CM Yogi Presentation Image Credits: IANS
Lucknow/Uttar Pradesh: कोरोना संकट के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश की जनता को dhyaan में रखते हुए कई अहम् फैसले ले रही हैं। अभी योगी सरकार ने लगभग 1.80 करोड़ बच्चों को लॉकडाउन की अवधि और गर्मी की छुट्टियों के मिड डे मील का अनाज उपलब्ध करवाने का फैसला किया है। इसके अलावा योगी सरकार की ओर से अभिभावकों के बैंक खाते में 1000 रुपए डालने की भी योजना है। ये सुविधा उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कन्वर्जेंस कास्ट के ज़रिए प्रादाव की जाएगी।
मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिए है, जिसके तहत क्लास 1 से 5 तक के बच्चों को 100 ग्राम अनाज रोज़ और 4.97 रुपए प्रतिदिन मिलेगा। इसके अलावा क्लास 6-8 तक के बच्चों को 150 ग्राम अनाज रोज़ और 7.45 रुपए प्रतिदिन मिलेगा। आपको बता दे की पुछले शैक्षिक सत्र में कन्वर्जन कॉस्ट प्राइमरी के लिए 4.48 और जूनियर में 6.71 रुपए दिए जाते थे।
एक आंकड़े के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में कुल 1,23,14,652 प्राथमिक और 57,05,194 जूनियर बच्चें सरकारी स्कूल में है। इसी आंकलन से सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे 1.80 करोड़ बच्चों को इस सुविधा का फायदा प्राप्त होगा। मीडिया में बताया गया है की यह धनराशि RTGS के ज़रिये छात्रों के अभिभावकों के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। जिसके लिए सभी प्रधानाचार्य और शिक्षकों को डाटा जुटाने आदेश दिया गया है।
खबर #UttarPradesh से : सरकारी स्कूलों के 1.80 करोड़ छात्रों को घर में मिलेगा का #rationkits, 1000 रुपए अभिभावकों को दिए जाएंगे @myogiadityanath @UPGovt pic.twitter.com/EHICzQmXPk
— JioNews (@JioNews) May 30, 2020
इसके लिए सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को वाउचर जारी किया जाएगा, जिसमें स्कूल, स्टूडेंट्स का नाम, पंजीयन संख्या, क्लास व खाद्य सामान की मात्रा और अन्न जानकारी दी जावेगी। इसके अंतर्गत सोशल डिस्टेंसिग का पूरा पालन करते हुए स्कूल प्रिंसीपल अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर खाद्य सामान, अनाज और बैंक अकाउंट से संबंधित जानकारी लेंगे।
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योगी सरकार का बड़ा फैसला : प्रदेश के सरकारी स्कूलों के करीब 1.80 करोड़ बच्चों को उनके घर तक मिडडेमील का राशन दिया जाएगा,और अभिभावकों के खाते में 1000 रुपए डालने की भी तैयारी की है@myogiadityanath @CMOfficeUP pic.twitter.com/G9GCWgiKZu— RNI NEWS (@rninational) May 30, 2020
इसके अलावा UP सरकार किसानों को लेकर भी गंभीर है। लॉकडाउन के बीच उन्होंने किसानों से गेहूं खरीद का असरदार तरीका निकाला है। 52 फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी (एफपीसी) के माध्यम से प्रदेश सरकार गेहूं खरीदने के लिए किसानों के खेतों तक पहुंची, ऐसी व्यवस्था प्रदेश में पहली बार की गई है। योगी सरकार ने किसानों से गेहूं खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की है। इसके तहत किसान अपनी सुविधानुसार तारीख और समय का टोकन प्राप्त कर रहे हैं और ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से अब तक कुल 289.79 लाख क्विंटल गेहूं खरीद चुकी है। जिसमें से 2613 किसानों से 180745.5979 क्विंटल गेहूं की खरीद एफपीसी के ज़रिये की गई है। इसके साथ किसानों की सुविधा के लिए इन एफपीसी ने प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में 134 सेंटर भी स्थापित किए हैं। इसमें 2 से 3 गांवों के 1000 तक प्रगतिशील किसानों को जोड़कर एक कम्पनी बनाई जाती है, जिसे फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी कहते हैं।
फिर इसके ज़रिये किसानों को सामूहिक और कॉमर्शियल खेती की ओर प्रेरित किया जाता है। इसमें किसानों को उनकी योग्यता के अनुसार खेती, पशुपालन और मछली पालन के कार्यों में लगाया जाता है। अपने मुनाफे की जितनी हिस्सेदारी किसान इसमें देते हैं, उतना ही सहयोग भारत सरकार भी करती है। इससे किसानों को मण्डियों में नहीं जाना होता है और खेत से ही उनकी फसल बिक जाती है। इसे समय भी बचता है। यह प्रयास सफल हो रहा है।
भारत सरकार के पोर्टल पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के ज़रिये UP की योगी सरकार किसानों की उपज की खरीद कर रही है। जिससे किसानों से रोज़ 6 से 7 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। इस पोर्टल के ज़रिये सारी जांच के बाद सही पाए गए किसानों के अकाउंट में पैसा पहुंच रहा है। इसके जरिए प्रदेश सरकार अब तक 4 लाख 18 हजार 155 किसानों से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी ली है। अब तक के डाटा के मुताबिक़ किसानों का 3594 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।





