
Kushinagar: अगर कोई स्टूडेंट चाहता है कि वह इंजीनियर बने, तो वह आईआईटी कि ओर जाता है। वही अगर कोई चाहता है कि वह डॉक्टर बने, तो वह नीट (NEET) पर ध्यान देता है। हम जानते है कि यह सभी परीक्षायें काफी मुश्किल होती है। जिसे हर कोई नही निकाल पाता है। हर साल लाखो विद्यार्थी नीट और आईआईटी कि परीक्षा देते है। जिसमें से कुछ ही सफल होकर एक अच्छे गर्वमेंट कॉलेज में दाखिला ले पाते है।
यूपी कि अकांक्षा ने नीट कि परीक्षा में पूरे अंक हासिल किये
हाल ही में हमने देखा कि नीट का रिजल्ट जारी हुआ। जिसमें काफी स्टूडेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन इन सब स्टूडेंट मे राज्य उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) मे जिला कुशीनगर (Kushinagar) के छोटे से गॉंव विनायकपुर में रहने वाली आकांक्षा सिंह (Akanksha Singh) नाम कि लड़की ने ऐसा प्रदर्शन किया कि आज हर व्यक्ति अकांक्षा पर गर्व कर रहा है। आखिर कितने अंक लाये अकांक्षा ने नीट कि परीक्षा में और किस तरह कि अकांक्षा ने तैयारी आइये जानते है।
यूपी के कुशीनगर में रहने वाली अकांक्षा कि चर्चा अब हर जगह हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने जो कार्य किया है, वह करना किसी उपलब्धि से कम नही है। अकांक्षा इस वर्ष आयोजित हुई नीट कि परीक्षा में 720 में से पूरे 720 अंक हासिल कर पाई है। इन अंक के साथ में अकांक्षा ने पूरे देश में टॉप भी किया है। अब अकांक्षा देश के सबसे बेहतरीन टॉप कॉलेज में पढ़ाई करेगी।
दसवी से ही कर दी थी तैयारी शुरू
अकांक्षा के सफलता के विषय में जब उनके परिवारवालों से जानकारी ली गई, तो घर वाले इस पर कहते है कि अकांक्षा ने इस परीक्षा में इतनी बड़ी सफलता (NEET Exam Success) इसलिए पाई, क्योंकि जब वह दसवी कक्षा में पढ़ा करती थी।
तब से ही उसने इस परीक्षा कि तैयारी शुरू कर दी थी। जब वह छोटी थी, तब ही उसने डिसाडड कर लिया था कि वह एक बड़े मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर डॉक्टर कि पढ़ाई करेगी और खुद को एक दिन डॉक्टर के प्रोफेशन में देखेगी।
हर रोज 70 किलोमीटर दूर जाती थी कोचिंग के लिये
अकांक्षा ने नीट कि ट्यूशन के लिये हर दिन 70 किलोमीटर का रास्ता तय किया है। वह हर रोज यूपी में कुशीनगर से गोरखपुर जाया करती थी। दसवी तथा बारहवी कि परीक्षा पास करने के बाद में अकांक्षा दिल्ली आ गई ताकि वह अच्छे से नीट कि परीक्षा कि तैयारी कर सके।
आपको बता दे कि अकांक्षा का परिवार पढ़ाई लिखाई में काफी सजग था। अकांक्षा कि मॉ एक टीचर है। वही पिता कि बात करें तो वह सेना में है। यही कारण था कि अकांक्षा भी अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर इतनी ज्यादा जागरूक है।
परिवार वालो का बढ़ाया मान सम्मान
अकांक्षा कहती है जब वह कक्षा आठवी में थी। तब उनके मन में बहुत से अलग अलग प्रकार के प्रश्न आया करते थे अपने करियर को लेकर। लेकिन वह कहती है जब वह दिल्ली (Delhi) आई, तो उनके सारे सवाल क्लीयर हो गये और उनका एम यहॉं आकर बस यही था कि उनको नीट कि तेयारी अच्छे से करनी है और डॉक्टर बनना है।
Indian Secularism has stooped so low today that even after scoring a perfect 720/720, NEET 2020 Joint Topper, Akanksha Singh isn't getting any recognition.
The other guy being a PEACEFUL is getting accolades, but bearing an Upper Caste Hindu tag has proved to be a bane for her. pic.twitter.com/zCCdegzn6J— ɢᴀᴜʀᴀᴠ ꜱʜᴀɴᴅɪʟʏᴀ (गौरव शांडिल्य) (@ShandilyaG_41) October 17, 2020
बारहवी कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बाद अकांक्षा ने नीट भी क्लीयर कर लिया। जिसके बाद अकांक्षा के परिवारवाले उन पर गर्व करने से खुद को रोक नही पाये। अकांक्षा कि सफलता से उनके परिवारवालो कि छाती गर्व से चोड़ी हो गई है।
टॉपर्स में मिला दूसरा स्थान
अकांक्षा ने नीट कि परीक्षा कि तैयारी इस कदर की। कि वह उसमें पूरे अंक लाने में सफल हो गई। अकांक्षा ने नीट कि परीक्षा में पूरे 720 मे 720 अंक प्राप्त किये है। लेकिन फिर भी वह सेंकेण्ड स्थान पर हे। ऐसा इसिलए क्योंकि शोएब नाम के स्टूडेंट ने भी इतने ही अंक प्राप्त किये है। लेकिन वह उम्र में अकांक्षा से एक वर्ष बड़ा है।
Yogi Adityanath felicitates UP NEET topper Akanksha Singh
Read @ANI Story | https://t.co/6RalSOWntL pic.twitter.com/8XecXBlmHb
— ANI Digital (@ani_digital) October 28, 2020
अकांक्षा कि उम्र 17 साल है तो वही शोएब 18 साल का है। यही कारण है कि अकांक्षा का नाम टॉपर्स में दूसरे स्थान पर है। अकांक्षा कि मेहनत का ही यह परिणाम है कि वह 720 में से 720 अंक ला पाई है। अकांक्षा सिंह कि सफलता पर परिवार और देश के सभी नागरिकों को गर्व है।



