इस महिला ने घर से 3.5 लाख रुपये में शुरू किया काम, आज 137 करोड़ का ब्रांड AKS बना दिया

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Nidhi Yadav AKS Owner
Story Of Nidhi Yadav Who is Co-Founder and CEO of Brand Aks Clothing. The Success Tale of a Women's Ethnic Clothing Brand AKS: Ek Number News

Photo Credits: Twitter

Gurgaon: आज हर कोई अच्छा व्यापार करके बड़ा बिजनेसमेन (Business Man) बनना चाहता है। अच्छा बिजनेस करने के लिए जरुरी है सही आईडिया (Business Idea) का होना और उसे सही दिशा में ले जाना। अगर आपने यह काम कर दिया, तो आपको एक सफल बिजनेसमेन बनने से कोई नहीं रोक सकता है। हालिया समय में इंटरनेट क्रांति आने और ऑनलाइन माध्यम होने से व्यापार की और भी संभावनाएं बढ़ गई है।

आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारें में बताने जा रहे हैं, जो अब एक सफल बिजनेस वोमेन (Business Woman) हैं और करोड़ों रुपये कमा रही हैं। आपको जानकार हैरानी होगी की कैसे कोई साधारण सी महिला कुछ ही रुपये की लागत लगाकर और सही आईडिया का इस्तेमाल करके करोड़ो रुपये का व्यापार कर सकती है। यह कहानी अन्न महिलाओ के लिए प्रेरणादायक है।

निधि यादव (Nidhi Yadav) ने हरियाणा (Haryana) में अपने घर से एकेएस क्लोदिंग (AKS Clothings) की शुरुआत की और 3.5 लाख रुपये के निवेश के साथ प्रारंभ किया गया ब्रांड अब 137 करोड़ रुपये का साम्राज्य बन गया है।

महिला ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ी

निधि यादव, उस वक़्त हैदराबाद में डेलॉइट में 23 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी और फिर उन्होंने अपने सपनों को पंख देने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और ग्यारह वर्ष पहले इटली (Italy) के फ्लोरेंस (Florence) में पोलिमोडा फैशन स्कूल (Polymoda Fashion School) में फैशन और मर्चेंडाइजिंग में एक वर्ष की पढ़ाई में प्रवेश लिया। वह अब एकेएस क्लोदिंग की मालिक (AKS Clothings Owner) हैं।

एक ऑनलाइन महिला परिधान ब्रांड शुरू किया

निधि ने AKS Company की शुरूवात की थी, जब उनकी बेटी सुनिधि केवल (Sunidhi) सात महीने की थी और उसकी शादी को दो वर्ष से कम वक़्त हुआ था। कंपनी ने कुर्ते, अनारकली, मैक्सी ड्रेस, लहंगे और पारंपरिक परिधानों के एक छोटे से चयन के साथ एक ऑनलाइन ब्रांड के तोर पर शुरुआत की।

निधि (Nidhi Yadav Who is Co-Founder and CEO of Brand Aks Clothing) बताती हैं की हमने घर से ही व्यापार शुरू किया, हमने किराए के पैसे बचाए और मेरी बेटी का देखभाल करना भी सरल हो गया, जो उस वक़्त केवल सात महीने की थी। निधि के पति और आईआईएम कोझीकोड से एमबीए सतपाल यादव (Satpal Yadav) ने उन्हें व्यपार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके साथ कपड़े खरीदने जयपुर गए।

हर महीने, एकेएस निर्धारित मात्रा में 300 से अधिक नए डिजाइन पेश करता है। निधि ने कुछ समय पहले ही मदर चाइल्ड लाइन भी बनाई है। महामारी के दौरान, इस संग्रह को जरूरत पड़ने पर कही और विकसित किया गया था। बाद में कुछ बदलाव किये गए और आज काम सही दिशा में चल रहा है।

चालक दल में 5 दर्जी और डिजाइनरों का एक दल होती है, जो डिजाइन के निर्माण के लिए निधि के साथ कार्य करते हैं। तब दर्जी डिजाइन पर काम करते हैं और ट्रायल नमूना बनाते हैं, जिन्हें बाद में बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए दिल्ली और जयपुर में भागीदारी वाले कारखानों में ले जाया जाता है।

कपड़ा सूरत, अहमदाबाद और जोधपुर से मंगवाया जाता है। आधा उत्पादन दिल्ली में होता है, जबकि बाकी आधा जयपुर (Jaipur) में होता है। अब यह कंपनी और इसका व्यापर नई-नई बुलंदियों को छू रहा है। जानकारों का कहना है की आने वाले समय में इस व्यापार में तरक्की के आसार साफ़ देखाई देते है।

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