
Photo Credits: Instagram(@thelittlefarmco)
khajuraho: सबका टाइम आयेगा, ये तो बहुत सुना है, लेकिन आज जान भी लेते है कि कैसे किसी का समय बदलता है। समय सब का बदलता है। लेकिन कब कैसे वो कोई नहीं जान पाता, परन्तु निरंतर बिना फल की चिंता किये कार्य करने से फल बहुत जल्द और बहुत अच्छा मिलता है।
कई लोग ऐसे होते है, जो सपने तो देखते है, लेकिन उनको सच नही कर पाते। किसी भी सपनो को और मंजिल को हासिल करने के लिए जुनून होना चाहिये। बदलते दौर में आज बेटी भी बेटों से कम नहीं हर क्षेत्र में बेटी अपना परचम लहरा रही है। पुराने जमाने के लोग कहते थे कि बेटा बाप के बुढ़ापे का सहारा होता है, लेकिन आज बेटियां भी अपने माँ पापा का सहारा बन रही है।
अब बेटियां किचिन की शान के साथ साथ औद्योगिक क्षेत्र की शान भी है। इस बात का उदाहरण बनी दिल्ली की रहने वाली निहारिका भार्गव (Niharika Bhargava), जो अपने पिता के शौक को बिजनेस (Business) में बदल दिया और 2 साल के अंदर ही उनकी कंपनी का कुछ समय में ही एक करोड़ का टर्नओवर होने लगा है।

निहारिका ने अपनी पढ़ाई विदेश से की मार्केटिंग स्ट्रेटजी और इनोवेशन का कोर्स किया है। फिर 2015 में वे अपने देश भारत लौटी और नौकरी की तलाश शुरू कर दी, नोकरी ढूंढने में उन्हें कोई मुश्किल न हुई। गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी में उन्हें आसानी से नौकरी मिल गई।
निहारिका अपना जॉब अच्छे से कर रही थी। कोई परेशानी नहीं थी। पर उनका दिमाग बहुत ही क्रिएटिव था। इस लिए उनके मन में कुछ और करने का विचार आ रहा था। निहारिका स्वयं का बिजनेस करना चाहती थी। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का विचार बना लिया था। फिर निहारिका ने अपने पिता को अचार बनाते देखा तो उनके दिमाग में इसी से बिजनेस करने का आईडिया आया फिर यहीं से उन्होंने शुरुआत की।
कैसे की बिजनेस की शुरुआत
27 वर्षीय निहारिका भार्गव के पिता अचार बनाते थे। उनके दिमाग में इसी से बिज़नेस (Pickle Business) का ख्याल आया। ये वही अचार है, जो हमारे देश के स्वाद की पहचान है। हमारे देश कई तरह के अचार बनते है आम का अचार, नीबू का अचार, आँवले का अचार, मिर्च का अचार। कुछ लोग इसे बाज़ार से खरीदकर खाते है, तो कुछ लोग इसे घर पर बनाकर खाना ज़्यादा पसंद करते हैं। इसी को निहारिका ने अपना बिजनेस बनाया।
निहारिका (Niharika Bhargava) ने बताया कि शुरू से उनके पिता काफी स्वादिष्ट अचार बनाते थे और सभी रिश्तेदारों को भेंट स्वरूप दिया करते थे। एक दिन निहारिका ने अपने पिता से कहा कि हम अब अचार का बिजनेस करेंगे, तो उनके पिताजी ने हंसते हुए कहा कि अब जो कुछ करना है, वह तुमको ही करना है। निहारिका को यह काम बहुत पसंद आया और वह सोचने लगी की काम को कैसे मुनाफे का सौदा बनाया जाये।
जानकारी जुटा कर उतरी मैदान पर
निहारिका ने बाज़ार में दुकानदारों से बात की और जानकारी जुटाना शुरू किया। दुकानदारों ने निहारिका को बताया कि आज भी लोग घर के बने अचार को ही ज्यादा पसंद करते है। लेकिन जब घर का अचार नहीं मिल पाता तो वह बाज़ार का बंद डिब्बों का अचार खरीदते हैं।
इसके बाद निहारिका ने अपने पिता के हाथ के हुनर को बाज़ार में दिखाने का फ़ैसला लिया। साथ ही वह भी पिता के साथ अचार बनाना सीखने लगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले दिल्ली के तमाम इलाकों में लगी प्रदर्शनी से की। यहाँ से उनको ग्रीन सिग्नल मिला।
लोगों ने उनके अचार की खूब तारीफ की और उनको बढ़ावा दिया। इससे प्रभावित होकर निहारिका ने बाज़ार में भी अचार को बेचने का फ़ैसला किया। यहाँ भी उन्हें सफलता मिली और बाज़ार में अचार की अच्छी बिक्री हुई। इसके बाद निहारिका ने अपने बिजनेस को और बढ़ाने का विचार बना लिया।
स्वयं का कृषि फार्म तैयार किया
निहारिका को पता चला कि उनके पिता के पास मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खजुराहो (Khajuraho) में कृषि भूमि है। तो वह कच्चे माल के लिए उस भूमि का उपयोग करना चाहती थी। जब उन्होंने ज़मीन को देखा तो उन्होंने निश्चय किया कि वह इस जमीन पर अचार में लगने वाले सामान को लगाएंगी।
#NiharikaBhargava Returned to India after leaving a high salary job from #London , shared hand in father's business, earned 1 crore rupees in 3 years by selling #pickles #earthquake pic.twitter.com/bsPbx50XkN
— Dr Poonam Singh (@DrPoona65789104) September 8, 2021
इस फार्म हाउस में आज आम, आंवला, नींबू, हल्दी, अदरक, मिर्च जैसै बहुत सारे पौधे लगे है। इससे उनका बिजनेस दिन दोगुना और रात चौगुना प्रगति कर रहा है। निहारिका ने बताया कि उन्होंने फार्म हाउस पर कुछ लोगो को काम पर रखा है। जो कि अचार को तैयार करते हैं और उसे गाड़ियों से दिल्ली पहुचते है। इसमें मध्यप्रदेश के कुछ लोगों को रोजगार मिला।
#JagranSMEAwards2021 | Woman Entrepreneur of the Year award goes to Niharika Bhargava, The Little Farm
WATCH LIVE: https://t.co/5BLr8AzRxA pic.twitter.com/kllulJ3X8z
— Dainik Jagran (@JagranNews) September 15, 2021
धीरे धीरे बिज़नेस बढ़ा और आज कई दूसरे राज्यों से भी अचार के लिए मांग आने लगी है। इन सब को देखते हुए निहारिका ने गुड़गावं में एक छोटी सी कंपनी खोली, जिसका नाम द लिटिल फार्म (The Little Farm Co.) है। जो आर्डर लेने और उन्हें डिलीवर करने का काम करती है।
50 से ज्यादा वेराइटी के अचार बना रही है
मध्यप्रदेश में 50 एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती (Organic Farming) कर कई तरह के फल सब्जी और आचार के सामान को उगा रही है। इस लिए वह अचार में लगने वाली कोई भी चीज बाहर से नहीं लेती।
वह अपने उत्पाद में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करती हैं और न ही कोई सिंथेटिक सिरका या कोई प्रिजर्वेटिव्स अपने अचार में उपयोग करती हैं, जिससे लोगो का स्वस्थ ख़राब न हो। इन सब बातों का ध्यान रखते हुये उन्होंने कम समय मे ही सफलता हासिल कर ली।



