
Delhi: हमने इस पृथ्वी पर पाए जाने वाले हर जीव तथा पौधे के विषय मे अलग अलग विशेषताओं को सुना है। जेसे हमने सुना है कि ऊंट जेसा जीव जो रेगिस्तान मे रहता है। वह पानी ना मिलने की वजह से अपने पीठ मे पाए जाने वाले कूबड़ मे कई लीटर पानी को जमा करके रखना है। ताकि पानी ना मिलने पर वह रेगिस्तान मे अपना आसानी से जीवनयापन कर सके।
एक ऐसा पेड़ जो कई लिटर पानी स्टोर करके रखता है
लेकिन आज हम किसी जीव नहीं ब्लकि एक पौधे के बारे मे विशेषता बताने जा रहे है। हम जिस पौधे के बारे मे बात करने जा रहे हैं उसके बारे में अपने जीवन मे कभी नहीं सुना होगा। आज हम बात करने वाले है एक पेड़ की। जो अपनी तने पर हजारों में नहीं, ब्लकि लाखों लीटर में पानी जमा करके रखता है। जी हाँ यह पूरी तरह से सच है। इस दुनिया मै एक ऐसा पेड़ पाया जाता है। जो अपने तने के अंदर 1.2 लाख लीटर तक का पानी जमा करके रख सकता है।
पेड़ जिसे अलग अलग नाम से जाना जाता है
हम जिस पेड़ की बात कर रहे उस पेड़ को बाओबाब नाम से जानते है। इस पेड़ को हम हिंदी में ‘गोरक्षी’ नाम से जानते है। साथ ही इस पेड़ का वैज्ञानिक नाम एडंसनिया डिजिटाटा भी है। लोग तरह तरह के नाम से इसे जानते हैं जेसे ‘बॉब’, इनवर्टेड ट्री, बोबोआ, ‘बॉटल ट्री’ इत्यादि। इस पेड़ को अरबी में ‘बू-हिबाब’ के नाम से भी जाना जाता है। बु हिबाब का अर्थ होता है, ऐसा पेड़ जिसमें कई बीज होते है। अफ्रीका में इसी पेड़ को ‘द वर्ल्ड ट्री’ (The World Tree) कहा जाता है।
अनोखी विशेषता है इस पेड़ की
इस पेड़ की विशेषता मे इसका अनोखा रूप सबसे पहले आता है। जब आप इस अनोखे पेड़ को देखते है तो आपको देखने मैं ऐसा लगेगा कि इसकी जड़े ऊपर तथा इसका तना नीचे है। आपको बता दे कि बाओबाब के पेड़ (Baobab Tree) मैं सिर्फ 6 महीने पत्ते लगे होते हैं। इनके फ़ूलों की बात करे तो इसके फ़ूलों का कलर लाल, पीले तथा सफेद होता है। इनके फ़ूलों मैं पांच पंखुड़ियाँ होती हैं।
अफ्रीका में मिलता है यह अनोखा पेड़
बाओबाब के पेड़ों को लोग जीवन देने वाला पेड़ कहते है। इस पेड़ की प्रजाति अफ्रीका देश के शुष्क क्षेत्र में मिलती है। इसके पानी के खंभे का व्यास 9 मीटर और इसकी ऊचाई 18 मीटर होती है। यह पेड़ अपने तने में 1,17348 लिटर तक का पानी स्टोर करके रखता है।
इस पेड़ का नाम बाओबाब है।इसे हिन्दी में गोरक्षी कहते हैं।लगभग 30 मी.ऊंचे और 11 मी.चौड़े इस पेड़ की जड़े ऊपर और तना नीचे की ओर दिखता है।अरबी में इसे 'बु-हिबाब' कहते हैं।मेडागास्कर में स्थित कुछ बाओबाब वृक्ष बहुत ही पुराने हैं।यह पेड़ सवा लाख ली.पानी अपने तने में स्टोर कर लेते हैं। pic.twitter.com/YH46FhW1Mg
— Ashutosh Trivedi (@Ashutosh902168) December 3, 2021
अफ्रीकी देश (African Countries) मे पाया जाने वाला मेडागास्कर का ‘बाओबाब पेड़’ कई सदियों पुराना हैं। अफ्रीका में एफेट्टी शहर मे भी इसी प्रजाति का पेड़ है। लोग इस पेड़ को ‘टी-पॉट बाओबाब’ (Teapot Baobab) कहते है। यह पेड़ जिसे टी पॉट बाओबाब’ कहते है। यह पूरे 1200 साल पुराना है।
तने का आकार होता है बेलनाकार
आपको बता दे कि यह बाओबाब का पेड़ मेडागास्कर, अफ्रीकी देशों तथा ऑस्ट्रेलिया मिलने वाले पर्णपाती प्रजातियों के पेड़ जेसे हिबिस्कस, मैलो इनकी एक प्रजाति है। आपको बता दे कि मेडागास्कर में जो बाओबाब पेड़ की प्रजाति मिलती है। उसमें से 6 प्रजाति के तने अलग अलग रंग के होता है। जेसे ग्रे, ब्राउन से लेकर रेड तक। आपको बता दे कि इस पेड़ का तना ऊपर से लेकर नीचे तक आकार मैं बटन जेसे बेलनाकार शंकु के समान दिखाई देता है।
बाओबाब के पेड़ की उपयोगिता
आपको बता दे कि अफ्रीका में रहने वाले मूल निवासी बाओबाब पेड की प्रजाति का अधिक उपयोग करती है। इस पेड़ की पत्तियो को खाया जाता हैं। वही इसके बड़े गले वाले फल की बात करे तो इसका गुदा एक पेय पदार्थ बनाने मैं उपयोग किया जाता है। इस पेय का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है।
क्या आप को पता है बाओबाब का पेड़ अपने तने में 121 लीटर तक पानी जमा कर सकता है!#PlantTrees pic.twitter.com/HR8bARMRwm
— Ministry of Jal Shakti 🇮🇳 #AmritMahotsav (@MoJSDoWRRDGR) October 26, 2021
वही इसकी छाल की बात करे तो इससे प्राप्त रेशे को रस्सियाँ तथा कपड़े बनाने मैं प्रयोग किया जाता हैं। वही इसकी कई जगह में सांस्कृतिक तथा धार्मिक महत्व मै स्थान है। हालाकि पिछले लगभग 2 दशकों मे इन पेड़ों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव जलवायु परिवर्तन की वजह से पड़ा है।
आपको बता दे कि पहले इस प्रजाति के पेड़ जितने पाए जाते थे उसमें से 2005 के बाद गिरावट आई है। इनके 13 पुराने पेड़ों से 9 तथा बड़े पेड़ों की बात करे तो 6 बड़े पेड़ों से 5 बड़े पेड़ पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।



