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Bhopal/Madhya Pradesh: दुनिया में कुछ देश बहुत ही खूबसूरत है। इस देशों में सबसे रोचक यहाँ के कनून और नियन भी होते हैं। कुछ देश में अपने अजीब कानून और संस्कृति के लिए भी जाने जाते हैं। जैसा की आप जानते ही होंगे की इस दुनिया में 56 देश खुद को इस्लामिक मुल्क घोषित कर चुके है। इस देशो में मुस्लिम रीती रिवाज चलते हैं। कई देशों में बहुत ही फेमस और खूबसूरत मस्जित है, जहाँ पूरी दुनिया से लोग आते हैं।
इसके विपरीत दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहां कुछ मुस्लिम तो निवास करते हैं, लेकिन परन्तु वहां किसी प्रकार की मस्जिद नहीं है और कोई मस्जिद बनाने की इजाजत भी नहीं है। यह जानकारी जरूर आपको हैरान कर देगी, परन्तु यह सच है की स्लोवाकिया नामक देश में कोई मस्जिद नहीं है।
आपको बता दें की स्लोवाकिया (Slovakia) देश यूरोप में स्थित एक छोटा सा देश है। यहां की राजधानी ब्रातिसिओवा है। यह देश 49,000 स्क्वायर किलोमीटर्स में फैला है। स्लोवाकिया की कुल आबादी 56 लाख के करीब है। जिसमे से यहाँ 5000 के लगभग मुस्लिमों की आबादी साल 2000 में दर्ज़ की गई थी। फिर भी 5000 की आबादी को इनकी इबादत करने के लिए कोई मस्जित नहीं है।
स्लोवाकिया के बारे में रोचक तथ्य
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस स्थान पर कुछ तुर्क और उइगर मुस्लिम 17वीं शताब्दी में आकर बसे थे, जो स्लोवाकिया के मध्य और दक्षिण भाग में निवास करने लगे थे। उससे पहले यह देश यूगोस्लाविया के नाम से जाना जाता था। फिर यह देश टूटकर 3 छोटे देश बने, जो की स्लोवाकिया बोस्निया और अल्बानिया नाम से जाने गए।
Alovakia Country Is Very Beautiful and Surrounded by Mountains pic.twitter.com/nKgiLlDV83
— Ek Number News (@EkNumberNews) May 11, 2020
स्लोवाकिया के बारे में आपको हैरान करने वाली बात यह लगेगी की स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन (EU) का सदस्य देश है। यह सबसे अंतिम में यूरोपीय यूनियन का सदस्य बना था। इस देश में मस्जिद नहीं बनने देने से कई बार आवाज़ उठी है। आपको बता दें की साल 2000 में स्लोवाकिया की राजधानी Bratislava में एक इस्लामिक सेंटर बनाने पर बहुत विवाद हुआ थ। इसके बाद ब्रातिसिओवा के मेयर ने स्लोवाक इस्लामिक वक्फ फाउंडेशन के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
स्लोवाकिया ने मुस्लिम शरणार्थियों को नहीं आने दिया था
आपको बता दें की साल 2015 में जब मिडिल ईस्ट में गृह रुद्ध के चलते यूरोप के सामने मुस्लिम शरणार्थियों का मामला गरमाया, तब स्लोवािकिया ने केवल 200 ईसाइयों को अपने देश में शरण दी थी। इस स्थिति में स्लोवािकिया की सरकार ने मुस्लिमों को शरण देने से साफ़ मना कर दिया था।
उस समय ही यह मामला दुनिया के सामने आया था की यहाँ कोई मस्जित नहीं है। उस वक़्त मुस्लिम शरणार्थियों को शरण ना देने पर स्लोवाकिया के विदेश मंत्रालय ने अपने इस निर्णय पर जवाब दिया था कि उनके यहां मुस्लिमों के इबादत के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं है और ऐसा होने पर वे मुस्लिमों को शरण देने पर उनके देश में कई दिक्कत आ सकती है। इसके बाद यूरोपीय यूनियन ने इस देश के निर्णय की आलोचना भी की थी।
स्लोवाकिया देश यूरोप में स्थित एक बेहद ही खूबसूरत देश है। यहां मस्जित बनाने की इजाज़त नही है। pic.twitter.com/mlwDoOv2so
— Ek Number News (@EkNumberNews) May 11, 2020
स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिसिओवा के बाहरी इलाके कोरदोबा में एक इस्लामिक सेंटर जरूर है जहां मुस्लिम लोग अपनी इबादत करते हैं। यही पूरे देश में एक मात्र ऐसी जगह है। परन्तु यह कोई मस्जित नहीं है। इसे इस देश में गैर आधिकारिक मस्जिद कहा जाता है। यह बहुत छोटी है, यहां 100 लोगो से ज्यादा लोग इकठा नहीं हो सकते हैं।
स्लोवाकिया ने 30 नवंबर 2016 को एक कानून पास किया
आपको बता दे की स्लोवाकिया ने 30 नवंबर 2016 को एक कानून पास किया था। इस नए कानून के अंतर्गत इस्लाम को आधिकारिक धर्म का दर्जा देने पर रोक लगाई गई थी। इसका सीधा मतलब है की इस्लाम को स्लोवाकिया में एक धर्म के तौर पर नहीं माना जाएगा। स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन का एक लौटा ऐसा देश है, जहां कोई मस्जिद नहीं बनी है और बनाने की इजाजत भी नहीं है।
Celebrating 16yrs since Slovakia joined #EU. Proud member of community of values of freedom, democracy and rule of law. EU membership has made us stronger and prosperous. The current crisis can only be overcome if we keep our unity and solidarity rock-solid. We will do our share. pic.twitter.com/dr0YZB31Cc
— Zuzana Čaputová (@ZuzanaCaputova) May 1, 2020
स्लोवाक की संसद में यह प्रस्ताव स्लोवाक नेशनल पार्टी की तरफ से पेश किया गया था। इस कानून के बनने के बाद स्लोवाकिया में इस्लाम असंवैधानिक हो गया अर्थात गैर कानूनी धर्म हो गया। इसमें कहा गया था कि किसी भी धर्म को औपचारिक रूप से उस समय मान्यता प्राप्त हो सकती है, जब उस धर्म को मानने वालों की संख्या देश में कम से कम 50 हजार हो। मतलब 5000 मुस्लमान होने पर इस देश में इस्लाम को धर्म का दर्ज़ा नहीं है।
कानून को बनाने के पीछे का कारण भी गरमाया था
परन्तु इस कानून के बनाने की वजह की सच्चाई कुछ और ही थी, इस कानून को बनाने के पीछे का कारण यूरोप में कुछ वर्षों में कौमी कट्टरपंथ और अलगाववाद ने जिस तेजी से पैर पसारे थे, उसको लेकर पूरा यूरोप परेशान था और अभी भी है। उनको लगा कि इन सब के पीछे के कारन को ही सोल्व कर दिया जाये। स्लोवाक नेशनल पार्टी के नेता आंदरेज दान्को के बयान से भी इस बात की पुष्टि होती हुई थी। इस काननू को लेकर उनका कहना था कि भविष्य में किसी भी ऐसे निर्माण को रोकने और ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण करने के लिए प्रभावी कदम उठाये जायेंगे।
Slovakia on Muslim migrant influx: “We are not prepared to suffer the consequences of the mistakes of others” https://t.co/QQQK53Mkbu pic.twitter.com/eo2bRI83Nf
— Robert Spencer روبرت سبنسر रॉबर्ट स्पेंसर 🇺🇸 (@jihadwatchRS) July 1, 2018
इस खबर को जानकर कुछ भारतीय यह सवाल अपने ही देश की सरकार से करने लगे की ऐसे सख्त कदम भारत की सरकार क्यों नहीं उठाई है। आज भारत में कोरोना के फैलाव का कारण तब्लीग़ी जमात मरकज को बताया जा रहा है। कुछ लोगो का कहता है की अगर ये जमात मरकज देश में नहीं होती, तो कोरोना इतना नहीं फैलता। हालाँकि हमारी टीम ने ऐसे सवाल करने वाले पाठक को समझाया की हमारे देश में ऐसा होना मुमकिन नहीं है। हर पाठक अपने विचार और व्यूज देने के लिए वैसे तो स्वतंत्र है।



