
Demo Image
Jabalpur/Madhya Pradesh: आज का विषय आपको जागरूख पुराने करने के उद्देश्य से लिखा गया है। आज के ज़माने में रोटी, कपडा और मकान, यह तीनों ही चीज़ें जीवन की सबसे जरुरी चीज़े हैं। इनके बिना आपका जीवन असंभव है। इसमें से मकान एक सपना होता है। लोग एक मकान लेने में अपने जीवन भर की पूंजी लगा देते हैं। कुछ लोग बाकी की 2 जरूरतों के कटौती करके पैसा बचाते हैं, ताकी एक घर खरीद सकें।
एक आम आदमी या आम परिवार वर्षों तक सपने संजोय रूपया एकट्ठा करता है, ताकि एक मकान खरीद सके, जिसमे वह अपने परिवार के साथ सुकून से TV पर पारिवारिक ड्रामा देखे और मोबाइल पर सोशल मीडिया का आनंद ले। ऐसा ही कुछ सपना आपका भी होगा या आपके मम्मी पापा का तो जरूर होगा। आगे चलाकर आप भी ऐसा ही एक सपना संजोएंगे की आपका भी एक खुदका घर हो।
किराये की मकान में या रेंट पर रहने वाले लोग भी सोचते हैं की काश हमारा खुदका घर होता तो, मकानमालिक की अड़ीबाजी नहीं सहनी पड़ती। किन्तु जब आप खुद का मकान या ज़मीन लेने किसी प्रॉपर्टी बिल्डर या रियल स्टेट बिल्डर के पास जाते हैं तो आप जैसा सोच रहे हैं, असल में वैसा नहीं होता हैं। आपको पता भी नहीं चलता की आपको घर का सपना दिखाकर ये प्रॉपर्टी बिल्डर (Property Builders) आपको झाँसा देकर ठगने वाले हैं।
अगर आप खुद को बहुत समझदार और होशियार समझते हैं तो ये घर या फ्लैट का सपना दिखाने वाले बिल्डर और डेवलपर आपने एक नह बल्कि 3 कदम आगे हैं। पहले तो ये प्रॉपर्टी डेवलपर (Property Developer) ऊँची ऊँची इमारतों या High Profile कॉलोनी के कंप्यूटर द्वारा बनाये गए ग्राफिक्स और पोस्टर्स को दिखाकर, आपको अच्छा घर या फ्लैट देने का वादा करते हैं। जबकि अभी कोई इमारत या कॉलोनी बनी ही नहीं है।
झूठे Property Builders अपने प्रोजेक्ट को करोड़ों का बताते है
वह बताते हैं की अभी करोड़ों के इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा हैं। जमीन और वहां काम करते मजदूर भी आप देख आते हैं। कई दफा यो बिल्डर के लोग आपको खुद अपनी कार में लेजाकर साईट पर हो रहे काम का दर्शन भी करवा देते हैं। फिर आपसे अडवांस के तौर पर कुछ लाख रुपए ले लिए जाते हैं। जैसे 2 लाख, 12 लाख या 30 लाख।
यह पहली रकम आपकी उस बुक करी हुई प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्धारित की जाती हैं। फिर आपको 1 साल या सवा साल का टाइम दिया जाता है की अब इतना वक़्त पूरा प्रोजेक्ट ख़त्म होने में लगेगा। किन्तु वह मिडिल क्लास परिवार बिल्डर के चक्कर काटते काटते 4 से 5 साल गुजार देता है। पर ना तो सपनो का घर मिलता है और ना ही पैसा वापस मिलता हैं।
एक सामान्य परिवार घर खरीदने के सपने लिए जान में फंस जाता है
अब वह परिवार किसी दूसरी जगह भी घर नहीं ले पाता है, क्योंकि उसके लाखों रुपये फंस चुके हैं। कभी कभी यह बिल्डर किसी दूसरे को वह घर बेच देते हैं और पहले वाले परिवार का जमा पैसा भी हड़प जाते हैं। अगर बिल्डर से उस पहले वाले ग्राहक को उनका पैसा लौटा भी दिया तो भी 5 साल तक दवाया गया रूपया का वह ब्याज हड़प कर जाते हैं। वह पहले वाला परिवार तो 4 से 5 साल बाद अपना पैसा लेकर खुश होकर चला जाता है, किन्तु वह फिर भी ठगा गया है। 5 लाख का 5 साल का बैंक में रखने का ब्याज कई हज़ार बनता है।
यह प्रॉपर्टी बिल्डर्स किसी से 10 लाख तो किसी से 15 लाख तो किसी से 50 लाख रुपये लेकर बैठ जाते हैं। आजकल मार्किट में ऐसे कई धंधे हैं, जहां पैसे से पैसा बनाया जाता हैं। कई बार तो समय बीतने के बाद बिल्डर्स पिछले तय समय के अनुसार जो घर की कीमत थी, उससे कही जादा डिमांड करने लग जाते हैं।
रेरा नियमों के अनुसान बिल्डर घर के दाम बढ़ा नहीं सकता है
आपको बता दें की रेरा नियमों के अनुसार जिस समय सौदा पक्का हुआ था, उस समय जो सही कीमत थी, असल में वही ली जानी चाहिए। किन्तु नियमों के उलट प्रॉपर्टी डेवलपर अब 3 से 4 साल बाद जो बढ़ी हुई कीमत है, उसकी डिमांड करने लग जाते हैं। यह जानबूझकर आपको झांसा देने और आपका पैसा हड़पने के लिए सोच-समझकर किया जाता है। जैसे-जैसे समय बीतता है, आप इनके जाल में फंस जाते हैं।
आपको बता दें की दिल्ली से साते नोएडा में एक प्रॉपर्टी बिल्डर ने 24 मंजिला का प्रोजेक्ट इमारत दिखाकर अनेकों परिवार वालों से 24 मंज़िलों तक फ्लैट बनाकर देने का वादा किया और अपनी क़िस्त के रूप में किसी से 30 लाख तो किसी से 65 लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला की उस बिल्डर को सरकार से सिर्फ 12 मंजिल से फ्लैट बनाने की इजाजत मिली थी।
12 मंजिल तो ठीक है पर बाकी की 12 मंजिल के परिवार जो पैसे दे चुके थे वे आज भी कोर्ट केस में उलझे हुए हैं। बिल्डर का कहना है की जब हमारे नेताओ की सरकार पॉवर में आयेगी, तब हमें 24 मंजिल बनाने की इजाजत मिल जायेगी। मतलब अब तो हद की पार हो गई ज़नाब।
मध्यप्रदेश में भी प्रॉपर्टी बिल्डर्स (Property Builders in Madhya Pradesh) से बहुत लोग परेशान हैं
ऐसे ही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर (Jabalpur) में राजुल बिल्डरर्स (Rajul Builders) के संचालक दिलीप मेहता ने एक बूढी महिला सियाबाई पटेल के अंगूठे के निशान धोके से तब ले लिए जब वह ICU में कोमा की हालत में थी। वह ज़मील करोडो की थी। बाद में राहुल बिल्डर के संचालक दिलीप मेहता का पर्दाफाश होने पर वह फरार हो गया था। यह किस्सा 2016-2017 का है। ऐसे ही अभी हाल ही में जबलपुर मध्यप्रदेश के अब्दुल्ला बिल्डरर्स के संचालक ने ज़मीन और मकान देने का वादा करने ग्राहकों से करोड़ों रुपये ले लिए और फिर अपना आलिशान ऑफिस बंद करके फरार हो गया।
यह और तरह का झांसा (Common Frauds by Builders) दिया जाता हैं। यह प्रॉपर्टी बिल्डर्स आपके कहते हैं की अगर आपको प्रॉपर्टी नहीं खरीदने है, तो आप उनके प्रोजेक्ट ने पैसा इन्वेस्ट करें। आपको इन्वेस्ट किये गए रुपये का दो गुना जादा 1 साल में दिया जायेगा।
मतलब 10 लाख अभी लगायो तो 1 साल बाद आना 10 का 20 लाख देंगे। किन्तु बाद में बिल्डर के ऑफिस जाने पर आपको मिलता है, केवल धोखा। अरे एक बात तो सार्वजनिक सच है की, ऐसी कोई स्कीम नहीं है, जो की पैसे को डबल करे। बैंक में भी पैसा 1 साल रखने का 7-8 प्रतिशत ब्याज मिलता है। कुछ कंपनी साल भर रुपये रखवाने के 10-12 प्रतिशत तक ब्याज दे देती है। इससे ज्यादा कही नहीं मिल सकता है।





