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Delhi: अब भारत का तिरंगा और बुलंद होने जा रहा है। इस ग्रुप ने बनने के बाद भारत का डंका पूरे विश्व में बजाना तय है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ जो कदम उठाया है, उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने अब पूरे विश्व के सबसे ताकतवर 7 देशों के संगठन G-7 को ख़त्म कर इसके स्थान पर G-11 समूह बनाने का फैसला किया है।
अब इस नए ग्रुप में शामिल होने के लिए ट्रम्प ने भारत के अलावा रूस, आस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को न्योता दिया है। चीन के साथ सीमा विवाद में जूझ रहे भारत को यह फैसला करना होगा कि सितंबर, 2020 में बुलाई गई इस बैठक में शामिल होना है या नहीं। न्यूज़ एजेंसी न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस मीटिंग में सभी देश एकजुट होकर चीन के साथ भविष्य के रिश्तों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे।
The #UK and #Canada have opposed #Russia's return to the G7, deepening a rift over #US President #DonaldTrump's wish for #Moscow to rejoin the group of the world's wealthiest nations. pic.twitter.com/Z8cQvUGwCd
— IANS (@ians_india) June 2, 2020
आपको बना दे की इससे पहले खबर आई थी की अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत का साथ एक बार फिर दिया। अमेरिका के कैंप डेविड शहर में होने वाली G7 समिट को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अभी टालने की बात कही थी। डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि अगले महीने होने वाली G7 समिट को वह फिलहाल टाल रहे है।
डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार यह G7 ग्रुप हालिया वक़्त के मुकाबले अब पुराना हो गया है। आगे ट्रम्प ने बताया कि वह G7 समिट में भारत, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया और रूस को शामिल करना चाहते है। विदेशी मीडिया के मुताबिक अगले सत्र तक इन देशो को G7 में शामिल कर ग्रुप ऑफ़ सेवन को ग्रुप 10 या 11 करने की पूरी संभावना जताई थी, जो आज सच साबित होते हुए G11 हो गई है।
India becoming more Strong.
US President @realDonaldTrump ( @POTUS ) has announced the expansion of the Group of Seven, saying G7 is a very outdated group.
Now, He wants INDIA to be part of along with other six big counties and want to name the grouping G10 or G11. pic.twitter.com/ww0K0hnPdt
— 𝑺𝒖𝒏𝒊𝒍 𝑹𝒆𝒅𝒅𝒚 🇮🇳 (@GSRBJP) June 1, 2020
विदेशी मीडिया के मुताबिक G7 में भारत व अन्य देशो को शामिल करने से चीन के खिलाफ एक जुट होकर फैसले लिए जाने में मदत मिलेगी। आपको बता दे की रूस को ग्रुप ऑफ़ सेवन में साल 1997 को शामिल किया गया था, किन्तु यूक्रैन से क्रीमिया को छीनने के बाद 2014 में उसे सभी देशो ने एक साथ आकर G7 से बाहर कर दिया था। अब एक बार फिर रूस को शामिल किया जा रहा है। जून में होने वाली 46 th समिट अमरीका के कैंप डेविड में होनी थी, जिसे सितम्बर तक राष्ट्रपति ट्रम्प ने टालने का फैसला लिया, जो अब सितंबर 2020 में होगी।
जानकारी हो की G7 ग्रुप में अमेरिका, ब्रिटैन, जापान, कनाडा, इटली, फ्रांस और जर्मनी शामिल है, जो अपने आप में आर्थिक दृष्टि से संपन्न देशो में देखे जाते है। G7 में भारत के आने से भारत की अंतर्राष्ट्रीय ताकत और वर्चस्व बढ़ेगा है और सिक्योरिटी कौंसिल में स्थाई सीट पर भी उसका दावा और मज़बूत हो जायेगा।
Trump postpones G7 summit, seeks to add countries to invitation list
Australia, Russia, South Korea & India@TheOliveKnife @DrGPradhanFC— 𝗦𝗮𝗻𝗱𝗲𝗲𝗽 𝗣𝗮𝘁𝗲𝗹 🇮🇳 (@sandeeppatel544) May 31, 2020
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने G-7 में शामिल देशों की लिस्ट को बढ़ाने का भी इरादा जताया है। उनकी नई लिस्ट में भारत भी शामिल हो रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का paksh lete हुए कहा था कि वह भारत और रूस जैसे देशों को शामिल करना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा था कि मुझे नहीं लगता कि दुनिया में जो चल रहा है, G7 उसकी राह पर सही काम कर रहा है, यह देशों का बहुत ही पुराना समूह हो गया है। उन्होंने कहा था कि वह इसके लिए रूस, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों को इसमें शामिल करना चाहते हैं। इससे आगे भविष्य में सही निर्णय ले सके।




