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Tirupati/Andra Pradesh: भारत में कोरोना महामारी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से देश में लॉकडाउन 4 को भी लागु किया गया था। लॉकडाउन के चलते राज्यों के साथ-साथ देश की विकास की गति बहुत ही धीमी हो गई है। अब पिछले दिनों खबर आई थी की केरल और तमिलनाडु की सरकारों ने हिन्दू मंदिरों के धन को कोरोना राहत के बहाने हड़पा था। अब आंध्र प्रदेश की सरकार ने भी ऐसा ही फैसला लिया है।
आंध्र प्रदेश की सरकार के इस निर्णय का अब विरोध हो रहा है। खबर के मुताबिक़ तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (Tirumala Tirupati Devastanam) ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित अपनी 50 अचल संपत्तियों की नीलामी करने का निर्णय लिया है। खबर के मुताबिक़ आंध्रप्रदेश में 26 और तमिलनाडु में 23 संपत्तियां हैं, इसके अलावा ऋषिकेश में भूमि है। इनकी नीलामी करने से करीब 24 करोड़ रुपये का धन अर्जित होने की सम्भावना जताई गई है।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को इस बात की खबर मीडिया में दी थी। अब इस मामले में फैसला बदलने की मांग को लेकर आंध्र प्रदेश की सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है की हिंदू संगठनों ने इस नीलामी के निर्णय का विरोध किया है।
"Keeping in view sentiments of devotees", @ysjagan AP govt has reversed decision of #TirumalaTirupatiDevastanam to sell lands donated to Lord Venkateswara. Last week, @INCIndia had to backtrack on its outrageous Gold appropriation idea. Om Namo Venkatesaya🙏#SaveLorsBalajiLands pic.twitter.com/EkMabrddDF
— GVL Narasimha Rao (@GVLNRAO) May 25, 2020
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और RSS (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) ने भी अपना विरोध जताते हुए इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग उठाते हुए कहा कि हिंदू भक्तों की तरफ से किए गए दान पुत्र की बोली लगते हुए नीलामी करना हिन्दू धार्मिक आस्था पर एक तरह का प्रहार है।
आपको बता दे की भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने इस निर्णय के विरोध में अपनी ट्विटर अकाउंट की प्रोफाइल फोटो तक बदल दी है। इस मुद्दे पर ट्विटर ट्रेंड #SaveLordBalajiLands चलाया गया है। ट्विटर पर यूजर Save Lord Balaji Lands की मांग कर रहे है। लोगो का कहना है की यह फैसला धर्म विरोधी है और अधर्म को दर्शा रहा है।
We oppose decision of #TirumalaTirupatiDevastanam (TTD) to sell lands donated to Lord Venkateswara by devotees. This is one decision that @ysjagan government must "REVERSE". In protest of this, I am changing my DP. Change yours too to extend your support. #SaveLordBalajiLands pic.twitter.com/y5LeRCYG4u
— GVL Narasimha Rao (@GVLNRAO) May 24, 2020
नरसिम्हा राव ने लिखा, ‘हम तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की जमीन बेचने के निर्णय का विरोध करते हैं। ये जमीनें भगवान वेंकटेश्वर को भक्तों ने दान की हैं। यह एक ऐसा निर्णय है, जिसे मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को बदलना ही होगा। इस फैसले के विरोध में मैं अपनी डीपी बदल रहा हूं। आप भी अपनी डीपी बदलें और अपना समर्थन दें।’ भक्त और यूजर अपना विरोध जता रहे है।
AP Govt led by CM @ysjagan is selling the Tirupati Temple land.
This decision is betrayal of the trust of crores of Hindu devotees. @BJP4Andhra is against it.In protest, Urge @PawanKalyan @PurandeswariBJP,@satyakumar_y @klnbjp, @MadhavBJP to change the DP.#SaveLordBalajiLands pic.twitter.com/LDVzzucnTV
— Sunil Deodhar (@Sunil_Deodhar) May 24, 2020
आपको ज्ञात हो की तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का मैनेजमेंट देखने वाले TTD बोर्ड के अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि अचल संपत्तियों की नीलामी की जानी है, उसके अंतर्गत छोटे घर, जमीन के छोटे प्लॉट और खेती की जमीन है। सुब्बा रेड्डी ने कहा कि अनेक दशक पहले पहाड़ी पर स्थित इस तीर्थ स्थल को भगवन के भक्तों द्वारा दान की गई सम्प्पति अब TTD नहीं संभाल पा रही है और सम्प्पति से कोई धन भी नहीं आता है, क्योंकि ये बहुत छोटी हैं। जिससे यह फैसला लिया गया है।



