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Patna/Bihar: लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चीन की हकतों के बाद भारत में जनता और व्यापारियों द्वारा चीनी सामान का बहिस्कार जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश से लोकल फॉर वोकल की अपील की थी। जिसके तहत देश की जनता को अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को बनाने और इस्तेमाल करने की तरफ ज़ोर देना है। इसके लिये सरकार ने बहुत सारी योजनाएं भी शुरू की है।
इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पर ‘वोकल फॉर लोकल’(Vocal For Local) कार्यक्रम के तहत खादी ग्रामोद्योग आयोग ने भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बिहार राज्य के 500 कुम्भारों को विशेष रूप से 5 दिनों का प्रशिक्षण देकर मिट्टी के कुकर बनवाये जाएंगे। इसके अलावा टेराकोटा के अन्य उत्पाद भी तैयार होंगे।
आपको बता दे की खादी भंडारों के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री देशभर में की जाएगी। यह भारतीय सामान बाज़ार में चीनी सामानों को टक्कर देकर परास्त भी करेंगे। खादी-ग्रामोद्योग आयोग के राज्य निदेशक वी एस बागुल का कहना है कि घरेलु उत्पादों की भारी डिमांड को देखते हुए आयोग ने इसे बढ़ावा देने का फैसला किया है।
इसके तहत टेराकोटा के उत्पादों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उसमें मिट्टी के कुकर की भारी डिमांड की जा रही है। मिट्टी का कुकर बिहार के सासाराम में समूह बनाकर तैयार किया जाएगा। कुकर के अलावा मिट्टी के अन्न बर्तन, कप और अन्न सामान भी बनवाये जायेंगे। राज्य के कुंभकार कुल्हड़ भी तैयार करेंगे। उन्हें रेलवे से जोड़कर मार्किट में उपलब्ध कराया जाएगा।
Bihar manufacturing pressure cooker.
बिहार में मिट्टी का बनाया हुआ प्रेशर कुकर 100% successful. #VocalForLocal यह देगा चीन को टक्कर pic.twitter.com/54TYAHzggk— sanatanpath (@sanatanpath) June 28, 2020
खबर मिली है की खादी-ग्रामोद्योग आयोग कुम्भारों और मिटटी में कारीगरों को मदत और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराएगा ताकि वे अधिक और उम्दा मिली के उत्पाद तैयार कर सकें। उन्हें मिट्टी के कुकर एवं अन्य बर्तनों को पकाने के लिए विशेष सामग्री प्रदान की जाएगी।
हाल ही में ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश से आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसका संकेत दे दिया है। अब चीन में बने झालर, लक्ष्मी गणेश, दिए व अगरबत्ती की जगह स्वदेशी सामान लेंगे। बात यहां तक सीमित नहीं है। हैंडलूम, इलेक्ट्रानिक्स गुड्स, इलेक्ट्रिकल सामान, आदि सामान का उत्पादन इतना बढ़ाया जाएगा, जिससे देश को इन सामानों को चीन से मंगाने की आवश्यकता न पड़े।
जानकारी के मुताबिक देश के सबसे बड़े शहर उत्तरप्रदेश से जहां के मुखिया योगी आदित्यनाथ नें पड़ोसी देश चीन से आने वाली झालरों, मूर्तियों, दीयों पर निर्भरता कम करने के लिए विशेष स्क्रीम पर काम स्टार्ट कर दिया है। इसके लिए जुलाई से अगस्त में माटी कला बोर्ड के कलाकारों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण देकर इसकी गहराइयों पर फोकस किया जायेगा।
मुख्यमंत्री योगी के आदेशों के बाद राज्य के कुम्भारों को मूर्तियां और दीपक बनाने के लिए जिस भी उपकरण की आवश्यकता होगी उनको मुफ्त में दिए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सुविधा वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ के कलाकारों को दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए शुक्रवार को उपर्युक्त तीनों जिलों के कलाकारों और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों की लखनऊ में बैठक हुई थी, जिसमे यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।



