्ग से इस जगह पहुँचने के लिये वेस्‍ट बंगाल के ही बागड़ोगरा अड्डे पर पहुँचना होगा। दिल्‍ली से आपको आसानी से बागड़ोगरा जाने वाली हवाई-जहाज मिल जायेगी। जब आप इस अड्डे पर पहुँच जाएंगे, तो उतर कर आसानी से प्रीपेड या फिर टेक्‍सी कर सकते है। बागड़ोगरा से गंगटोक पूरे 124 किलोमीटर के डिस्‍टेंस पर है। मतलब आपका सफर पूरे 4 घंटे का होगा।

सड़क मार्ग से अगर आप जाना चाहते है, तो यह मार्ग आपके लिये बहुत कठिन हो सकता है इसलिए कोशिश करें कि इसे ना ही चूज करे। लेकिन अगर आप नॉर्थ स्‍टेट जैसे मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, असम, पश्‍चिम बंगाल, अरूणाचल प्रदेश तथा नागालैंड से है, तो सड़क मार्ग को सेलेक्‍ट कर सकते है।

सबसे पहले पहुचना होगा गंगटोक

जब आप सिक्किम के गंगटोक पहुँच जाएंगे तो ऐसे बहुत से स्‍थान है जहॉं आप घूम सकते है। मतलब अगर हम यह कहें कि इस जगह पर आप 3, 4 दिन प्‍लानिंग करके आएंगे तब ही इस जगह का लुफ्त उठा सकते है, तो गलत नहीं होगा। क्‍योंकि इस जगह पर बहुत से ऐसे स्‍थान है, जो प्रकृति की खूबसूरती को अपने ओर समेटे हुये है। जिसे देखकर आपका मन कभी भी इस जगह से जाने का नहीं होगा।

लाचुंग

जब आप किसी भी मार्ग से यात्रा करके गंगटोक पहॅुच जाते है, तो आपको लांचुंग जाना चाहिए। यह जगह गंगटोक से पूरे 118 किलोमीटर के डिस्‍टेंस पर है। सड़क मार्ग से यहां जाने पर आपको 3 से 4 घंटे का समय लगेगा।

इस जगह पर जाते समय मार्ग पर ही आप घुमावदार सड़क में बहती तीस्‍ता नदी के विहंगम दृश्‍य को देख सकते है। जब आप यहां जाने के लिये निकलेंगे, तो पहाड़ी गांव में जाकर भी समय व्‍यतीत कर सकते है। यहां का पहाड़ी गॉंव 2700 मीटर की हाइट पर स्थित है।

गॉंव की खूबसूरती निहारने के बाद भी आप लाचुंग मठ, भीम नाला, नागा इत्‍यादि जगह घूमने जा सकते है। लाचुंग में आपको जंगली फूलों की बहुत सी वेरायटी देखने को मिलेगी। गंगटोक से जब आप यहॉ पहुँचकर इस जगह की खूबसूरती निहार लेंगे, तो यहॉं के होटल गोल्‍डन वैली, तेन्सिंग रिट्रीट, हिमालयन रेजीडेंसी इन जगह पर रूक सकते है।

युमथांग वेली

लाचुंग (Lachung) पहुंचने के बाद आपको युमथांग वैली पहुँचने में ज्‍यादा समय नहीं लगेगा, क्‍योंकि लाचुंग से यूमथांग सिर्फ 25 किलोमीटर के डिस्‍टेंस पर है। यह पूरे 3564 मीटर की हाइट पर है। युमथांग वेली की घाटी घूमने का और इसका लुफ्त उठाने का सही तरीका पैदल ही है।

अगर पैदल इस जगह आप जाएंगे तो घाटी के मनोरम दृश्‍य का लुफ्त उठा देख सकते है। इस स्‍थान पर आपको रॉडोडेनड्रन के फूल बहुतायत में देखने मिलेंगे। जिसे देखने के बाद आपको कुछ इस तरह महसूस होगा जैसे इंद्रधनुष के रंग टूटकर जमीन पर बिखर गये हो।

इस जगह को वनस्‍पतिविद तथा प्रकृति उत्‍साही लोगो के लिये आदर्श माना जाता है। यहॉ की खूबसूरती देखने के बाद आप अपने जीवन की सारी चिंदा भूलकर बस यही की खूबसूरती देखने में खो जाएंगे। लेकिन यहॉं बस रूके नहीं आगे और कुछ आपके लिये देखने को है।

जीरो पाइंट सुमेसम्‍दोंग

युमथांग वेली से बस 1 घंटे के डिस्‍टेंस पर जीरो पाइंट है। इस जगह जाने का सड़क मार्ग हालांकि काफी कठिन है, पर इसे पार करने के बाद आपको जो नजारा देखने मिलेगा, इसे देखकर आप खुश हो जाएंगे। इस जगह पर सिर्फ सिक्‍क्‍मि पर्यटन की और से जो वाहन पंजीकृत है वह जा सकते है।

इस जगह पर जाने का वाहन शुल्‍क अतिरिक्‍त आपको खर्च करना पड़ता है। इस जगह पर जब आप पहुँचेंगे, तो पूरे 4663 मीटर की हाइट पर होंगे। यह जगह पूरे वर्ष भर वर्फ से ढका रहता है। यहॉं आप बर्फ से खेल भी सकते है।

युमथांग जाने का सही समय

इस जगह जाने का सबसे सही समय आपके लिये फरवरी से जून का होगा। क्‍योंकि इस समय पर फूलो की सारी किस्‍म अच्‍छी तरह खिल जाती है। अगर आप सितंबर से दिसंबर माह के समय मे इस जगह जाना चाहते है, तो पूरी तरह से साफ तथा वर्फ से लदी चोटियो को आसानी से देख सकते है। इस समय को आप आदर्श समय कह सकते है।

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