एक 70 साल की बूढ़ी माँ को बेटे ने घर से निकाला, तो सोनू सूद ने बेटा बनके अपनाया: VIDEO

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Image Credits: Crap Image Of Youtube Video (Mojo Story)

Mumbai/Maharashtra: कोरोना लॉक डाउन के इस संकट में प्रवासी मज़दूरों को उनके गाँव और घर भेजने के लिए सोनू सूद ने जो अभियान चलाया और अभी भी लगातार इस मुहीम को अंजाम दे रहे हैं। उनके इस प्रयास से हजारों प्रवासी श्रमिक मुंबई से अपने अपने घर पहुंच पाएं हैं। सोनू सूद के इस काम की सभी तारीफ कर रहे है और सोशल मीडिया पर लोग उनके इस प्रयास को सलाम कर रहे हैं।

सोनू ने अपनी दम पर मुंबई में फंसे 15000 प्रवासी लोगों को उनके घर भेज कर उनके परिवार वालों से मिलवाने का अनमोल काम किया है। सोनू सूद प्रवासी मज़दूरों और जरूरतमंदों के लिए फरिश्ता बनकर आ गए हैं। सोनू सूद लगातार प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने का अनमोल काम कर रहे हैं। अब तक वह हजारों प्रवारी मजदूरों के उनके घर पहुंचा चुके हैं।

अब तो आलम यह हो गया है की देश के कोने कोने से जो भी सोनू सूद से मदद के लिए सन्देश भेज रहा है या ट्वीट कर रहा है, सोनू सूद और उनकी टीम उसका रिप्लाई दे रहे हैं और उनकी हर संभव सहायता भी कर रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा कि हम हमारे उन मजदूरों को जिन्होंने हमारे घर और ऑफिस बनाए हैं। उन्हें ऐसे सड़कों पर नहीं छोड़ सकते। आज पूरा देश सोनू सूद को सलाम कर रहा है।

यह किस्सा एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीलावती केदारनाथ दुबे का है। खबर के अनुसार इस बुजुर्ग महिला का एक बेटा दिल्ली में रहता है और दूसरा बेटा मुम्बई में। जब एक बेटा बीमार हो गया तो दूसरे बेटे ने माँ को मुम्बई भाई के पास भेज दिया। अब जब बीमार बेटा ठीक हुआ, तो उसने माँ को घर से निकाल दिया। अब माँ किसी भी हालत में दिल्ली अपने पहले वाले बेटे के पास लौट जाना चाहती हैं।

A user tweet to Sonu Sood that sir please have a look at this video of a lady who is thrown out by her son for whom she came from Delhi to Mumbai. Please Sir I am requesting you drop her somewhere she can be safe, because her son from Delhi doesn’t allow her to enter the home.

परन्तु कोरोना लॉक डाउन के चलते दिल्ली जाने के लिये ट्रेन ही नहीं है। अब वे भीख मांग कर स्टेशन में जीवन यापन कर रही थी और दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी। इस पूरी घटना की खबर जैसे ही सोनू सूद को मिली वे बांद्रा स्टेशन पहुंच गये और इस मां का सहारा बन गये। इस बुजुर्ग माँ के तीन बेटे और 2 बेटी हैं, लेकिन कोई उन्हे साथ रखने के लिये तैयार नहीं था। अब सोनू सूद (Sonu Sood) इस माँ की मदत को आगे आये है।

आपको बता दे की इस टोल फ्री नंबर के बारे में सोनू ने एक मीडिया एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा की मेरे पास रोज हजारों कॉल्स आ रहे थे। मेरे परिवार और दोस्त सारा डाटा इकट्‌ठा कर रहे थे, तब हमने देखा कि ऐसे कई लोग हैं, जो हम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसलिए हमने कॉल सेंटर खोलने का सोचा, यह टोल फ्री नंबर है। हमारे पास एक टीम है, जो अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हमें नहीं पता हम कितनों की मदद कर पाएंगे, लेकिन हम कोशिश करेंगे।

एक यूजर का कहना है की आज की डेट में भारत के लोग हैरान है की फ़िल्मी परदे पर विलेन बनने वाला अभिनेता असली ज़िन्दगी में हीरो निकला। इस बात को पूरी तरह से साबित किया है बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने। आज सारा विश्व कोरोना वायरस महामारी के कहर की चपेट में है, तो ऐसे में सोनू सूद प्रवासी मज़दूरों और जरूरतमंदों के लिए फरिश्ता बनकर आ गए हैं।

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