Photo Credits: Twitter (@TheGreenDream)
Saharanpur/UP: लॉकडाउन के कारण देशभर के परिवहन और उद्योग बंद हैं। ऐसे अनेकों कारखाने बंद है, जो गन्दगी को नदियों में प्रवाहित कर दिया करते है। अब लॉक ओन की वजह से यह सब बंद हो गए है। इसका असर पर्यावरण पर दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना और नर्मदा सहित कई नदियों का पानी एकदम स्वच्छ होने लगा है। अभी गाड़िया भी नहीं चल रही हैं तो पर्यावरण और हवा भी साफ़ हो गई है।
लॉक डाउन के कारण अब आसमान की हवा एकदम शुद्ध होती नजर आ रही है। अब आलम यह की दूर से भी प्राकृतिक दृश्य बेहद ही खूबसूरत दिखाई देने लगे हैं। लॉकडाउन का पर्यावरण प्रदूषण पर काफी अच्छा असर हुआ है। इसके चलते अब हवा एकदम शुद्ध होती दिखाई दे रही है। इसके अलावा मीलों दूर के प्राकृतिक दृश्य बेहद ही खूबसूरत दिखाई देने लगे हैं और बारिश के बाद वातावरण एकदम साफ हो जाता है।
ऐसे में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से जब बर्फ से ढकी गंगोत्री की पहाड़ियों की पर्वत श्रृंखला का प्राकृतिक दृश्य लोगो को दिखाई दिया, तब उत्तरप्रदेश में लोगो को अपनी आँखों पर हरोसा ही नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर यह तस्वीरें बहुत पसंद की जा रही हैं, इनमे दावा किया गया है की उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से खींची गईं यह तस्वीरें खूबसूरत पहाड़ियों की हैं।
मीडिया में ऐसा बताया रहा है की इस खूबसूरत सीन को आयकर विभाग के अधिकारी दुष्यंत कुमार ने अपनी पत्नी के साथ अपने ही घर की छत से कैमरे से लिया था। अब यह तस्वीरें हर गजह वायरल हो रही है। इन तस्वीरों में गंगोत्री की पहाड़ियां बर्फ से ढकी हुई बेहत खूबसूरत दिखाई दे रही हैं। बता दें की लगभग 100 किलोमीटर दूर यह गंगोत्री की पहाड़ियां सहारनपुर से दिखाई देंगी वह भी बर्फ से ढकी हुई इसक अंदाज़ा अब तक किसी को भी नहीं था।
Lockdown effect! The clear view of snow capped peaks of #Gangotri is seen from #Saharanpur city after decades, shot on sunday evening.
The only way clean air can be sustained is by reducing non essential traffic and capturing pollution at source. @CCACoalition @TOIIndiaNews pic.twitter.com/4Aqm1fVAko
— Green Dream Foundation (@TheGreenDream) April 29, 2020
Lockdown effect: The clear view of snow capped peaks of Gangotri is seen from Saharanpur city after decades, shot on sunday evening. The only way clean air can be sustained is by reducing non essential traffic and capturing pollution at source. Positive side of COVID19. After three decades Saharanpur can see the Gangotri tops.
इसके अलावा पूरे देश से लोग सोशल मीडिया पर अपने शहर के साफ आसमान की तस्वीरें साँझा कर रहे हैं। अब कुछ तस्वीरें जालंधर से आई थी, जहां से हिमालय पर्वत की धौलाधार रेंज (हिमाचल प्रदेश) के बर्फीले सफ़ेद पहाड़ दिखाई दे रहे थे।
भारत में हर तरह के प्रदूषण में खासी कमी आई है। 91 शहरों की हवा की गुणवत्ता अच्छी और संतोषजनक श्रेणी में आ चुकी है। अब से 4 महीने पहले ही उत्तर भारत के जो शहर दूषित हवा से साये में थे, वह अब शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन के कारण पावन गंगा नदी का जल भी फिर से निर्मल होने लगा है। इन दिनों उसका प्रदूषण कम हो रहा है।
कोरोना लॉक डाउन का असर पर्यावरण पर दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना और नर्मदा सहित कई नदियों का पानी एकदम स्वच्छ होने लगा है। आपको बता दे की लॉक डाउन के पहले अनेक हिस्सों में नर्मदा नदी का पानी धुंधला और मटमैला दिखाई दिया करता था। इन दिनों वही पानी मिनरल वॉटर सामान दिखाई दे रहा है। नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है, नर्मदा नदी जल (Narmada River Water) का मानक मिनरल वॉटर जैसा हो गया है। विभाग द्वारा इसकी जांच भी की गई है।
आपको ता दें की जानकार लोग कहते है की आज से 25 साल पहले नर्मदा का जल ऐसा ही शुद्ध था। जो आज लॉक डाउन के समय देखे देने लगा है। नर्मदा जल (Narmada Water) का TDS पहले 126 मिलीग्राम प्रति लीटर नापा गया, जो घटकर 100 से भी कम हो गया है। आपको ज्ञात हो की मिनरल वॉटर (Mineral Water) का TDS 55 से 60 मिलीग्राम प्रति लीटर मेंटेन करना होता है।
आपको बता दे की नर्मदा नदी के पानी में कई प्रकार की जड़ी-बूटियां भी समाहित होती हैं। इसे पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नर्मदा नदी के शुद्ध प्राकृतिक पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो कोरोना जैसे संक्रमण से शरीर की रक्षा करती है और कुछ हद तक जंग की शक्ति देती है। नर्मदा नहीं के चारों तरफ घने जंगल है, यहाँ से पानी बेहटा होता आता है और अपने साथ अनेक जड़ी-बूटियां लेता होता आगे बढ़ता हैं। इसे में नर्मदा का जल अपने आप में कई मेडिकल प्रॉपर्टी भी समाये लता है।




