
Mumbai: हर चीज़ का समय आता है। एक समय नौकरी को तजब्बो दी जाती थी। हर कोई पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी पाना चाहता था। अब समय बदल गया है। कुछ ऐसी परिस्थितियां बनी की नौकरी करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया। ऐसे में लोग छोटा ही सही, लेकिन खुदका व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
कोई भी व्यवसाय शुरू करने के लिए एक अच्छा बिजनेस आईडिया (Business Idea) चाहिए। ऐसे में आपका दिया सफल हो, इसके लिए बहुत सी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। यदि आपके पास कुछ असामान्य आईडिया हो और आप उसे पूरा करने की हिम्मत रखते हों, तो रतन टाटा जैसे दिग्गजों का साथ भी मिल जाता है।
हम बात कर रहे हैं, अदिति भोसले-वालुंज और चेतन वालुंज की, जिन्होंने अपने बिजनेस आईडिया से रतन टाटा को तब अपना फैन बना लिया है। जब अदिति फोरेंसिक और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में पोस्ट ग्रॅजुएशन की पढ़ाई कर रही थी, तब चेतन ने 2015 में शादी करने से पहले अपने परिवार के पेट्रोल पंप (Petrol Pump) को को संभाला।
अधिकतर नवविवाहित जोड़ों (Newly Married Couple) की सोच के उलट, अदिति और चेतन (Aditi Bhosle Walunj and Chetan Walunj) ने बिजनेस प्लान को प्राथमिकता दी। वो दोनों कुछ अच्छा काम करने का मन बना चुके थे, लेकिन अभी उनके पास कुछ खास आयडिया नहीं था। बहुत कोशिश के बाद उन्हें एक जोरदार आईडिया आया।
पॉजिटिव सोच के साथ ‘रिपोज एनर्जी (Repos Energy) के बैनर तले उन्होंने ‘डेड माइलेज’ की एक समस्या को हल करने का काम किया। अक्सर होता यह है की वाणिज्यिक वाहन ईंधन स्टेशन पर और पीछे ईंधन भरने के लिए अनावश्यक ईंधन का उपयोग करते हैं। इसके अलावा अनावश्यक प्रदूषण भी करते हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए पति-पत्नी ने डीजल की होम डिलीवरी शुरू करने का फैसला किया।
अदिति (Aditi Bhosle Walunj) ने एक अख़बार को बताया की हर दिन, भारतीय 27 करोड़ लीटर डीजल की खपत करते हैं, और हम ‘डेड माइलेज’ में अपने डीजल का 5-10 प्रतिशत खो रहे हैं। इसके बाद भी डीजल की सुरक्षित होम डिलीवरी करने के लिए और अधिक रिसर्च की आवश्यकता थी। आरएमपीपी (रिपोज मोबाइल पेट्रोल पंप) शुरू करने से पहले, उन्होंने इसे सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग में टॉप कंपनियों से संपर्क साधा।
उनके इस बिजनेस आईडिया ने जाने माने बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata) का ध्यान खींचा और उन्होंने पति-पत्नी की इस जोड़ी को चर्चा के लिए आमंत्रित किया, उनके लिए यह एक सपना जैसा था। रतन टाटा ने भी उनके प्रोजेक्ट के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने का वादा किया। तब से यह रेपो टाटा मोटर्स और अन्य प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ काम कर रहा है।
Elated to meet my young entrepreneur friends from Repos Energy who are working to redefine fuel distribution. Glad to know their innovation has got recognition from WIPO. My best wishes to them in fuelling dreams and facilitating Hon. PM Modi’s vision of ease-of-living. pic.twitter.com/l2xiSqU0k6
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 22, 2021
चेतन (Chetan Walunj) के अख़बार को बताया की ऑनलाइन प्लटफॉर्म और ई-कॉमर्स के ज़रिये उनका डीजल वितरण साल 2023-24 तक 16,000,000 लीटर बचाने की उम्मीद जताता है। इससे कार्बन उत्सर्जन घटकर 31,474,563,200 किलोग्राम रह जाएगा। इससे बहुत फायदा और बचत होगी।
कुछ दिनों पहल ही Repos Energy ने अपने डबल डिस्पेंसर मोबाइल पेट्रोल पंप का अनावरण किया, जिसमें दो नई प्रौद्योगिकियां शामिल की गई, जैसे दो हाई-स्पीड डिस्पेंसर और एक IOT कंट्रोलर के अलावा सुरक्षा के लिए उच्च क्वालिटी के ब्रेक इंटरलॉक सिस्टम, जियो-फेंसिंग और एक ईंधन सेंसर।
Repos Energy launches India’s first double-dispenser mobile fuel pump developed on the Mahindra Furio intermediate CV; 3 patents registered for the innovative two-side diesel dispensing unit. Full details https://t.co/SmxK8utoNN pic.twitter.com/YZGNTrD4xT
— Autocar Professional (@autocarpro) October 28, 2020
कंपनी ने अपने रेपो मोबाइल पेट्रोल पंप (Mobile Petrol Pump) के लिए तीन पेटेंट दाखिल किए हैं। हालिया समय में अपनी कामयाबी के बाद कंपनी सीरीज-ए फंड में 30 मिलियन रुपए जुटाने और 3500 आरएमपीपी (रिपोज मोबाइल पेट्रोल पंप) इकाइयों को बेचने के लिए सक्षम है।
#RatanTata backed Repos Energy registers 150 #startups
Pune-based energy distribution company #ReposEnergy has registered over 150 fuel startups in less than a month.
Read More: https://t.co/38OggeDR1N#fuelstartups #doordelivery pic.twitter.com/1Kta59H5Sn
— siliconindia (@SINewsUpdates) September 7, 2020
यह भारतीय ईंधन वितरण सिस्टम में मदद करेगा और क्रांति लाएगा। अदिति का कहना है कि हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत है, जो आने वाले कुछ सालों के लिए बहुत उनयोगी और गर्व की बात हो। आपदा के समय उन्होंने डीजल की होम डिलीवरी सफलतापूर्वक की थी। महामारी के दौरान उनके द्वारा की गई ईंधन की होम डिलीवरी (Fuel Home Delivery) बहुत उपयोगी साबित हुई थी और तब उनके आईडिया के महत्त्व को समझा गया।



