भगवान भोलेनाथ का रहस्यमयी मंदिर, जहां पूजा करने आता है स्वंय नाग-नागिन जोड़ा।

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1998
Sangameshwar Mahadev Haryana Snake Story
Sangameshwar Mahadev mandir snake story in Arunai Haryana. Sangameshwar Mahadev Temple is mysterious because every year a pair of snake come here to worship lord Shiva.

एक ऐसा अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर शिव मंदिर है। जहां नाग-नागिन का एक जोड़ा शिव पूजा करने के लिए स्वंय आता है। नाग नागिन का जोड़ा किसी को काटता नहीं, न ही उन्हें लेकर लोगों में कोई डर या भय है। हरियाणा में कैथल जिले में पेहवा के समीप अरूणाय स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर Sangameshwar Mahadev Temple है।

भोलेनाथ के कई प्राचीन, अनोखे, रहस्यमय,चमत्कारी मंदिर है लेकिन यह मंदिर ऐसा है जिसका कोई जवाव नही है। यहाँ नाग नागिन का जोड़ा आकर यह सिद्ध करता है कि शिवलिंग में आज भी भगवान भोलेनाथ विराजमान है।जिनकी पूजा करने स्वंय नाग नागिन का जोड़ा आता है।

पुजारी का कहना है कि यहां वर्ष में एक बार यहां नाग-नागिन का जोड़ा शिव मंदिर में आता है और शिवलिंग की पूजा करके स्वंय चला जाता है। इन्होंने आज तक किसी भी भोलेभक्त को हानि नहीं पहुंचाया। पुजारी ने बताया कि यह नाग-नागिन का जोड़ा शिव प्रतिमा की चारो ओर परिक्रमा करता रहता है।

पुराणों के मुताविक यहां Sangameshwar Mahadev Mandir भगवान शिव स्वंय लिंग रूप में प्रकट होकर अपने दर्शन दिए थे, जो स्वंयभू लिंग के रूप में मंदिर में आज भी विराजमान हैं। इन नाग नागिन जे जोड़े को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते है। शिवरात्रि पर और सावन के महीने में यहां भोलेनाथ के भक्तों का तांता लगता है।

पुजारी का कहना है कि यहां शिवलिंग पर पूजा अर्चना व जलाभिषेक करवाने और यहां बहुत प्राचीन बेल का पेड जिस पर धागा बांधने से सभी मन की इक्षा पूर्ण होती हैं। पुजारी का कहना है कि भक्तों की मनोकामना पूरी होने के बाद यहां पूजा करवाने व धागा खोलने के लिए श्रद्धालुओं को फिरसे आना पड़ता है। कहा जाता है कि देवी सरस्वती ने श्राप मुक्ति के लिए की यहां शिव की आराधना की थी।

इस मंदिर की रहस्यमयी बात यह है जो मंदिर की परिचय पुस्तिका के अनुसार बताती है कि यहां दूध उबालकर मक्खन नहीं निकाला जाता है। यदि कोई कोशिश भी करता है तो दूध खराब होकर कीड़ों में परिवर्तित हो जाता है। मंदिर परिसर में खाट अर्थात चारपाई का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यदि कोई व्यक्ति यहां अशुद्धि फैलाने की कोशिश करता है तो उसे भोलेनाथ दंड अवश्य देते है। ये मंदिर अपने आप मे एक चमत्कारी मंदीर भी है।

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