
Photo Credits: Aadvik Company
Jaipur: ऊँट को रेगिस्थान का जहाज कहते है। राजस्थान में लोग अक्सर इसकी सवारी करते है। बड़े से बड़े व्यापारी भी अपने व्यापार के लिए ऊँट को वाहन की तरह उपयोग करते है। राजस्थान की जमीन पर ये सबसे ज्यादा मात्रा में पाए जाते है।
इनकी सबसे अच्छी खासियत है कि इनके पैर गद्देदार होते है, जो रेत में धसते नहीं है और इनके पेट में कम से कम एक सप्ताह तक पानी स्टोर हो सकता है। यानि ये एक हफ्ते तक पानी ना भी पिए तो ये प्यास से नहीं मारते। ऊँटनी से प्राप्त दूध में सभी दूध से ज्यादा वसा पाया जाता है और उनका दूध काफी फायदेमंद होता है। साथ ही कई सारी दवाई बनाने में भी उपयोग किया जाता है।
आपको हर कही ऊँटनी का दूध (Camel Milk) नहीं मिल पाता इस लिए ये कभी महंगा भी होता है। आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की जिसने ऊँटनी के दूध से करोडो का कारोबार तैयार कर लिया।
ऊँटनी के दूध का नियमित सेवन गुजरात और राजस्थान के लोगो द्वारा होता है। काफी सारे लोग शायद ऊँटनी के दूध के विषय में जानते भी नहीं होंगे और हो सकता है कभी नाम ही न सुना हो। इसी लिए ऊँटनी का दूध की जानकारी और उसके फायदे लोगो तक पहुचाने के लिए आद्विक ब्रांड सामने आया। चलिए हम विस्तार से जानते है।
वर्ष 2016 में किस तरह अद्बिक ब्रांड की शुरुआत हुई
Aadvik ब्रांड एक तरह की डेरी है जो ऊँटनी के दूध से कई प्रकार के उत्पाद बनाती है। Aadvik ब्रांड के निर्माता हितेश राठी (Hitesh Rathi) है। इन्होंने वर्ष 2016 में अपनी इस कंपनी को बनाया है। जिनके घर में ऊँटनी है और वो दूध देने में सक्षम है तो उनके लिए डेयरी बेस्ट ऑप्शन है।
आपको बता दें ‘आद्विक’ एक संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका मतलब अनोखा होता है। हितेश कहते है कि वे ऊँटनी के दूध और उसके फायदे को बेहतर तरीके से जानते थे इसी लिये उनके मन में ऊँटनी के दूध से व्यापार करने का विचार आया।
पहले तो उन्होंने खुद जांच की इसके बाद वे अपने मित्र श्रेय कुमार के साथ मिलकर ऊँटनी के दूध से उत्पाद बनाना और उसे बेचने का काम शुरू किया। जो कुछ ही दिनों में चल पड़ा। आद्विक ऊँटनी के दूध का उपयोग कर कई तरह के उत्पाद बनाता है और यह पुरे भारत का पहला ब्रांड है।
शुरुआत, और बकरी के दूध का भी होता है इस्तेमाल
हितेश राठी कहते है उन्होंने वर्ष 2016 में आद्विक ब्रांड (Aadvik Brand) को स्थापित किया। वे बताते है कि ऊँटनी के दूध से मिल्क पाउडर, घी, चॉकलेट, साबून के साथ साथ कई तरह के उत्पाद प्रोसेस विधि से बनाए जाते है जो अद्विक ब्रांड के नाम से बिकते है।

वे ऊँटनी के दूध के फ़ायदों बताते हुए कहते है कि इस दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और वसा है। साथ ही यह लैक्टोज-इंटोलरेंट, मधुमेह रोगियों, ऑटिज्म अदि बीमारियो से ग्रसित लोगो के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। ऊंटनी का दूध से रोगप्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है। वे ऊँटनी का दूध को कई प्रकार के फ्लेवर में बेचते है।
हितेश कहते है, जब से उन्होंने शुरूआत की है, तब से उन्होंने कभी पीछे पलट कर नहीं देखा। वर्तमान समय में कंपनी एक साल में साढ़े 4 करोड़ रुपय का टर्नओवर करती है। वे ऊंटनी के दूध के साथ कुछ उत्पादों में बकरी के दूध का भी इस्तेमाल करते है। जैसे घी, मिल्क पाउडर और साबून अदि।
बहुत से किसानों को काम के लिए अपने साथ जोड़ा
हितेश के व्यवसाय से किसानों ने भी काफी लाभ कमाया है। किसानों के घर में होने वाला दूध भी वे हितेश को बेचते है। एक तरह से किसानों को अपना दूध बेचने के लिए खरीदार मिला। जैसे जैसे दूध की मांग बढ़ रही है, तो हितेश भी ऊंटों की संख्या को बढ़ाने का विचार कर रहे है। इनकी कमाई भी काफी बढ़ रही है।

हितेश के इस काम में उनके इलाके के किसानों ने खूब मदद की ये बात खुद हितेश कहते है। मार्किट डिमांड के मुताबिक दूध की खपत घटती बढ़ती रहती है। इसलिए किसानों ने हमेशा उनकी मदद की। इसके अलावा हितेश इस बात का पूरा ख्याल रखते है की किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो सके। वे महीने में 2 बार किसानों के बैंक खाते में उनका भुगतान डाल देते है।
देश से बाहर भी फेल है व्यवसाय
हितेश बताते है कि ऊंटनी के दूध से निर्मित उत्पाद काफी महंगे होते है। इसलिए वे जिन उत्पाद की खास तौर पर ज़रूरत पड़ती है वे उन्ही का निर्माण करते है और जो अपने स्वास्थ्य के लिए हमेशा जागरुक रहता है। वे लोग ही उनके उत्पाद को खरीद पाते है।
देश के कई राज्यो के अतिरिक्त विदेशी में भी इनके प्रोडक्ट (Dairy Products) की डिमांड है। लोग जानते है कि बकरी का दूध बच्चो के लिए अच्छा होता है, इसीलिए लोग बकरी का दूध भी खरीदते है। हितेश कई ई कॉमर्स वेबसाइट से भी अपने ऑर्डर लेते है। जैसे अमेज़न फ़्लिपकार्ट अदि।



