नीम करौली बाबा के कैंची धाम और आश्रम के यह आश्चर्यजनक तथ्य आपको सोचने को मज़बूर कर देंगे

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Neem Karoli Baba
All Facts About Neem Karoli Baba Ashram And Kainchi Dham In Hindi. Interesting info about Kainchi Dham Neem Karoli Baba Ashram.

Nainital: उत्तराखंड (Uttrakhand) पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। हिमालय की पहाडियों से घिरा यह राज्य लोगों को अपनी ओर हमेशा से ही आकर्षित करता आया है। इस राज्य में पर्यटन स्थलों की कोई कमी नहीं है। उन्हीं में से एक हिमालय की तलहटी में स्थित आश्रम जिसे लोग नीम करोली बाबा का आश्रम कहकर बुलाते है। उसी की सेर आज इस पोस्ट की सहायता से हम आपको कराने आए है।

एक ऐसा आश्रम जहा प्रकृति के सौंदर्य का है अदभुद संग्रह

नीम करोली बाबा के आश्रम (Neem Karoli Baba Ashram) की अगर हम बात करे तो इस आश्रम में मंदिर एक है, इस मन्दिर के आंगन में अपने चारों ओर हरियाली और साफ सुथरे वातावरण को लिये आश्रम नीम करोली एक एकांत वातावरण मे स्थित विश्राम के लिए पूरी तरह शानदार जगह की प्रस्तुति है।

आपको बता दे इस जगह में कोई टेलीफोन की लाइनें मौजूद नहीं हैं। इसलिए इस जगह में अगर आप एक बार आ गए, तो किसी भी तरह से आपको बाहरी दुनिया से परेशान होने की संभावना नहीं होती है।

उत्तराखंड के नैनीताल में है नीम करौली आश्रम

आपको बता दे कि नीम करोली बाबा का आश्रम उत्तराखण्ड के नैनीताल-अल्मोड़ा जो मार्ग (Nainital-Almora Road) हैं, उस पर स्थित है। यह बहुत विचित्र आश्रम है। इस आश्रम में हनुमान जी का मंदिर है। यह जगह सभी आगंतुकों के मध्य में कैंची धाम (Kainchi Dham) के नाम से लोकप्रिय है।

यह आश्रम समुद्र तल से लगभग 1400 मीटर ऊँचाई में स्थित है। इस आश्रम को मतलब इस आधुनिक तीर्थस्थल को नीम करोली नाम के बाबा के समर्पण के रूप में बनाया गया है।

इस आश्रम में सभी हिंदू गुरु पूजे जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो नीम करौली बाबा थे, वह भगवान हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त थे। बाबा ने अपने जीवन में बहुत अनोखे चमत्कार किये। आज हम नीम करोली बाबा जी के आश्रम से सम्बन्धित बहुत से रोचक तथ्य के विषय मे भी बताएंगे।

जाने आखिर कौन थे चामत्कारिक नीम करोली बाबा

नीम करोली बाबा वह बाबा हैं, जिनकी गिनती बीसवीं शदी के सभी महान और प्रसिद्घ संतों में होती है। बाबा करौली का जन्म स्थान यूपी के अकबरपुर फ़िरोज़ाबाद जिले मे हुआ था।

बाबा ने 1964 में इस आश्रम को स्थापित किया था। इस प्रसिद्ध पवित्र धाम को लोग कैंची मंदिर तथा नीम करौली नाम से जानते है। नीम करौली बाबा को सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चमात्कारिक बाबा के नाम से लोग जानते है।

इस आश्रम में जून के माह में मनाया जाता है बड़ा महोत्सव

करौली बाबा के मन्दिर में प्रतिवर्ष जून की 15 तारीख को बहुत बड़ा वार्षिक समारोह महोत्सव मानाया जाता है। जिस दिन यह समारोह यहाँ मनाया जाता है, बाबा के बहुत से भक्त यहा विशाल भीड़ में आते है। करौली महाराज को भारतीय दिव्य पुरुष के नाम से लोग पुकारते हैं।

नीम करोली बाबा जी को यहा के लोग महाराज जी नाम से जानते है। ऐसा बोला जाता है नीम करौली महाराज अपनी 17 वर्ष की छोटी सी उम्र से ही सभी भगवान के विषय में जरूरी और विशेष ज्ञान रखते थे। बाबा भगवान हनुमान जी को अपना गुरु मानते थे।

अपने समय मे नीम करौली बाबा ने पूरे 108 भगवान हनुमान जी के मंदिर बनाए थे। जो कि बहुत ही प्रसिद्ध है और प्रकृति की गोद में होने के कारण हर किसी को खूब भाते भी है। जब आप यहा आएंगे तो मंत्र मुग्ध हो जाएंगे।

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