एक छोटी सी घरेलू घटना के चलते रितेश ने कैसे खड़ा कर दिया 80,000 करोड़ का बिजनेस Startup

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Ritesh Agarwal OYO
OYO Rooms founder Ritesh Agarwal Success story. How Oyo hotel chain is freezing operations around the world. Ritesh Agarwal Biography.

File Photo

Delhi: आज हम आपको एक ऐसे युवा की कहने बताने जा रहे हैं, जिसने Startup का असली मतलब बताया है। दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले हिन्दुस्तानी ब्रांड ओयो रूम्स (OYO Rooms) के संस्थापक रितेश अग्रवाल ने 20 साल से कम उम्र में ही अपने व्यापार की स्थापना कर ली थी। ओयो रूम्स वास्तव में इस वक्त भी दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता होटल चेन (Hotel Chain APP) है।

कोरोना संकट की अवधि में हालांकि OYO Rooms के कामकाज पर असर पड़ा है। कारोबारी सफलता और वित्तीय समृद्धि के मामले में आज रितेश अग्रवाल का कोई सानी नहीं है। रितेश अग्रवाल की ओयो रूम्स (Oyo Rooms) देश की कामयाब इंटरनेट कंपनियों (Internet Company) की लिस्ट में फ्लिपकार्ट (20 अरब डॉलर) और पेटीएम (10 अरब डॉलर) के बाद तीसरी बड़ी कंपनी मानी गई है।

भारतीय युवा रितेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) ने ओयो रूम्स (Oyo rooms) जैसे कारोबार की स्थापना ऐसे समय में कि थी, जब दूसरे लोग इस बारे में सोच भी नहीं पा रहे थे। होटल बुकिंग के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की वजह से OYO के माध्यम से लोगों को अपना पसंदीदा होटल प्रतियोगी कीमत पर पाने का मौका मिला।

एक अख़बार को रितेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) बताते हैं कि उनकी सफलता (Success) आसान नहीं है। रितेश अग्रवाल को अपने कारोबारी क्षमता पर शुरू से ही भरोसा नहीं था। जब वे कॉलेज में पढ़ाई के लिए जा रहे थे या दूसरी जगह काम कर रहे थे, तब भी वे अपने भविष्य (Future) को लेकर बहुत आशंकित रहते थे।

इसके बाद पहली फुर्सत में उन्होंने ओयो रूम्स जैसे कारोबार (Business) की शुरुआत कर दी। रितेश ने कहा कि अगर मैं पढ़ाई करता तो मुझे पता था कि मैं अच्छा नहीं कर पाता। कॉलेज जाने के बाद भी पढ़ाई नहीं करने की वजह से मेरा परिवार मुझे नफरत की नजर से देखता। इसकी जगह रितेश ने पढ़ाई छोड़कर अपना कारोबार करने का मन बना लिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है की रितेश अग्रवाल दक्षिण ओडिशा के एक छोटे से कस्बे कटक के रहने वाले हैं। यह नक्सली गतिविधियों के लिए बदनाम है। रितेश टीवी के रिमोट पर अपना कंट्रोल रखने की इच्छा की वजह से ओयो रूम्स की शुरुआत करने के लिए प्रेरित हुए। घर में बच्चे रिश्तेदारों के साथ रहते हैं और इस वजह से उन्हें कई बार बड़े लोगों के कार्यक्रम ही देखने पड़ते रहे।

रितेश ने कहा, “रिश्तेदारों के घर टीवी के रिमोट पर मेरा कंट्रोल नहीं होता था। इसी वजह से मैंने ओयो रूम्स की शुरुआत करने के बारे में सोचा। रिश्तेदार डेली सोप देखना चाहते थे और मैं कार्टून नेटवर्क देखना चाहता था।” ओयो रूम्स के संस्थापक (OYO Rooms Founder) रितेश अग्रवाल ने कहा कि ओयो वेंचर के सफल (Success) होने से पहले उन्हें छह बार असफलता हाथ लग चुकी है।

रितेश ने एक हिंदी अख़बार से कहा, “अगर आप असफल नहीं होते, तो आप कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार नहीं हो सकते।” दक्षिण ओडिशा में रितेश का परिवार एक छोटी सी दुकान चलाता है। रितेश अग्रवाल अगर अपने लिए कोई दूसरा काम पसंद नहीं करते, तो उन्हें भी उस दुकान पर ही जाना पड़ता। ऐसे में लाइफ चेंजिंग स्टेप जरुरी थी।

रितेश अग्रवाल ने बिल गेट्स और ‘Ola Cabs’ के को-फाउंडर व साथी ड्रॉपआउट 32 वर्षीय भाविश अग्रवाल से प्रेरणा ली थी। करीब तीन साल पहले ओयो ने चीन में अपनी सेवाएं लॉन्च की थी। यह एक भारतीय कन्ज्यूमर टेक्नॉलजी कंपनी का दुर्लभ उदाहरण है, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में सेवा दे रही है। साल 2012 में रितेश ने OREVAL STAYS नाम की एक ऑनलाइन रूम बुकिंग (Online Room Booking) करने की कंपनी खोली, जिसका उद्देश्य लोगो को कम दाम में अच्छे रूम उपलब्ध करवाना था।

बिना किसी की मदद के शुरू किए गए बिज़्नेस OYO Rooms को रितेश अग्रवाल ने 80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। हुरुन रिच लिस्ट 2020 (Hurun Rich List 2020) में ओयो के फाउंडर और 24 साल के सबसे युवा भारतीय रितेश अग्रवाल को भी जगह मिली है। रितेश अग्रवाल आईआईएम, आईआईटी, एचबीएस और आईवी लीग्स में पढ़े लोगों की टीम का नेतृत्व करने वाले एकमात्र ड्रॉपआउट (Drop Out) हैं।

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