रहस्यमयी नगरी ज्ञानगंज, जहाँ के लोग अमर हैं, हिमालय में बसे इस ख़ुफ़िया स्थान में लोग जा चुके है

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Gyanganj Asram Mystery
Why Gyanganj is called Mystery Place of Himalaya in Hindi. Gyanganj or Siddhashrama A Mysterious Land of Immortals. Gyanganj is believed to be located in a remote, inaccessible valley of the Himalayas.

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Bhopal: आपने सुना होगा की प्राचीन काल में भारत में ऐसे कई महापुरुष और ऋषि मुनि हुए, जो अमर थे और कुछ चमत्कारिक शक्तियों के भी ज्ञाता थे। शुरू से ही यह बात उठती रही है की हिमालय में कहीं ना कहीं ऐसी कोई जगह है, जहाँ आज भी ऐसे लोग रहते हैं, जो अमर और काफी शक्तिशाली है। ये लोग हमारी दुनिया के सामने नहीं आना चाहते। यह बात किस्से और कहानियों में बताई जाती हैं।

अभी भी कई लोग इस रहस्यमयी स्थान (Mysterious Place) की खोज में हिमालय (Himalaya) जाते रहे है। अब नाम हिमालय का आया है, आपको बता ही है की कैलाश मानसरोवर, अमरनाथ गुफा और अन्न पवित्र स्थानों हिमालय की गोद भी ही है।

इसके अलावा भी हिमालय में कई ऐसे ख़ुफ़िया या रहस्यमयी स्थान हैं, जो दुनियाभर को सोचने पर मजबूर कर देते है। हमारा आज का विज्ञान हिमालय के कई रहस्यों (Mysteries of Himalaya) को जानने में सफल नहीं हो पाया है। कई बार खोजियों और वैज्ञानिक के दल ने ऐसे स्थान को खोजना चाहा, परन्तु वे असफल हुए।

इस रहस्यमई नगरी को ज्ञानगंज (Gyanganj The Mysterious Place) नाम से खोजा जाता है। ऐसा माना जाता है की ज्ञानगंज तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के आस पास कही स्थित है। हिन्दू और चीनी धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्ञानगंज नामक जगह पर एक आश्रम (Gyanganj Ashram) है, जिसका निर्माण विश्वकर्मा जी ने करवाया था।

हमारी इस धरती पर आज के समय में इसी स्थान पर भगवान राम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, गुरु द्रोणाचार्य और अन्न लोग आज भी रह रहे हैं। आपको बता दें की हॉलीवुड की कई फ्रिक्शन वाली मूवीज (Hollywood Fiction Movies) में भी इस स्थान का वर्णन किया है।

मार्बल की एक मूवी डॉक्टर स्ट्रेंज (Doctor Strange Movie) में भी भारत और नेपाल में लगे हिमालय क्षेत्र में ऐसे एक आश्रम का उल्लेख किया गया है। फिल्म में “Doctor Strange” को इसी स्थान पर आके चमत्कारिक शक्तिया (Supernatural powers) जाग्रत करते हैं। असल में इस फ्रिक्शन फिल्म में इसी ज्ञानगंज आश्रम की थ्योरी ली गई है।

बता दें की ऐसा माना जाता है की इस आश्रम में महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, महायोगी गोरखनाथ, श्रीमद शंकराचार्य, भीष्म, कृपाचार्य, कणाद, पुलस्त्य, अत्रि आदि को भौतिक रूपों में देखा जा सकता है। इसके अलावा यहाँ कई ऋषि हजारों वर्षों से तपस्या और ध्यान कर रहे हैं। इस स्थान के बारे में सर्वप्रथम स्वामी विशुद्धानंद परमहंस ने लोगों को जानकारी दी थी। फिर आगे कई किस्से और कहानिया सामने आईं।

स्वामी विशुद्धानंद परमहंस के अनुसार ज्ञानगंज में अनेकों धाराओं पर गहन शोध कार्य चल रहा है। इस आश्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक विशेष आयाम पर तिब्बत के आस-पास गुप्त रूप् से चल रहा है। इस ज्ञानगंज नामक जगह को अमर लोगो का स्थान (Land Of The Immortals) माना जाता है।

ऐसा कहा जाता है की कोई भी आम इंसान अपनी ईच्छा से यहाॅं नहीं जा सकता। यहाँ आने के लिए जिसका चयन होता है, वही यहाॅं तक महागुरुओं की इच्छा से इस सिद्ध स्थान पर आ सकता है। धार्मिक परम्परा के अनुसार ऐसा विश्वास किया जाता है कि हिमालय पर्वत में यह सिद्धाश्रम (Siddhashrama) कही न कहीं स्थित है, जहाँ सिद्ध योगी और साधु रहते हैं।

तिब्बती लोग इसे ही शम्भल की रहस्यमय भूमि के रूप में पूजते हैं। एक अन्य परम्परा के अनुसार सिद्धाश्रम, तिब्बत क्षेत्र में कैलाश पर्वत के निकट स्थित है। ऐसे ही एक और स्थान है, जहा कोई नहीं जा सकता है। यह स्थान कोंगका ला दर्रा कहा जाता है।

कोंगका ला दर्रा का रहस्य (Kongka La Pass Mystery) भी अनसुलझा है

ऐसा माना जाता है की हिमालय में एक स्थान पर एलियंस (Aliens) का जाना-जाना है। हिमालय की पहाड़ियों में बसा कोंगका ला दर्रा, लद्दाख में स्थित है। इस स्थान पर जाना आसान नहीं है। दर्रा बर्फ से हमेशा ढाका रहता है।

आपको बता दें की 1962 में भारत-चीन की जंग के बाद दोनों देशो के बीच एक सहमति बनी। इस सहमति के तहत दोनों देशों के सैनिक इस कोंगका ला दर्रा (The Kongka Pass or Kongka La) पर मार्च नहीं करेंगे। यहाँ पर कोई अपने सैनिक नहीं भेजेगा, बल्कि दूर से ही इसकी निगरानी करेंगे।

इस दर्रे के बारे में लोकल लोगों का कहना है कि कुछ सिद्ध पुरुष कोंगका ला दर्रा पर जाते रहते हैं। जहां उन्हें एलियंस या परजीवियों की उड़न तश्तरी (UFO) देखने को मिला है। उनका मानना है की इस जगह पर हर महीने एलियंस आते रहते हैं।

लोगो को इस बात का पूरा यकीन है की कोंगका ला दर्रा एलियंस की उड़न तस्तरी उतारने का सुगम स्थान है। हालाँकि विज्ञान अब तक उड़न तश्तरी (Alien Ship UFO) के रहस्य को सॉल्व हीं कर पाया है। कुछ अन्न लोग भी कोंगका ला दर्रा में एलियंस के आने का दावा करते हैं।

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