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Ayodhya/Uttar Pradesh: कोरोना महमारी से देश में बचाने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान सभी सीमाएं सील कर दी गई। देश में सभी मंदिर और धार्मिक स्थल पहले वाले लॉकडाउन से अब तक बंद हैं। परन्तु इस लॉकडाउन के दौरान भी अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट को छप्पर फाड़कर दान मिल रहा है।
यह दान और रुपये विभिन्न दानदाताओं द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए बनाये गए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में जमा कराए गए हैं। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मीडिया को बताया कि पैसे की कमी के चलते राम मंदिर निर्माण में कोई बाधा उत्पन्न न हो और भव्य और ऊंचा राम मंदिर का निर्माण हो सके, भक्तों के यही प्रयास है। इस चाह में राम भक्त लगातार दान दे रहे है। राम मंदिर निर्माण के लिए लॉकडाउन के दौरान ही 4 करोड़ 60 लाख रुपये का दान ट्रस्ट को मिला है।
सत्येंद्र दास ने कहा कि भगवान राम को 27 साल तक तिरपाल में निवास करना पड़ा था. आज भी भगवान् राम लकड़ी के टेम्परेरी मंदिर में हैं, जो तिरपाल से कुछ हद तक तो ठीक ही है। उन्होंने कहा कि अब काफी स्थिति ठीक हो गया है, परन्तु रामलला के लिए भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण हो, अब भक्तों की यही मांग है। सरकार भी कह चुकी है कि भव्य राम मंदिर जल्द से जल्द बने।
उन्होंने मीडिया में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के खाते में दान की राशि लगातार आ रही है। ज्ञात हो की राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार से मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने को कहा था। कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन कर दिया था।
इससे पहले खबर आई थी की भारत की केंद्र सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” (Ram Mandir Trust) को दान अर्थात डोनेशन देने वालों को इनकम टैक्स में छूट देने का फैसला किया था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की थी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) को डोनेशन और फंडिंग देने वालों को इनकम टैक्स कानून की धारा 80 G के तहत कुछ छूट दी जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को ऐतिहासिक महत्व का स्थान और सार्वजनिक पूजन स्थल की श्रेणी में रखा है। इससे चंदा देने वालो को वित्त वर्ष 2020-21 से इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।
जानकारी हो कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष 9 नवंबर को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 67 एकड़ भूमि हिंदू पक्ष को सौंप दी थी। जबकि सरकार से मस्जिद निर्माण के लिए मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही किसी महत्वपूर्ण स्थान पर 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 8 फरवरी को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनने के बाद से ही अयोध्या राम मंदिर बनने के काम में गति देखो गई है। कई फैसले भी लिए गए है। इससे पहले ट्रस्ट ने जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट और ट्विटर अकाउंट लॉन्च करने की बात कही थी। इसी के साथ फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ट्रस्ट साइबर सिक्यॉरिटी एजेंसी से करार भी कर रहा था। आपको जानकारी हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का फर्जी ट्विटर अकाउंट और वेबसाइट बनाकर लोगों से चंदा मांगने का मामला सामने आया था। फिर ट्रस्ट ने एक ऑफिसियल वेबसाइट बनवाई थी।







