Indore, MP: आज भारतीय रेलवे की ओर से जो खबर आई, उससे पूरा देश बहुत उत्साहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी से ‘काशी महाकाल एक्सप्रेस’ (Kashi Mahakal Express) को हरी झंडी दिखाई थी। यह ट्रेन वाराणसी से इंदौर तक सफर करेगी। यह नई ट्रेन लोगो को 2 राज्यों के 3 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा और दर्शन कराएगी। इस ट्रेन में एक सीट भगवान भोलेनाथ के लिए रिजर्व की गई है। इस सीट पर भोलेनाथ का एक छोटा मंदिर बनाया गया है।
अभी इस ट्रेन में एक सीट भगवान् भोलेनाथ (Bhagwan Bholenath) के लिए रिजर्व कर दी गई है। इससे अब देश में लाखो लोगो में एक ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है। यह ट्रैन आज से ही मीडिया और सोशल मीडिया में छाई हुई है और लोग इस ट्रैन की तस्वीरें और वीडियो सांझा कर रहे है।
अब इस को लेकर एक विवाद शुरु हो गया है। जो की कोई नई बात नहीं है की जब जब कोई अच्छा काम होता है, तब तब ओवैसी (Asaduddin Owaisi) वहां अपनी कौमी राजनीति करने आ जाते हैं। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रेन में भोलेनाथ शंकर जी का मंदिर बनाए जाने का विरोध किया है। ओवैसी ने PMO को टैग करते हुए संविधान की प्रस्तावना को ट्वीट करते हुए विरोध जताया है।
Sir @PMOIndia https://t.co/HCeC9QcfW9 pic.twitter.com/6SMJXw3q1N
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 17, 2020
Varanasi: Seat number 64 of coach B5 in Kashi Mahakal Express (Varanasi-Indore) has been turned into a mini-temple of Lord Shiva. The train was flagged off by Prime Minister Narendra Modi via video conferencing yesterday.
PM नरेंद्र मोदी लंबे समय बाद 16 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने एक हजार करोड़ रुपये की 36 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 14 परियोजनाओं की नींव भी रखी। PM मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाया।
भगवान भोलेनाथ के लिए रिजर्व है एक सीट, यह नजारा है काशी महाकाल एक्सप्रेस ट्रैन का। pic.twitter.com/nZLvKnv0VJ
— Nitin Uploader (@NitinUploader) February 17, 2020
आपको बता दें की अब कुछ लोग अपना अजेंडा चलने के लिए कानून का ही प्रयोग करने लगे है। सन 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत भारतीय संविधान की प्रस्तावना में संशोधन किया गया था, जिसमें 3 नए शब्द समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता को जोड़ा गया था। अब असदुद्दीन ओवैसी ने धर्मनिरपेक्ष शब्द को ही टारगेट कर IRCTC द्वारा संचालित इस ट्रेन में भगवान शंकर के मंदिर की स्थापना को लेकर मोदी सरकार को टारगेट करना चालू कर दिया।



