
Photo Credits: Twitter(@nivedita_bhasin)
Delhi: हर शिक्षक की चाहत होती है कि उसका पढ़ाया हुआ छात्र एक अच्छे पद पर पहुँचकर नाम रौशन करे। हर टीचर अपने बच्चे से बचपन में ही पूछ लेती है कि बड़े होकर क्या बनना चाहोगे? बचपन में एक बच्चे ने अपनी शिक्षक से खुद कहा कि मैं बड़े होकर पायलट बनूगा। जब 30 साल बाद वही स्टूडेंट को प्लेन उड़ाता देख हैरान रह गई थी शिक्षक।
30 साल पहले प्ले स्कूल Teacher को एक 3 साल के बच्चे ने अपना नाम कैप्टन रोहन भसीन बताया था। आज वही बच्चा जब उसी Teacher से मिला और 30 साल वह रियल में कैप्टन रोहन भसीन है। Teacher का नाम सुधा सत्यन है। वह India की दिल्ली से शिकागो जा रहे विमान में सवार थीं।
तभी कैप्टन के नाम का ऐलान हुआ जिसे सुनकर वह 30 साल पुरानी यादों में चली गईं। उन्हें वह पुराना 30 साल पहले का याद आया जब वह प्लेस्कूल की Teacher हुआ करती थीं और उन्होंने एक 3 साल के बच्चे से उसका नाम पूछा था। उस लड़के ने खुद का नाम कैप्टन रोहन भसीन बताया था। आज 30 साल बाद वह लड़का रियल में विमान के कॉकपिट में सवार था।
Teacher ने एयरहोस्टेज को बुलाकर पायलट से मिलने की बात कही थी। जब कैप्टन उनके पास आया तो उन्होंने उसे गले लगा लिया और अपने आंसू नही रोक पाई। रोहन की मां ने ट्वीटर पर इस अविश्वमरणीय क्षण की फ़ोटो Share की है। उन्होंने पायलट और Teacher की दो फ़ोटो शेयर की हैं। हैं। जिसमें से एक बचपन 1990-91 की और दूसरी 24 मार्च की है।
पायलट रोहन की मां निवेदिता भसीन ने ट्विटर पर लिखा, ‘प्लेस्कूल में प्रवेश के दौरान Teacher ने मेरे बेटे से उसका नाम पूछा था। उसने तुरंत कहा कैप्टन रोहन भसीन और उस वक्त उसकी आयु केवल 3 साल थी। आज वही टीचर दिल्ली से शिकागो जा रही थीं तभी उसको वो पायलट मिला जो रियल में कैप्टन बन गया है।’
During Playschool admission, the teacher asked my son his name.
Nonchalantly he answered, "Capt Rohan Bhasin".
And he was just 3.And today, the same teacher was enroute to Chicago.
And he was indeed the Captain. 🤗👨✈️#StudentTeacherReunion❤️ pic.twitter.com/nGAqZSKUnF— Nivedita Bhasin (@nivedita_bhasin) March 24, 2019
पायलट रोहन के आसमान छूने का सपना खानदानी है। रोहन के दादा कैप्टन जय देव भसीन देश के उन 7 पायलटों में से एक थे जो 1954 में कमांडर पोस्ट पर थे। पायलट रोहन के माता-पिता भी इंडियन एयरलाइंस से जुड़े हुए हैं और एयर इंडिया का एआई बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाते हैं।
रोहन ने अपनी पायलट की प्रशिक्षण 12वीं से प्रारम्भ कर दिया था और अपना इन-एयर एक्सपीरियंस को-पायलट के रूप पर 2007 में प्रारम्भ किया था। रोहन से मिलकर टीचर बहुत खुश हुई।



