अयोध्या केस: मुस्लिम पक्ष ने स्वीकार किया कि “राम चबूतरा” भगवान श्रीराम का जन्मस्थान है।

0
578
Ram Mandir Ayodhya

सुप्रीम कोर्ट अयोध्या केस में मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने स्वीकार किया कि “राम चबूतरा” भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। वकील जफरयाब जिलानी ने मुताविक “हमें यह मानने में कोई परेशानी नहीं कि राम चबूतरा श्रीराम का जन्मस्थान है क्योंकि ऐसा तीन कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।”

ऑल इंडिया मुस्‍लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने “आइने अकबरी” की बात का ध्यान करते हुए कहा कि ये पुस्तक सभी वर्गों में प्रसिद्ध और लोकप्रिय थी। बावजूद इसके आइने अकबरी में भी भगवान राम के “जन्मस्थान” की कहीं बात भी नही की गई। जफरयाब जिलानी ने बताया कि रामचरित मानस और रामायण में राम जन्मस्थान की कोई बात नहीं है।

इस पर जस्टिस बोबडे ने प्रश्न किया कि “आईने अकबरी” सभी वर्गों में प्रसिद्ध थी। क्यो इसमें बाबरी मस्जिद का ज़िक्र नहीं है? जस्टिस चंद्रचूड़ के मुताविक किसी ग्रन्थ में “जन्मभूमि” का ज़िक्र नहीं होने का अर्थ यह नहीं कि जन्मभूमि का कोई बजूद ही नहीं है। जस्टिस चन्दचूड़ ने जिलानी से प्रश करते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि रामचरित मानस और वाल्मिकी रामायण में श्रीराम के जन्म के किसी “खास स्थान” की बात नहीं है।

इतनी बात से हिन्दू नहीं भरोसा कर सकते कि अयोध्या में किसी “खास स्थान” पर श्रीराम ने जन्म लिया था। राजीव धवन ने बताया कि 40 गवाहों की गवाही को क्रोस इज़मीनेशन नहीं किया जा सकता। गोपाल सिंह विशारद की सुनवाई में भी भगवान राम जन्मस्थान के बारे में जिक्र नहीं किया गया मस्जिद के बीच के गुम्बद के नीचे जन्मस्थान होने की पुष्टि की गई और पूजा के अधिकार की गुजारिश की गई।

राजीव धवन अयोध्या विवाद मामले से जुड़ी कई इतिहासकार याचिकाओं की बात करते हुए मस्जिद पर मुस्लिम पक्ष का कब्ज़ा बताने के लिए सभी कोशिश कर रहे है। धवन ने बताया कि मुतावल्ली ने अर्ज़ी दाखिल की थी जिस पर सरकार द्वारा आदेश दिया था गर मस्जिद पर मुस्लिम का अधिकार नही होता तो वह मुतावल्ली अर्ज़ी क्यों लगाता और सरकार निर्णय क्यों देती इससे सिद्ध होता है, मस्जिद पर मुस्लिम का अधिकार था। मोहम्मद अजगर ने कब्रिस्तान पर अधिकार के लिए अर्ज़ी लगाई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here