
Photo: Tom Björklund
Bhopal: आज आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आये हैं। जिसके बारे मे सुनकर आप हैरान जाएंगे। हाल में ही खबर आयी है कि पुरातत्वविद विभाग को फ़िनलैन्ड (Finland) देश के एक जंगल मे एक कब्र (Grave) मिली है। जो कि शोधकर्ता के अनुसार एक बच्चे की बतायी जा रही हैं और उनके अनुमान से यह बच्चे की कब्र काफ़ी पुरानी यानि पाषाण काल (Stone Age) की बतायी जा रही है।
विदेशी मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ इस कब्र मे बच्चे का दांत मिला है। यहा कोई हड्डी नही मिली है। इस दांत के बारे में जब पता लगाया गया तो यह दात लगभग 6,000 वर्ष पूर्व यानि मेसोलिथिक काल के बताए जा रहे हैं। इसी कब्र मे कुछ और ऐसी भी चीजें मिली है। जिसे देखने के लिए शोधकर्ताओ की इच्छा और भी सजक हो गई है ।
शोधकर्ताओ को पक्षियों के पंख और जानवरों के बाल कब्र से मिले
बता दे कि कब्र से पुरातत्वविदो विभाग को बच्चे के दांत के साथ साथ कुछ पक्षियों के पंख और जानवरो के फ़र (बाल) भी मिले है। यह सब देखकर उनका यह मानना है कि यह सब पहले के समय के रीति-रिवाजो से किए गए अंतिम संस्कार मे से एक है।
इतिहास मे इनके जैसे कई एक्जांपल मिल चुके हैं। लेकिन आज भी इन सब के बारे मे जब जानकारी या अवशेष मिलते है, तो आज के समय में लोग य़ह सब जानकर अचंभित हो जाते हैं।
बता दे कि PLOS ONE (पब्लिक लाइब्रेरी आफ़ साइन्स) के शोधकर्ता के अनुसार फ़िनलैड की मृदा अम्लीय है। जिसमे मृत इन्सानो को दफ़न करने के बाद उनका शरीर ज्यादा लम्बे समय तक सुरक्षित नही रह पाता हैं। जिससे स्पष्ट होता हैं कि कब्र मे अधिक समय से दफ़न होने के कारण अवशेष के बारे मे कुछ जानकारी प्राप्त करना काफ़ि कठिन होता है।
दांतों से पता लगाया की मृतक बच्चे की आयु 10 वर्ष है
पुरातत्वविदो के विभाग को उस कब्र से कंकाल मिलने की कोई आशंका नहीं थी। इसलिए शोधकर्ताओ ने उस कब्र से माइक्रोपार्टिकल्स की खोज किया और उस स्थान से जो भी उन्हे मिला वह उनकी सोच से कुछ ज्यादा था।
खोजकर्ता के लेखक क्रिस्टीना मनेरमा ने कहा कि हमारी खोज मे दांतो (Teeth) से यह पता चलता है कि कब्र से जो हमे मृतक का अवशेष मिला है। वह एक बच्चा (Child) का है, जिसकी आयु लगभग 10 वर्ष की होगी। शोधकर्ता के अनुसार दांतों की रेडियोकार्बन डेटिंग करना बहुत ही मुश्किल था। इसीलिए उन्होने बच्चे के साथ दफ़न किये गये पत्थर की कलाकृति के मुताबिक उस कब्र की आयु का अंदाजा लगाया।
कपड़े को सजाने के लिए किया गया था बाज के पंख का इस्तेमाल
पुरातत्वविद विभाग के मुताबिक उन्हें कबृ दो क्वार्टज के तीर मिले। जो कि मेसोलिथिक काल के भौतिक संस्कृति के स्परुप थे। बता दे कि इस कब्र के स्थान को मजुनसुओ के नाम से पहचाना जाता है। उस स्थान पर शोधकर्ता विभाग को पक्षी के पंख हासिल हुए है।
उस पूरे पंख मे से जलपक्षी के सात पंख थे। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा, उस बच्चे को जब दफ़नाया गया था। तब उसे पंखों के बिस्तर पर लिटाया गया होगा। नहीं तो उस मृतक बच्चे ने पंखों से बना हुआ कोट पहना होगा।
उस कब्र से सभी पंखों मे से बाज के पंख भी प्राप्त हुए हैं। जिससे पुरातत्वविद विभाग का कहना है कि कब्र या मृतक बच्चे के कपड़े को सजाने के लिए बाज के पंख का उपयोग किया गया होगा।
पाषाण युग मे कैसे किया जाता था अंतिम संस्कार उसके विषय मे प्राप्त हुई जानकारी
बता दे कि कब्र से पुरातत्वविद विभाग वाले को कुते या फ़िर किसी अन्य जानवरों के तीन बाल भी मिले है। लेकिन अभी यह साबित नहीं हो पाया है कि यह बाल किसी अन्य जानवर जैसे भेडि़ए या कुते के ही है।
History Thursday – Based on the forensic findings of the Stone Age child’s grave site in Majoonsuo, Finland, the above re-creation of the 8,000 year old burial of the 3-10 year old child was created.
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— George Hruby (@GeorgeHruby) November 3, 2022
बता दे कि कब्र से किसी भी जानवरों के दांत प्राप्त नहीं हुए हैं। जिससे यह मान सकते हैं कि बच्चे को उस उनके केवल बाल के साथ ही दफ़न किया गया होगा पुरे जानवर के शरीर साथ नहीं। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि कब्र के सामान या बच्चे के कपड़े के रूप मे इन जानवरो के बालो का उपयोग किया गया होगा।
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— Kristiina Mannermaa (@Kitti1305) November 3, 2022
पुरातत्वविद विभाग के लेखक क्रिस्टीना का मानना है कि इन सभी मिली प्राचीन चीजे से पाषाण युग मे होने वाली अंतिम संस्कार के बारे मे हमे बहुत बड़ी जानकारी प्राप्त होती है। जिससे हमे यह पता चलता है कि पहले के लोग के मौत के बाद की यात्रा के लिए बच्चे को किस प्रकार से सजाया जाता था और उनकी अंतिम यात्रा करने के बाद कब्र मे कैसे दफ़न किया जाता है। य़ह जानकारी बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। जो आगे की खोज मे सहायक होंगी।



