पिता ने गैरेज से की थी छोटे बिजनेस की शुरुआत, बेटी ने उसे बना दिया 3000 करोड़ का Business

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Ameera Shah Business
How Ameera Shah Turned a Single Laboratory into a Billion Dollar Business. Ameera turned her father's single laboratory into Rs 2,000 crore empire.

Photo Credits: Twitter

Mumbai: एक बेटी (Daughter) के तौर पर महिलाएं अपने माता-पिता के लिए सबसे बड़ा सहारा होती है, क्योंकि वह अपने घर, परिवार की भलाई के लिए हमेशा बलिदान देने के लिए तत्पर रहती है। एक बेटी परिवार के लिए एक अनमोल रत्न होती है, क्योंकि अक्सर हम उसे माता और पिता के साथ समान रूप से जवाबदारी को साझा करते हुए देखते हैं।

आज हम बात कर रहे हैं, अमीरा शाह (Amira Shah) की, कैसे उनकी एक क्रांतिकारी सोच ने उनके पिता के द्वारा चालित एक छोटे से लेबोरेटरी को 3000 करोड़ के एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में तब्दील कर दिया।

वर्ष 1980 की बात है, चिकित्सा महाविद्यालय (Medical College) से स्नातक की पढ़ाई खत्म करने के बाद अमीरा (Ameera Shah) के पिता डॉ सुशील शाह (Dr Sushil Shah) को देश की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं ने कुछ अलग करने के लिये प्रोत्साहित किया।

फिर उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई करने के बाद वापस लौट आये ‘डॉ सुशील शाह लैबोरेटरी’ (Dr Sushil Shah Laboratory) नाम से एक पैथोलॉजी लैबोरेटरी की नींव रखी। बेहद कम धनराशि और साधन के अभाव में उन्होंने अपने गैरेज (Garage) से ही कार्य प्रारंभ किया और रसोईघर को क्लिनिक के रूप में उपयोग में लिए।

डॉक्टर शाह उस वक़्त के पहले डॉक्टर थे, जिन्होंने स्वास्थ्य जगत में लेबोरेटरी तकनीक को लेकर आये थे। डॉ शाह अपने कारोबार के साथ-साथ बेटी अमीरा को बेहतरीन शिक्षा मुहैया कराने को लेकर हमेशा जागरूक रहे। आगे की शिक्षा के लिए अमीरा ने अमेरिका जाकर टेक्सस विश्विद्यालय (Taxes University) से शिक्षा प्राप्त करने के बाद बहुराष्ट्रीय फर्म गोल्डमन सँच (Goldman Sons) से अपने करियर की शुरुआत की।

कुछ वर्षों तक कार्य करने के पश्चात् अमीरा ने वर्ष 2001 में भारत लौट आई। हालांकि उस समय देश के भीतर सूचना प्रोद्योगिकी और तकनीक आदि की काफी छोटी मौजूदगी थी। डॉ शाह बेशक कुछ नया कर रहे थे, परन्तु उनकी प्रक्रिया पुराने ही थे। दक्षिण मुंबई में 1500 वर्ग फीट में यह लेबोरेटरी एकदम अस्थायी रूप से चल रही थी।

हालांकि उस क्षेत्र में यह एकमात्र लेबोरेटरी थी और लोगों के बीच भरोसा स्थापित कर चुकी थी। डॉ शाह (Doctor Shah) की इच्छा थी कि पूरे भारत में वो अपनी लैबोरेटरी की एक श्रृंखला का निर्माण करे। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका विस्तार करने की प्रक्रिया उन्हें समझ नहीं आ रही थी।

अमीरा (Ameera Shah) ने पिता के इस ख्वाब को पूरा करने का भार उठाया और डिजीटल संचार के साधनों का उपयोग करते हुए ‘डॉ. सुशील शाह लैबोरेटरी’ को मेट्रोपोलि हेल्थ केयर (Metropolis Healthcare Ltd) नाम से नए तरीके से पेश किया। समय के साथ देश भर में अपने प्रयोगशालाओं का विस्तार करते हुए एक श्रृंखला का निर्माण कर डाली। कुछ ही सालों में कंपनी लोगों का भरोसा जीतने में कामयाब रही।

वर्तमान में मेट्रोपोलिस हेल्थ केयर (Metropolis Healthcare) का कारोबार 25 से अधिक देशों में विस्तृत हो गया है। इतना ही नहीं 4 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी मुहैया कराते हुए कंपनी विश्व (World) की सबसे बड़ी पैथोलोजी लैब (Pathology Lab) में से एक है। पिता द्वारा प्रारंभ की गई सिंगल लैब को 3000 करोड़ का साम्राज्य में तब्दील करने वाली अमीरा की गिनती आज विश्व की सबसे प्रभावशाली महिला उद्यमी की सूची में होती है।

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