Presentation Crap Image Taken From Social Media
Patna/Bihr: पहले चीन ने नेपाल को भारत के खिलाफ उकसाया और अब चीन की चालाकी में नेपाल पूर्ण रूप से फंस गया है। चीन के इशारों पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत के खिलाफ नक्शा वाली राजनिति में उलझे रहे और उधर चीन नेपाल को धोखा देते हुए उत्तरी गोरखा के रुई गांव पर कब्जा जमा लिया है। मीडिया में खबर आई है की नेपाली PM ओली ने इसी खबर को दबाने के लिए कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा का के मामले में जनता और मीडिया को उलझाए रखा था।
मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर आई है की नेपाल सरकार और वहां के एक्सपर्ट लोग कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण के चक्कर में उलझे हैं, जबकि गोरखा गांव के रुई में चीन के अतिक्रमण की खबरों को नेपाल की सरकार ने दबा दिया है। नेपाल के गोरखा का रुई गांव, अब चीन के कब्जे वाले क्षेत्र तिब्बत के अंतर्गत आ गया है।
इस खबर के बाद नेपाल सरकार और अफसरों की लापरवाही के चलते 72 घरों वाले इस गांव में चीन ने अपना कब्जा जमा लिया है। सबसे बड़ी बात यह है की यह चीन के कब्ज़े वाला रुई गांव (Rui Village Nepal) अभी भी नेपाल के नक़्शे में देखा जा सकता है, परन्तु रुई पर टोटल चीनी कण्ट्रोल है। रुई गांव में सीमा पर लगे खम्बो निकाल दिया गया है। नेपाल के कुछ लोग अभी दावा कर रहे है कि रुई गांव सहित क्षेत्र गोरखा का हिस्सा था और वहां के निवासी नेपाल सरकार को राजस्व जमा करते थे, और अब यह निवासी तिब्बती बन गए हैं।
Rui villagers still pay land revenue to Nepal pic.twitter.com/SzoMkv0xJh
— bijay mishra (@bkmshr) June 22, 2020
मीडिया में बतया गया है की नेपाली कार्यालय गोरखा के मुताबिक, कार्यालय के पास अभी भी रुई गांव के निवासियों से एकत्र किये गए टैक्स का रिकॉर्ड डाटा है। रुई भोट क्षेत्रों के निवासियों द्वारा भुगतान किए गए राजस्व का डाटा भूमि राजस्व कार्यालय में अभी भी दर्ज़ है। नेपाल की भूमि राजस्व कार्यालय गोरखा के एक सहायक कर्मचारी ने मीडिया में बताया की “कार्यालय के रिकॉर्ड अनुभाग में अथारा साया खोले से रुई भोट तक के लोगों द्वारा दिया हुआ राजस्व का रिकॉर्ड है।” यह सबसे बड़ा सबूत है की यह गांव नेपाल का ही है, जिस पर चीन के कब्ज़ा कर लिया है।
@NepaliTimes china ne rui goan par kabja kar liya hai aur sima pillar bhi hata diya hai ab kaha hai Nepal ki sarkar aur China ne to ab Everest par bhi dava kar diya hai aur Tibet Side tower bhi laga diya hai
— Adv. mahesh ginodia (@maheshginodia) June 22, 2020
जानकारों का कहना है की रुई गांव गोरखा जिले के उत्तरी भाग में था। रुई गांव नेपाल का हिस्सा है। नेपाल ने इस क्षेत्र को ना ही किसी युद्ध में खोया और न ही यह तिब्बत से किसी भी प्रकार का वास्ता रखता था। बल्कि पिलर को ठीक करने के समय में हुई लापरवाही के कारण नेपाल ने रुई और तेघा दोनों गांव खो दिए।
स्थानीय लोगो द्वारा मीडिया में बताया गया है की कुछ नेपाली अफसरों ने चालाकी से 35 नंबर पिलर को समदो और रुई गांव के बीच की सीमा बना दिया, जिससे पूरा गांव चीनी कब्ज़े में आ गया। साम गांव, सामडो और रुई की भाषा, परंपराएं, संस्कृति और रीती रिवाज़ एक सामान ही है। स्थानीय किस्से के अनुसार बहुत लोग जो तिब्बत में शामिल होना नहीं चाहते थे, वे भागकर समदो आ गए।
KP Oli's government highlighted the border issues with India, but the situation in the northern border with the Tibet side of Nepal is very bad. pic.twitter.com/x9ViidxV8z
— महिमामंडन (@mahimapandey60) June 22, 2020
User said that KP Oli’s government highlighted the border issues with India, but the situation in the northern border with the Tibet side of Nepal is very bad. According to historian Ramesh Dhungel, Nepal lost both Rui and Tegha villages due to negligence at the time of fixing the pillar.
कब्ज़े वाले क्षेत्र से भाग कर नेपाल आये लोग 1000-1200 साल पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेजों साथ लेकर आए थे। यहां पर उन्होंने एक गुंबा बनाया और उसकी प्रार्थना फिर से शुरू की। गुंबा में अभी भी मल्ल राजाओं के दो ऐतिहासिक देवता आदित्य मल्ल और पुण्य मल्ल के ऐतिहासिक तांबे के प्रमाण हैं। यह इस बात का सबूत है की यह लोग सच बता रहे है और चीन ने उनके क्षेत्र पर कब्ज़ा कर दिया है।



