तुलसी की खेती करके किसान कमा रहे हैं लाखों, तीन महीने में हुये मालामाल: Tulsi Farming Success

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Tulsi Farming Tips
Earn 3 lakh in three months by Tulsi farming. Farmers of many states in India have opted to cultivate medicinal plant like Tulsi and make good income.

Hamirpur: हमीरपुर के जलालपुर मार्ग पर बसे उमरिया गांव की कुल आबादी लगभग ढाई हजार है। यहां के ज्यादातर ग्रामीणों की आमदनी कृषि पर ही निर्भर है। तीन वर्ष पूर्व गांव के ही कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर तुलसी की खेती (Tulsi cultivation) को प्रारम्भ कीया प्रथम बार में ही उन्हें अच्छा खासा लाभ हुआ। जिसके पश्चात गांव में बड़े स्तर पर इस पौधे की खेती प्रारंभ हो गई।

किसान बेहतर लाभ देने वाली फसलों की ओर अपना रूख कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इस गांव (Village) के किसान तुलसी की खेती (Tulsi Farming) से कमा रहे हैं, मोटा लाभ। भारत में अक्सर ज्यादातर किसान फसल चक्र की प्रकिया अपनाने को लेकर उदासीन रहते हैं। वर्षो से वे एक ही प्रकार की खेती एक ही तकनीक से करते आ रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देश के किसान जानकर हो रहे हैं और बेहतर लाभ देने वाली फसलों की ओर रूख कर रहे हैं।

देश में केंद्र सरकार इस वक़्त देशभर में (Medicinal Plants) औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी के तहत आयुष मंत्रालय ने अगले वर्श तक 75 लाख घरों पर औषधीय पौधों को पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। तुलसी के पौधे (Tulsi Plaints) भी उन्हीं पौधों में से एक है। वहीं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां के 90 % किसान तुलसी की खेती (Tulsi Farming) कर लाभ कमा रहे हैं।

सौ दिन में मिलता है एक़ लाख का मुनाफा

उमरिया के पूरन राजपूत 10 बीघे भूमि में तुलसी की खेती (Tulsi Ki Kheti) करते हैं। एक दशक पहले वे आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे। परंतु तुलसी की खेती से उनकी आर्थिक स्थिति काफी सुधर गई है। वे बताते हैं कि 10 बीघा भूमि में तुलसी की खेती पर अधिक से अधिक 50 हजार रुपये का खर्च आता है।

प्रति बीघे से डेढ़ से दो क्विंटल तक की पैदावार हो जाती है। जिसके बाद आर्गेनिक इंडिया नाम की कंपनी हम किसानों से 10 हजार प्रति क्विंटल के भाव से तुलसी खरीदती है। जिससे हमें करीब एक लाख तक का मुनाफा सरलता से हासिल हो जाता है।

जानिए कैसे होती है तुलसी के पौधे की खेती

तुलसी की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा अच्छी मानी जाती है। इसकी खेती के लिए सबसे पहले जून-जुलाई माह में बीजों के मााध्यम से नर्सरी तैयार की जाती है। नर्सरी तैयार होने के पश्चात इसकी रोपाई की जाती है। रोपाई के दौरान एक लाइन से दूसरी लाइन की दूरी 60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 30 सेमी रखनी होती है। पौधे 100 दिनों के भीतर तैयार हो जाते है, जिसके बाद कटाई की प्रकिया का चालु हो जाती है।

हमारे देश में तुलसी की पूजा भी की जारी है और कहा जाता है की जिस घर में तुलसी होती है और उसकी पूजा लगातार की जाती है, वहा हमेशा सुख सम्बृद्धि बनी रहती है। तुलसी का वर्णन भारतीय इतिहास और हिन्दू धर्म में भी किया गया है। तुलसी का पौधा उगना भी बहुत आसान है।

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