प्यार और इश्क इंसानों के अलावा जानवर भी करते हैं, इस कछुए की प्रेम कहानी आपको हैरान कर देगी

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Giant tortoise
Giant tortoise hit by train after escaping pet shop to find girlfriend set to make full recovery. Clyde the 'shell shocked' tortoise.

Photo Credits: Social Media

Delhi: आज के समय में रोमांस के बारे में हर छोटे-बड़े व्यक्ति को भरपूर जानकारी होती है और इन सब जानकारी के लिए इस समय मोबाइल नेटवर्क और टीवी पर आने वाली रोमांस से भरपूर फिल्में एवं हिंदी कहानियां होती है। जिससे रोमांस के बारे में हर उम्र के व्यक्ति अपने हिसाब से जानकारी रखता है।

यह नियम तो कुदरत से ही लागू होता है क्योंकि ईश्वर ने ही दुनिया में मानव जीवन को निर्मित किया है, जिसमें मानव अपने ही समान एक नए जीवन को निर्मित कर सकता है। वैसे ही कुदरत ने जानवरो को भी इस सुविधा से जोड़ कर रखा है।

एक जानवर भी अपनी प्रजाति को बढ़ा सकता है। ताकि दुनिया अपने समय के अनुसार चलती रहे। हाल ही में मीडिया पर एक खबर काफी धमाल मचाए हुए हैं की एक कछुए ने रोमांस करने के लिए अपने मालिक के घर को छोड़ दिया और अपने लिए एक हमसफर ढूंढने के लिए निकल गया।

कछुए के रोमांस की कहानी

धरती पर सबसे लंबा जीवन यदि किसी को मिला है, तो वह कछुआ है इसकी आयु रेखा बहुत ही लंबी होती है और यह लगभग 200 से 300 साल तक जीवन व्यतीत करते हैं और ईश्वर ने इन्हें अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा कवच प्रदान किया है, जो कोई भी व्यक्ति आसानी से कछुए को मार नहीं सकता है एवम कोई भी जानवर इसका आसानी से शिकार नहीं कर सकता है। जिससे ये कछुए आने बाली कई परेशानियों से बचे रहते है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह खबर अमेरिका की है, जिसमें एक कछुआ चलती हुई ट्रेन से टकरा गया और उसके बाद जो जानकारी निकलकर सामने आई वह बहुत ही चौंकाने वाली थी। एक अफ्रीकी कछुआ अपनी ही मदमस्त चाल से रेल की पटरियों के बीच चल रहा था।

वह अपने मालिक के घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्वॉलो एक्वेटिक्स में रेल्वे ट्रैक पर था। उसी दौरान एक तेज रफ्तार में रेलवे पटरी से एक रेलगाड़ी गुजरी जिसकी रफ्तार लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी उसकी बहुत ही खतरनाक तरीके से कछुए को ठोकर लगी।

रेलवे के आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारी जिनका वहा काम चल रहा था,उसे देखने पहुंचे और कछुए को देखा तो सभी आश्चर्य चकित रह गए क्योंकि इतनी जोरदार ट्रेन की टक्कर के बावजूद कछुए को नाममात्र की चोटे आई थी।

इस पूरी घटना के बाद रेलवे ने बहुत सारी रेलो को अपनी जगह रोक दिया हम कह सकते है। आवागमन पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। परिणामस्वरूप ढेरों रेले अपने समय से पीछे रह गई। वैसे तो रेल्वे कर्मचारियों ने ग्रेटर एंग्लिया ट्रेनों को इस घटना के लिए सूचित कर दिया था और रेल में सवार सभी यात्रियों को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई थी की ट्रेनों की लेट होने की वजह यह घटना है।

कछुए के मालिक की तलाश और कछुए के घर छोड़ने का कारण

इस घटना के बाद कछुए के मालिक की तलाश प्रारंभ की गई। मालिक के मिलने के बाद कछुए (Tortoise) से संबंधित आश्चर्यजनक तथ्य सामने। कछुए के मालिक के अनुसार यह कछुए उनका ही है, जिसका वे काफी समय से पालन पोषण कर रहे है। घर के सदस्य की तरह वह काफी वर्षों से उनके साथ रह रहा है।

उन्होंने उसे नाम क्लाइड (Clyde) है। कुछ समय से इसके व्यवहार में परिवर्तन हो रहा था, जिसे मालिक ने भी महसूस किया। और उसके बाद अचानक यह घर छोड़कर भाग गया कछुए के मालिक ने बताया कि क्लाइड कछुआ काफी समय से उनके पास रह रहा था।

समय के साथ उसकी उम्र बढ़ी जिससे वह एक वयस्क कछुए (Giant tortoise) हो गया था। प्रकृति के नियमानुसार उसे भी अब एक पार्टनर की जरूरत थी। शायद यही वजह हो सकती है की साथी की तलाश में घर से भागा हो।

चोटिल अवस्था के बाद भी कछुआ अपनी मंजिल की तरफ अग्रसर रहा

ट्रेन से चोटिल होने के बाद भी कछुआ नही रुका, कछुए के मालिक ने अपनी बात को जारी रखते हुए बताया कि यह बहुत ही आश्चर्य वाली बात है की कछुए ने रोमांस के लिए अपने मालिक के घर को छोड़ दिया और इतनी तेज रफ्तार ट्रेन से टक्कर होने के बावजूद भी अपनी चोटों को ध्यान में ना रखते हुए भी आगे बढ़ गया।

लोगों के समझ के परे था की रेलवे लाइन (Railway Line) से होते हुए यह कछुआ किस दिशा में जा रहा था। वर्तमान परिस्थिति में उसे इलाज मिल चुका है और डॉक्टरों की दवाओं से बह ठीक होकर अपने मालिक के घर में रह रहा है।

ट्रेन से टकराने के बाद कछुए को उस जगह से हटाने में असमर्थ रेलवे कर्मचारी

उक्त घटना से सभी ट्रेनें अपने समय से नही चल पा रही थी और वर्जिनिया रेलवे मास्टर ने इस घटना के लिए यात्रियों से क्षमा याचना की और उन्होंने बताया कि कछुआ रेल्वे पटरी पर था और उसे हटाने के लिए कुछ रेलवे कर्मचारियों ने काफी मशक्कत की।

वह लोग उसे हटा नही पाए, क्योंकि कछुआ आकर में बड़ा और काफी बजानी था। जिससे वो लोग उसे उठा नही पा रहे थे। बाद में और लोगो की मदद से उसे रेलवे ट्रैक से हटाया गया। जिसकी वजह से कुछ ज्यादा समय लग गया और बाकी ट्रेनें अपने गंतव्य स्थल पर समय से नही पहुंच पाई।

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