देश ही नही विदेशों में भोलेनाथ की महिमा देखने को मिलती है, विदेशों में 6 प्रसिद्ध मंदिर

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भगवान भोलेनाथ की महिमा देश ही नही विदेशों में भी देखने को मिलती है। भोलेनाथ की पूजा अर्चना केवल भारत में ही नहीं, बल्कि भारत से बाहर दुनिया के विभिन्न हिस्सो में होती है। विदेशों के भगवान शिव के मंदिरों में कुछ बहुत प्राचीन और पौराणिक हैं, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से भोलेभक्त और पर्यटक हैं।

नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर:- यह भारत से Out Side बना सबसे प्राचीन भगवान शिव मंदिर है, Nepal में बागमती नदी के किनारे काठमांडू में स्थित है। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व हेरिटेज सूची में आता है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की महिमा देखने को मिलती है, महाशिवरात्रि पर यहां लगभग पांच लाख भोलेभक्त ने पूजा अर्चना की।

भारत से बाहर मलेशिया का रामलिंगेश्वर मंदिर:- यह मंदिर मलेशिया की Capital क्वालालम्पुर में स्थित है। इस प्रसिद्ध भगवान शिव मंदिर में हमेशा भोलेभक्तों का तांता लगा रहता है। सूत्रों की खबरों के अनुसार सन 2012 में मलेशिया गवर्मेंट ने मंदिर और आस पास का भूमि मंदिर का प्रबंधन करने वाली ट्रस्ट को सौप दी थी। अब यह ट्रस्ट ही मंदिर का देखरेख और प्रबंधन करता है।

भारत के बाहर इंडोनेशिया का प्रमबनन मंदिर:- इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित है। प्रमबनन मंदिर 9वी सदी का एक प्राचीन Temple है। यह करीब 17 वर्ग KM क्षेत्रफल में वसा है, इस मंदिर की खास बात यह है कि ये मंदिर भारत से बाहर बने सबसे विशाल शिव मंदिरों में से एक है। यूनेस्को ने इस Temple को World हेरिटेज की श्रेणी में रखा है।

मॉरिशस का सागर भोलेनाथ का मंदिर:- इस शिव मंदिर को वर्ष 2007 में बनाया गया है, मतलब यह एक प्राचीन मंदिर नही नया मंदिर है। लेकिन आज यह मंदिर मॉरीशस में एक खास मंदिर बन गया है। यह मंदिर मॉरिशस में निवास करने वाले हिन्दुओं का एक पवित्र धार्मिक स्थल है। इस Tample का सबसे बड़ा आकर्षण जो लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है वो इस मंदिर प्रांगण में बनी भगवान शिव की 108 फीट ऊंची कांसे की मूर्ति है।

पाकिस्तान का कटास राज Temple:- पाकिस्तान में भी है एक प्राचीन भोलेनाथ का मंदिर। यह पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के चकवाल ज़िले में स्थित है और यह मंदिर कटास राज मंदिर के नाम से पहचाना जाता है। पुजारी का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण 6वी शताब्दी से 9वीं शताब्दी के बीच करवाया गया था। महाशिवरात्रि पर्व में यहां पूजा अर्चना बकरने के लिए इंडिया से 125 यात्रियों का समूह गया था।

श्रीलंका का मुन्नेश्वरम मंदिर:- यह मंदिर श्रीलंका के एक गांव मुन्नेश्वर में स्थित है। यहां भोलेनाथ के साथ-साथ देवी काली का भी मंदिर है। इस मंदिर का खास बात है कि यह मंदिर मनमोहक और भव्य है। दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैली में निर्मित इस Temple में साल भर श्रीलंका और भारत से लाखों भक्त भोलेनाथ के दर्शन करने जाते है।

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